जिला कोषागार अधिकारी शिल्पा पवार का कहना
वित्त वर्ष के आखिरी दिन 723 बिलों का भुगतान

* पूरे वर्ष में एक खरब, 7 अरब, 85 करोड का आवंटन
* डिजिटाइजेशन ने की सुविधा किंतु रखना पडता है सावधानी
* अमरावती के 615 शासकीय कार्यालयों की स्टॉफ की तनख्वाह और योजनाओं का खर्च
अमरावती/दि.31 – वित्त वर्ष समाप्ति का पहले बडा भार अथवा तनाव महसूस होता था. किंतु डिजिटाइजेशन ने भार काफी हद तक कम किया है. सुविधा हो गई है. सावधानी रखनी पडती है. वित्त वर्ष के अंतिम दिनों में सचमुच कहावत के अनुसार सांस लेने की भी फुरसत नहीं रहती. आज ही अभी रात्रि 12 बजे तक विभिन्न शासकीय विभागों के बिल मंजूरी के लिए आएंगे और उनका भुगतान हमें करना हैं. करीब 723 बिलों का अब तक भुगतान आज के दिन किया गया है. यह जानकारी जिला कोषागार अधिकारी शिल्पा पवार ने दी. अमरावती मंडल से अपने अत्यंत व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर कुछ देर की चर्चा शिल्पा पवार ने की. उन्होंने बताया कि, वित्त वर्ष की बात करें, तो 1 खरब, 7 अरब, 85 करोड, 34 लाख, 93 हजार (1,07,85,34,93,713) से अधिक का भुगतान जिला कोषागार कार्यालय से किया गया है. यह निश्चित ही पिछले वर्ष से अधिक है. तुरंत भुगतान किया जाता है. फलस्वरुप विभागों के कामकाज भी तेजी से पूरे होते हैं.
* सर्वाधिक 527 करोड के बिल नियोजन के
कोषागार अधिकारी शिल्पा पवार ने बताया कि, इस वर्ष सर्वाधिक 527 करोड के बिल नियोजन विभाग के रहे. इसके अतिरिक्त जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त, डीपीडीसी, शिक्षा महकमे के सर्वाधिक बिल और भुगतान रहते आये हैं. उन्होंने कहा कि, फंड की कोई कमी नहीं रही. राज्य शासन से आने वाली राशि का फ्लो निरंतर रहने से बिलों का भुगतान जरुरी औपचारिकताएं पूर्ण करते ही सीधे संबंधित विभाग के खाते में कर दिया गया. पवार ने कहा कि, अब आदत हो गई है, इसलिए भुगतान के अरबों के आंकडे अब उन्हें उतना चौंकाते नहीं हैं.
* रात-दिन लगा रहता है स्टॉफ
शिल्पा पवार ने बताया कि, पूरे वर्ष की बात करें तो रोज 700-800 बिलों का भुगतान अवकाश को छोडकर ट्रेझरी से किया जाता है. वित्त वर्ष के अंतिम महीनों में कामकाज का भार स्वाभाविक रुप से बढ जाता है. हमारा स्टॉफ पिछले कुछ दिनों से निश्चित ही दिन-रात एक किये हुए हैं. डिजिटाइजेशन होने से अब केवल कोई तकनीकी फॉल्ट आने पर ही काम रुकता है. अन्यथा पटापट बिलों का भुगतान और फंड संबंधित विभाग के खाते में भेज दिया जाता है.
* टेंशन नहीं, पद भरे जाने चाहिए
ट्रेझरी ऑफिसर शिल्पा पवार ने एक महत्वपूर्ण, अर्जंट मिटींग से पहले कुछ समय अमरावती मंडल से बातचीत में यह भी कहा कि, काम का कोई वर्कलोड या टेंशन नहीं है. हमारे यहां 108 पद मंजूर है. किंतु 33 प्रतिशत पद रिक्त है. ऐसे में पदों की भर्ती हो जाये, तो कामकाज में और गति आयेगी. शिल्पा पवार ने बताया कि, 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन होने से इस वर्ष 755 करोड 86 लाख बिल आये थे. जिसका 10 हजार 785 करोड का भुगतान कर दिया गया है. निश्चित ही यह नया रिकॉर्ड है. उन्होंने बताया कि, अलग-अलग योजनाएं, शासकीय विभाग, डीपीडीसी और अन्य क्षेत्र की योजनाएं, स्टॉफ के पेमेंट ट्रेझरी से होते हैं. जिले में 615 कार्यालयों का भुगतान उनके कार्यालय से होने की जानकारी शिल्पा पवार ने दी.
* जिले के कार्यालयों की संख्या
अमरावती 323
अचलपुर 57
चांदूर रेल्वे 25
चिखलदरा 18
दर्यापुर 23
धामणगांव 14
वरुड 23
धारणी 38
मोर्शी 30
अंजनगांव 18
चांदूर बाजार 16
नांदगांव खंडेश्वर 16
तिवसा 14





