मनपा के बजट पर अधिकांश नगरसेवक संतुष्ट
मौजूदा हालात में स्वेच्छा वार्ड विकास निधि आवंटन पर भी समाधान

* एमआईएम ने कहा पश्चिमी क्षेत्र के लिए हो विशेष आवंटन
अमरावती/दि.31 – महापालिका सदन में सोमवार को स्वीकृत वर्ष 2026-27 के अर्थसंकल्प को लेकर अमरावती के अधिकांश नगरसेवकों ने संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि, मनपा ड श्रेणी की है. उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए शिक्षा हो या स्वास्थ्य अथवा नगरसेवकों की स्वेच्छा वार्ड विकास निधि सभी मामलों में आवंटन और प्रावधान उपयुक्त लग रहा है. स्वेच्छा निधि 40 लाख तक बढा दी गई है. इसे राउंड फिगर अर्थात 50 लाख कर दिया जाता, तो प्रत्येक प्रभाग को प्रतिवर्ष 2-2 करोड का फंड हो जाता और इससे वार्ड विकास के अनेकानेक कार्य निर्वाचित नगरसेवक संपन्न करा सकते. एमआईएम के गट नेता अब्दूल हमीद ने जरुर कहा कि, पश्चिमी क्षेत्र विकास की डगर पर दूर है. ऐसे में नागरी सुविधाओं, सडकों, नालियां और अन्य के वास्ते वहां अधिक फंड दिया जाना चाहिए.

* बजट अच्छा, पश्चिम क्षेत्र हेतु विशेष निधि दें
एमआईएम के गट नेता अब्दूल हमीद ने सोमवार को प्रस्तुत बजट को अच्छा बताया. किंतु यह भी कहा कि, पश्चिम क्षेत्र को उपेक्षित रखा गया है. जबकि नागरी सुविधाओं के लिहाज से पश्चिमी क्षेत्र काफी पीछे है, इसलिए यहां विकास का विशेष फंड दिया जाना बेहतर रहेगा. अब्दूल हमीद ने कहा कि, शहर के पश्चिमी भाग में हालात बदतर है. यहां न अस्पताल है न कॉलेजेस. यहां उद्यान नहीं है, सडके नहीं हैं. गंदगी का आलम है, क्योंकि नालियां टूटी-फूटी है. ऐसे में यहां विशेष फंड दिया जाना चाहिए. दुनियाभर के काम यहां वर्षों से पेंडिंग चल रहे हैं. ऐसे में यहां नागरी सुविधाएं के लिए 40 लाख का नगरसेवक स्वेच्छा निधि नाकाफी कहा जा सकता है. आने वाले वर्षों में बेहतर स्थिति की अपेक्षा की जा सकती है. मनपा को अधिक फंड देना चाहिए.

* वार्ड विकास फंड 50 लाख होना चाहिए
तीसरी बार नगरसेविका निर्वाचित शिवसेना की नेता और स्थायी समिति सदस्य मंजूषा प्रशांत जाधव ने कहा कि, महापालिका के इनकम स्त्रोत सीमित है. ऐसे में विविध हेड पर देखा जाये, तो उचित प्रावधान किया गया है. शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के साथ र्वाड विकास निधि 40 लाख तक बढा दी गई है. गत 4 वर्षों की गैप के कारण देखा जाये तो काम काफी बढे हैं. जिससे आवंटीत फंड कम लग रहा हैं. पिछले टर्म में ही 40 लाख का आवंटन था. महंगाई बढती है, मजदूरी बढती है. निधि कम पडती है. किंतु वर्तमान स्थिति में मनपा की आमदनी बढेगी, तो विकास निधि बढेगी. अभी भी प्रत्येक प्रभाग में कम से कम 1 करोड 60 लाख का फंड आएगा. जिससे काफी कुछ विकास कार्य हो सकते हैं. आने वाले वर्षों में महानगरपालिका की आमदनी के स्त्रोत बढाने पर निश्चित ही सभी नगरसेवक और प्रशासन चर्चा करेगा, निर्णय करेगा.

