ब्रजलाल बियाणी विज्ञान महाविद्यालय में चौथे ब्रिज कोर्स का शुभारंभ

व्यक्तित्व विकास के साथ मजबूत शैक्षणिक आधार पर जोर

अमरावती/दि.2- ब्रजलाल बियाणी विज्ञान महाविद्यालय में चौथे ब्रिज कोर्स का शुभारंभ बुधवार 1 अप्रैल को विद्यार्थियों और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति में संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दीपक धोटे ने की तथा मंच पर कनिष्ठ महाविद्यालय के उपप्राचार्य सीताराम राठी एवं चौथे ब्रिज कोर्स की संयोजक वैशाली वानखेडे, योगिता बनसोड और सूरज हेरे उपस्थित थे.
कार्यक्रम की शुरुआत में संयोजिका वैशाली वानखेडे ने अपने प्रास्ताविक में ब्रिज कोर्स के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और 1 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चलने वाले इस कोर्स की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों व अभिभावकों को दी. वहीं उपप्राचार्य सीताराम राठी ने कहा कि, यह ब्रिज कोर्स केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देता है. जिससे यह अन्य कार्यक्रमों से अलग और उपयोगी बनता है.
इस दौरान अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. दीपक धोटे ने सामान्य और विशेष सोच के बीज अंतर समझाते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक और विशेष दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी. उन्होेंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि, वे अपने बच्चों की क्षमता को पहचानकर उनके उज्वल भविष्य के लिए सही निर्णय लें. इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न उदाहरणों, शैक्षणिक संदभों और वीडियो के माध्यम से प्रभावी मार्गदर्शन किया, जो उपस्थित सभी के लिए प्रेरणादायक रहा.
कार्यक्रम के पश्चात चाय के दौरान अभिभावकों और प्राचार्य के बीच संवाद भी आयोजित किया गया. जिसमें अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान हुआ. कार्यक्रम का संचालन सूरज हेरे ने किया व आभार योगिता बनसोड ने माना. कार्यक्रम को सफल बनाने मनीष महाजन, गोपाल ढोले, सचिन पवार, बजाज, श्रीमती दरेकर और अनिल ढोकणे ने अथक प्रयास किये. इस अवसर पर बडी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित थे.

* 18 अप्रैल तक चलेगा ब्रिज कोर्स
ब्रजलाल बियाणी विज्ञान महाविद्यालय में बुधवार 1 अप्रैल से ब्रिज कोर्स का शुभारंभ किया गया है. यह ब्रिज कोर्स 18 अप्रैल तक चलेगा. जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, बायोलॉजी तथा वाणिज्य विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा. साथ ही जेईई, एनईईटी, सीए और सीएस जैसी प्रवेश परीक्षाओें की तैयारियों के लिए भी विशेष मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा. महाविद्यालय ने इस कोर्स को पूर्णत: नि:शुल्क रखा है. ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों से इसका लाभ लेने का आवाहन महाविद्यालय की ओर से किया गया है.

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