एट्रॉसीटी मामलों में मृतकों के वारिसों को नौकरी देने की मांग तेज
अमरावती के 14 पात्र वारिसों को नियुक्ति देने की उठी मांग

* भीमशक्ति संगठन ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.30 – अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार मामलों में मृतकों के वारिसों को सरकारी नौकरी देने के मुद्दे पर अमरावती में मांग तेज हो गई है. भीमशक्ति संगठन ने जिले के 14 पात्र वारिसों को तत्काल सरकारी नौकरी के आदेश जारी करने की मांग प्रशासन से की है.
भीमशक्ति संगठन के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत मृत्यु के मामलों में मृतक के परिवार के एक पात्र सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने का निर्णय 20 नवंबर 2025 को जारी किया है. इस निर्णय के तहत एफआईआर दर्ज होने के 90 दिनों के भीतर या आरोपपत्र दाखिल होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान है.
इस बारे में जानकारी देते हुए भीमशक्ति संगठन के अध्यक्ष पंकज ललित मेश्राम ने बताया कि वर्ष 2011 से 2025 के बीच राज्य में अत्याचार से जुड़ी 889 मौतों के मामलों में वारिसों को नौकरी देने की कार्यप्रणाली तय की गई है. अमरावती जिले में ऐसे 31 प्रस्ताव प्रस्तुत हुए, जिनमें से 14 वारिस पात्र पाए गए हैं. इन सभी पात्र वारिसों को गट ‘क’ और गट ‘ड’ श्रेणी के पदों-जैसे लिपिक, शिपाई, सहायक या अन्य समकक्ष पदों-पर तत्काल नियुक्ति दी जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और अत्याचार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हो. इस संबंध में संगठन ने राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री, जिले के पालकमंत्री, जिलाधिकारी तथा सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों को निवेदन सौंपा है.
इसके साथ ही संगठन के अध्यक्ष पंकज ललित मेश्राम ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शासन के निर्णय का पालन करते हुए पात्र वारिसों को जल्द से जल्द नियुक्ति देकर न्याय सुनिश्चित किया जाए.





