नवसारी का क्रीडा संकुल रहेगा ‘जस का तस’
गलत तरीके से हुए निर्माण को कैबिनेट ने दी वैधता

* 16,708 चौरस मीटर में साकार हुआ है शानदार खेल संकुल
* क्रीडा संकुल के साथ ही कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का भी किया गया है निर्माण
* क्रीडांगण की जमीन पर आरक्षण हटाए बिना बनाया गया था क्रीडा संकुल
* सरकारी भूमि पर मनपा ने बीओटी तत्व से कराया था क्रीडा संकुल का निर्माण
* नियमबाह्य तरीके से बने क्रीडा संकुल का मामला लंबे समय से लटका था अधर में
* सरकारी जमीन व क्रीडा संकुल मनपा के सुपूर्द करने नगर विकास मंत्रालय को भेजा गया था प्रस्ताव
* गत रोज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी, अवैध निर्माण अब हो गया वैध
* अब क्रीडा संकुल में मनपा के शालेय व क्रीडा विभाग का रहेगा कब्जा, खेलकूद की गतिविधियां होंगी शुरु
अमरावती/दि.2 – स्थानीय नवसारी परिसर में स्थित राज्य सरकार की जिलाधीश के स्वामित्व में रहनेवाली सरकारी जमीन पर मनपा द्वारा कई वर्ष पहले बीओटी तत्व पर क्रीडा संकुल व का निर्माण किया गया था. हालांकि उक्त जमीन क्रीडांगण यानि खेल के मैदान हेतु आरक्षित थी. ऐसे में इस जमीन का आरक्षण बदले बिना वहां किए गए खेल संकुल एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण का काफी हद तक विरोध भी हुआ था. वहीं मनपा द्वारा उक्त जमीन तथा वहां किए गए निर्माण को अपने कब्जे में दिए जाने हेतु राज्य सरकार के नगर विकास मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा गया था. जिस पर कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विचार-विमर्श करने के बाद उसे मंजूरी भी दी गई, यानि एक तरह से क्रीडांगण हेतु आरक्षित जमीन का आरक्षण बदले बिना वहां पर नियमबाह्य तरीके से बनाए गए क्रीडा एवं व्यापारिक संकुल के अवैध निर्माण को गत रोज राज्य मंत्रिमंडल द्वारा किए गए फैसले के चलते अब वैधता प्राप्त हो गई है. जिसके चलते अब उक्त जमीन और उस पर बनाए गए क्रीडा संकुल व व्यापारिक कॉम्प्लेक्स की मनपा के पास वैध मिल्कियत आ गई है. जहां पर अब मनपा के शालेय व क्रीडा विभाग द्वारा खेलकूद संबंधी गतिविधियां चलाई जाएंगी. साथ ही शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित दुकानों को लीज पर देने तथा ट्रांसफर करने का काम भी आसानी से होगा.
बता दें कि, अमरावती महानगरपालिका ने नवसारी क्षेत्र में 16,708 वर्गमीटर वाली सरकारी जमीन पर खेल संकुल व व्यापारिक संकुल का निर्माण बीओटी तत्व के जरिए करवाया था. साथ ही उस जमीन को अपने कब्जे में लेने हेतु नगर विकास मंत्रालय के पास प्रस्ताव भी भेजा था. जिसकी ऐवज में सरकार ने एक निर्धारित रकम अदा करने हेतु कहा था. जिसके बाद अमरावती मनपा ने अपनी खस्ताहाल आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रकम अदा करने में असमर्थता जताई थी. हालांकि उस जगह के प्रबंधन और देखभाल का जिम्मा अमरावती महानगर पालिका द्वारा ही संभाला जा रहा था, जहां पर विगत मनपा चुनाव के समय मतगणना का काम भी हुआ था. गत रोज उसी जमीन को राज्य सरकार ने अमरावती मनपा के सुपूर्द करने का निर्णय लिया है और वहां पर16,708 चौरस मीटर क्षेत्रफल में साकार क्रीडा संकुल की वैधता को भी मंजूरी दी. जिसका सीधा और साफ मतलब यह है कि, नवसारी परिसर में साकार क्रीडा संकुल एवं व्यापारिक संकुल अब जस का तस बना रहेगा तथा वहां पर बनाए गए अलग-अलग इनडोअर स्टेडियम में विभिन्न तरह की क्रीडा गतिविधियां चला करेंगी. साथ ही क्रीडा संकुल के दर्शनी हिस्से में साकार व्यापारिक संकुल की दुकानों के लीज व हस्तांतरण का काम भी निर्बाध तरीके से होगा.