* बजट क्रांतिकारी
भाजपा नगरसेविका सुरेखा लुंगारे ने कहा कि, प्रशासक शासन के चार साल बाद पहली बार, इस पांच साल की अवधि में लोकायुक्त सदन का पहला बजट स्थायी समिति अध्यक्ष अविनाश मार्डीकर द्वारा सदन में पेश किया गया. यह बजट क्रांतिकारी है और शहर के समग्र विकास को गति देगा. यह बजट मुख्य रूप से शहर के विकास के बुनियादी ढांचे और वार्ड सशक्तीकरण पर केंद्रित है. यह बजट मेरे वार्ड और शहर के लिए एक गेम चेंजर होगा और मैं इस बजट का स्वागत करती हूं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिद्धांतों के अनुसार, अमरावती शहर के सभी वर्गों को न्याय दिया जाएगा. शिवटेकड़ी पर्यटन, सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत, कब्रिस्तान सुधार, भीम टेकड़ी पर्यटन, इतवारा, सोमवार बाजार सुधार आदि पर खर्च उल्लेखनीय है. नागरिकों के लिए यह बड़ी राहत है कि इस बजट में शहर में कोई नया कर नहीं लगाया गया है. प्रशासन को महानगरपालिका के बढ़ते बिजली खर्च को कम करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना चाहिए. यह मामला बहुत ही प्रशासनिक है. कुल मिलाकर, यह बजट व्यापक और सुकून देने वाला है.

* समाधानकारक बजट
भाजपा नगरसेवक विनोद तानवैस ने बजट को मौजूदा परिस्थितियों में संतोषजनक बताया. तानवैस स्वयं स्थायी समिति के सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि, 4 वर्षों की गैप रही है. ऐसे में सभी आशा और अपेक्षाएं पूर्ण नहीं हो सकती. फिर भी प्रशासन ने नगरसेवकों की स्वेच्छा वार्ड विकास निधि मात्र 5 लाख रुपए की थी. जिसे बढकर 15 लाख रुपए स्वेच्छा निधि और 25 लाख रुपए वार्ड विकास कामों के लिए आवंटित किये गये हैं. इसके लिए सभापति अविनाश मार्डीकर धन्यवाद के पात्र हैं. युवा नगरसेवक ने कहा कि, प्रभाग में ढेर सारे काम करने है. प्रभाग भी विस्तृत है. ऐसे में अन्य मदों से फंड हेतु प्रयास करना होगा. चुनाव दौरान र्वाड विकास का किया गया वादा फंड लाकर ही पूर्ण करने पडेंगे.

* वार्ड विकास की निधि कम
कांग्रेस नगरसेविका लुबना तनवीर मुन्ना नवाब ने कहा कि, मनपा बजट की बात करें, तो प्रावधान ठीकठाक कह सकते हैं. वार्ड विकास की निधि कम लग रही हैं. हमारे प्रभाग काफी फैले हुए है. यहां रोड नहीं है, नालियां नहीं हैं. नई बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है. फिर भी लगता है कि, नगरसेवकों का स्वेच्छा विकास फंड 50 लाख होना चाहिए. उसी प्रकार अल्पसंख्यक हेड की निधि भी बढाई जानी चाहिए. अभी यह 40 लाख हैं. इसका आवंटन 1 करोड होना जरुरी है. उन्होंने कहा कि, पश्चिमी एरिया में निश्चित ही काफी नागरी सुविधाओं के काम करने हैं. उस मुताबिक फंड अलॉटमेंट जरुरी हैं.

* वरिष्ठ नागरिकों हेतु सुविधाएं बढानी है
बीजेपी नगरसेविका कल्याणी तायडे ने कहा कि, मनपा की आमदनी को देखते हुए बजट ठीक कहा जा सकता है. सारी चीजों को ध्यान में रखकर आवंटन करना पडता है. उनके विचार से वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनपा के माध्यम से सुविधाएं बढानी है. इसके लिए आवंटन हो जाता तो बेहतर रहता. कल्याणी तायडे ने कहा कि, उनके प्रभाग में काफी काम नागरी सुविधाओं के होने है. ऐसे में बढाकर दी गई 40 लाख की कुल निधि 4 नगरसेवक मिलाकर 1 करोड 60 लाख होती है. जिससे प्रभाग में मूलभूत विकास कार्य हो सकते हैं. महिला व बाल विकास के विभाग हेतु भी अधिक आवंटन होने चाहिए. कल्याणी तायडे ने वर्तमान परिस्थिति में अविनाश मार्डीकर द्वारा पेश बजट को अच्छा बताया.





