कर्जमाफी और प्रोत्साहन निधि पर पुनर्विचार की मांग तेज
राजस्व मंत्री से मिले किसान प्रतिनिधि, पात्र किसानों को लाभ देने की उठी मांग

अमरावती /दि.28- कर्जमाफी और प्रोत्साहन निधि से जुड़े मुद्दों को लेकर किसान प्रतिनिधिमंडल ने महसूल मंत्री से मुलाकात कर महत्वपूर्ण मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि किसानों की भावनाएं सीधे सरकार तक पहुंचना जरूरी है और इसके लिए संवाद का रास्ता अपनाया गया है. प्रतिनिधियों ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले कर्जमाफी योजना के तहत कई पात्र किसान अब भी लाभ से वंचित हैं. उच्च न्यायालय द्वारा पात्र घोषित किए जाने के बावजूद कुछ किसानों को भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे अभी भी बकायेदार की श्रेणी में हैं.
इस समय राजस्व मंत्री बावनकुले के समक्ष किसानों ने प्रोत्साहन निधि की अवधि बढ़ाने की भी मांग की. उनका कहना है कि केवल 2022-23 से 2024-25 तक के नियमित ऋण चुकाने वालों तक योजना सीमित रखना उचित नहीं है, बल्कि हाल के वर्षों में नुकसान झेलने वाले किसानों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए. प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि पिछली समस्याओं के समाधान में देरी के कारण किसानों का सरकार पर भरोसा कमजोर हुआ है. ऐसे में इस बार ठोस निर्णय लेकर विश्वास बहाल करना आवश्यक है.
अंत में किसानों ने अपील की कि उनकी मांगें पूरी तरह किसानों के हित में हैं, इसलिए सरकार संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले और जल्द राहत प्रदान करे.





