देश के कई शहरों के लोग प्राप्त नहीं कर पा रहे समयबद्ध जानकारी

उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में स्थिति खराब

* 40% जिलों में नहीं है सरकारी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन
नई दिल्ली/दि.2 – भारत के लगभग 40 प्रतिशत जिलों में कोई सरकारी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन नहीं है. इसकी वजह से लाखों लोग हवा के बारे में विश्वसनीय और समयबद्ध जानकारी नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं. मंगलवार को जारी एक अध्ययन में यह बात कही गई हैं.
‘एयर क्वॉलिटी डेटा एक्सेसिबिलिटी इन इंडिया ड्रिस्टीब्यूशन, गैप्स एण्ड नेटवर्क कोरिलेशन’ शीर्षक वाला यह अध्ययन एयरवॉइस नामक एक वैश्वीक कंपनी ने जारी किया है. जो वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रबंधन के समाधान तैयार करती है. अध्ययन के लेखकों ने भारत की तीन मुख्य निगरानी प्रणालियों ‘नेशनल एयर निगरानी प्रोग्राम’ (एनएएमपी), ‘कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी निगरानी’ (सीएएक्यूएम) नेटवर्क और ‘सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एण्ड वेदर फोर कास्टींग एण्ड रिसर्च’ (सफल) के अधिकारिक आंकडों का उपयोग करके यह विश्लेषण किया.
विश्लेषण में पाया गया कि, एक ओर दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु जैसे शहरी क्षेत्रों में निगरानी कवरेज काफी बेहतर है, तो दूसरी ओर मध्यम आकार के कई शहरों और लाखों की आबादी वाले बडे जिलों में केवल एक या दो स्टेशन है. या बिल्कुल नहीं है. विश्लेषण के अनुसार उत्तर प्रदेश, बहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश विभिन्न राज्यों में अधिक जनसंख्या वाले कई जिले में या तो निगरानी तंत्र खराब है या हर समय निगरानी नहीं होती.
* जहां स्टेशन वहां विश्वसनीयता की समस्या
अध्ययन में कहा गया है कि, जहां स्टेशन मौजूद है वहां विश्वसनीयता एक समस्या है. केवल लगभग आधे कन्टीन्यूअस निगरानी स्टेशन लगातार स्थिर डेटा प्रदान करते है. एक अन्य महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि, निगरानी स्टेशन हमेशा उन स्थानों पर नहीं होते, जहां प्रदूषण सबसे अधिक है. एयरवॉइस के सीईओ विटाली मेटीयूनिन के एक बयान में कहा कि, हम एक महत्वपूर्ण अंतर देख रहे हैं, कई राज्यों में ऑटोमेडेट निगरानी उपलब्ध नहीं है और जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, वहां तकनीकी कारणों से महत्वपूर्ण डेटा खो जाता है. नेटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण है, लेकिन अब हमें डेटा स्थिरता सुनिश्चित करने और व्यवहारिक सेवाओं के विकास पर समान रुप से ध्यान केंद्रीत करना होगा.

* क्यों जरुरी हैं वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन
वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन से हवा से संबंधित रियल टाइम डेटा और अलर्ट मिलता है. इससे सरकारों को प्रदूषण कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलती है. यह विशिष्ट क्षेत्र में बढते प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान करते हैं. जिससे यह पता चलता है कि, प्रदूषण कहा से आ रहा है और उसे कैसे कम किया जा सकता है. यहीं नहीं यह स्टेशन यह सुनिश्चित करते है कि, औद्योगिक और वाहन उत्सर्जन तय सीमा के भीतर हो. जिससे पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित होता है.

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