* क्रीडा संकुल के निर्माण को ‘रेग्युलराइज’ किया सरकार ने
गत रोज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अमरावती के नवसारी परिसर में क्रीडा संकुल के निर्माण को मंजूरी दिए जाने से संबंधित फैसले की जानकारी सामने आते ही कुछ हद तक संभ्रमवाली स्थिति बनी. क्योंकि नवसारी परिसर में पहले से ही क्रीडा संकुल बना हुआ है. ऐसे में इस बात को लेकर उत्सुकता दिखाई दी कि, जब क्रीडा संकुल पहले से बना हुआ है, तो अब सरकार द्वारा किस क्रीडा संकुल के निर्माण को लेकर मंजूरी प्रदान की गई है. जिसे लेकर जानकारी एवं प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर अजीत पवार गुट वाली राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने बताया कि, नवसारी परिसर में राज्य सरकार की 16,708 चौरस मीटर जमीन थी. जहां पर प्रस्तावित क्रीडांगण (मिनी स्टेडियम) बनाना प्रस्तावित था, जिसकी देखरेख व दुरुस्ती का आर्थिक बोझ अमरावती मनपा पर न पडे और शहर के नागरिकों हेतु खेल के मैदान की सुविधा उपलब्ध हो, इस बात के मद्देनजर उस जमीन पर मिनी स्टेडियम बनाने के साथ-साथ उपलब्ध जगह में से 15 फीसद जमीन पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स साकार करते हुए दुकाने बनाना प्रस्तावित था. उस समय महानगर पालिका एवं जिला प्रशासन के बीच उक्त जमीन और उस पर प्रस्तावित निर्माण कार्य को मनपा के सुपूर्द करने के संदर्भ में लंबा-चौडा पत्रव्यवहार भी हुआ था. जिसके बाद सरकारी आदेशानुसार आरक्षित जमीन को विकसित करने हेतु उसका निशुल्क कब्जा महानगर पालिका को सौंपा गया था. जिसके बाद मनपा ने वहां बीओटी तत्व पर क्रीडा संकुल व व्यवसायिक संकुल का निर्माण करवाया था. हालांकि ऐसा करते समय उस जमीन पर क्रीडांगण हेतु रहनेवाले आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया गया था. जिसके चलते उस निर्माण कार्य की वैधता पर सवालिया निशान लगने शुरु हो गए थे. वहीं मनपा द्वारा इस विषय को लेकर नगर विकास मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा गया था. लेकिन चूंकि इस मामले में निर्णय लेने के अधिकार नगर विकास मंत्रालय के पास नहीं थे. जिसके चलते यह विषय मंत्रिमंडल के पास भेजा गया था और कल मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए क्रीडांगण हेतु आरक्षित जमीन पर किए गए क्रीडा संकुल व व्यापारिक संकुल के निर्माण को वैधता प्रदान की गई, यानि एक तरह से बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्य को राज्य सरकार द्वारा ‘रेग्युलराइज’ किया गया है. यह जानकारी देने के साथ ही विधायक संजय खोडके ने यह विश्वास भी जताया कि, राज्य मंत्रिमंडल के इस फैसले से जिले के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा





