शदाणी दरबार में मना सप्तम पातशाही संत राजाराम साहब जी का 66 वां वर्सी महोत्सव
श्रद्धापूर्वक हवन यज्ञ का आयोजन

अमरावती/दि.30– स्थानीय सिंधु नगर परिसर स्थित पूज्य शदाणी दरबार में सप्तम पातशाही अनंतश्री विभूषित संत राजाराम साहब जी का 66 वाँ पावन वार्सी महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है. तीन दिवसीय चलने वाले इस आध्यात्मिक समागम ने श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा.
महोत्सव का औपचारिक आगाज़ कल रविवार 29 मार्च को सुबह 10:30 बजे पंडित महेश शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया. इस अवसर पर एक भव्य हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ आहुतियां अर्पित कीं और विश्व शांति एवं जनकल्याण की कामना की. दरबार के सेवादारों के अनुसार, हवन के पश्चात सत्संग और भजन-कीर्तन का प्रवाह निरंतर जारी है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है.
महोत्सव के पहले दिन, यानी 30 मार्च को कार्यक्रम अपनी भव्यता के शिखर पर रहा. जब प्रातः 10:00 बजे शदाणी दरबार तीर्थ के वर्तमान पीठाधीश्वर पूज्य संत श्री डॉ. युधिष्ठिर लाल जी का दरबार में मंगल आगमन हुआ. इस अवसर पर संगत द्वारा पूज्य संत जी का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया. आगमन के पश्चात 12:00 बजे पारंपरिक रूप से ’झंडा वंदन’ (ध्वजारोहण) की रस्म अदा की गई. वहीं शाम को पवित्र धर्म ग्रंथों के पाठ साहिब का विधिवत आरंभ हुआ. इसके उपरांत रात्रि में विशेष भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें कलाकार प्रभु महिमा का गुणगान करेंगे.
बता दें कि, इस 66 वें वर्सी महोत्सव में सम्मिलित होने के लिए केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि देशभर से श्रद्धालु अमरावती पहुँच रहे हैं. मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, नागपुर, जलगांव, भोपाल, धुले, जालना और दिल्ली इंदौर जैसे शहरों से बड़ी संख्या में संगत इस महोत्सव का हिस्सा बनने और संतों का आशीर्वाद लेने के लिए दरबार पहुँच रही है. दरबार प्रबंधन द्वारा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और लंगर (प्रसाद) की व्यापक व्यवस्था की गई है. महोत्सव को लेकर सेवादारों और स्थानीय भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.





