‘कोणार्क’ के सफाई कर्मियों की हडताल आज भी रही जारी

लगातार दूसरे दिन जोन क्र. 1 व 5 में नहीं उठाया गया कचरा

* जोन क्र. 1 के प्रभाग क्र. 1, 2 व 3 में हुई थोडीबहुत साफ-सफाई
अमरावती/दि.2 – अपना वेतन बकाया रहने और खुद को पीएफ व ईएसआईसी जैसी सुविधाएं नहीं मिलने की वजहें आगे करते हुए कोणार्क कंपनी के सफाई कामगारों द्वारा कल 1 अप्रैल से शुरु की गई हडताल आज दूसरे दिन भी जारी रही. जिसके चलते आज लगातार दूसरे दिन जोन क्र. 1 व जोन क्र. 5 में कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का काम नहीं हुआ. हालांकि जोन क्र. 1 के अंतर्गत प्रभाग क्र. 1, 2 व 3 में कुछ हद तक साफ-सफाई के काम हुए, परंतु कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का काम ठप रहने के चलते इन दोनों जोन में जगह-जगह पर कचरे व गंदगी के ढेर लगे दिखाई दिए.
बता दें कि, पूरे अमरावती शहर में साफ-सफाई, कचरा संकलन व कचरा ढुलाई हेतु एकल व संयुक्त ठेका हासिल करनेवाली मुंबई की कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. कंपनी ने विगत 27 जनवरी से शहर के पांचों जोन में अपना कामकाज करना शुरु किया था. परंतु जहां एक ओर शहर के आम नागरिकों एवं मनपा पार्षदों द्वारा विगत दो माह के दौरान कंपनी के कामकाज को लेकर असंतोष जताया जाता रहा. वहीं अब खुद इस कंपनी में कार्यरत सफाई कामगारों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जिसके चलते शहर के दो जोन में साफ-सफाई सहित कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया है. वहीं कोणार्क कंपनी के सफाई कर्मियों द्वारा शुरु की गई हडताल आज लगातार दूसरे दिन भी जारी रहने के चलते दोनों जोन में कचरे व गंदगी को लेकर समस्या व स्थिति और भी अधिक बिकट हो गई है. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, इस हडताल के चलते मनपा प्रशासन द्वारा कोणार्क कंपनी के खिलाफ कौनसे कदम उठाते हुए किस तरह की कार्रवाई की जाती है, साथ ही साथ शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था कब और कैसे चुस्त-दुरुस्त हो पाती है.


* कचरे व गंदगी की समस्या पर कांग्रेसी पार्षदों ने अपनाई उग्र भूमिका
– मनपा को दिया दो दिन का अल्टीमेटम, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी
कोणार्क कंपनी के सफाई कर्मियों द्वारा गत रोज हडताल शुरु किए जाते ही जहां कल एमआईएम के पार्षदों ने मनपा मुख्यालय का घेराव करते हुए ठिया आंदोलन किया था, वहीं आज कांग्रेस के मनपा पार्षदों ने इसी मुद्दे को लेकर मनपा आयुक्त के नाम ज्ञापन जारी करते हुए मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट की. इस समय कचरे व गंदगी की समस्या पर कांग्रेसी पार्षदों ने बेहद उग्र भूमिका अपनाते हुए मनपा प्रशासन को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है. साथ ही दो दिन के भीतर कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का काम पूर्ववत नहीं होने पर शहर में तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
आज मनपा के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व महापौर विलास इंगोले, शहर कांग्रेस अध्यक्ष व पार्षद बबलू शेखावत, पूर्व महापौर व स्वीकृत पार्षद मिलिंद चिमोटे तथा पार्षद धीरज हिवसे व राजश्री झठाले के समावेश वाले प्रतिनिधि मंडल ने मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 3 अप्रैल 2026 से सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कोणार्क कंपनी और मनपा प्रशासन की होगी. साथ ही काम शुरू न होने पर पार्टी उग्र आंदोलन करेगी. इसके साथ ही कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया है कि मनपा प्रशासन ने नया ठेका देते समय पारदर्शिता नहीं बरती और पुराने ठेकेदारों पर ही निर्भर रहा. इसके अलावा, कोणार्क कंपनी की पूरी व्यवस्था (मशीनरी, कर्मचारी, कचरा वाहन) तैयार न होने के बावजूद पुराने ठेकेदारों को काम जारी रखने की अनुमति दी गई.
कांग्रेस पार्षदों ने दावा किया कि पुराने ठेकेदार, कोणार्क कंपनी और प्रशासन के बीच संगनमत के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है, जिससे झोन 1 और 5 में काम पूरी तरह ठप हो गया है. साथ ही साथ उनका यह भी कहना रहा कि शहरभर से गंदगी और कचरे को लेकर शिकायतें आ रही हैं. ऐसे में नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक है.
इस समय कांग्रेस पार्षदों ने मांग उठाई कि, कोणार्क कंपनी पर तुरंत कार्रवाई की जाए, वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी की जाए व सफाई कार्य तत्काल शुरू किया जाए. ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा गया कि, यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कोणार्क कंपनी के खिलाफ तीव्र आंदोलन किया जाएगा और आने वाले दिनों में और आक्रामक रुख अपनाया जाएगा.

Back to top button