सुनेत्रा पवार के निर्विरोध जीत की राह धूमिल

बारामती उपचुनाव में ट्विस्ट

* कांग्रेस उम्मीदवार उतारेगी
बारामती /दि.3- उपमुख्यमंत्री पद पर रहते हुए बारामती में हुए विमान दुर्घटना में वरिष्ठ नेता अजीत पवार का निधन हो गया. इस कारण रिक्त हुए बारामती विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव घोषित हुआ है. लेकिन यह चुनाव अब निर्विरोध होने की संभावना कम हो गई है. क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने बारामती के साथ ही राहुरी इस विधानसभा क्षेत्र में भी उपचुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. इस भूमिका को पार्टी नेतृत्व ने गुरुवार को मंजूरी दी है, ऐसी जानकारी सामने आ रही है. अब कांग्रेस किसे मैदान में उतारेगी, इस पर सभी की नजर है.
* सुनेत्रा पवार बारामती से मैदान में
बारामती और राहुरी इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होकर परिणाम घोषित किया जाएगा. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्त किया गया. इससे पहले वह राज्यसभा सांसद थीं. लेकिन महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री पद संभालते समय राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य है. इसलिए वह अजित दादा के बारामती से चुनाव मैदान में उतरेंगी.
* शरद पवार का बहू को समर्थन
इस बीच, 2024 के विधानसभा चुनाव में महाविकास आघाड़ी में बारामती और राहुरी दोनों सीटें सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी ने लड़ी थीं. बारामती में सुनेत्रा पवार उम्मीदवार होने के कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस : शरदचंद्र पवार पार्टी ने उन्हें समर्थन घोषित किया है. अभी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी की भूमिका सामने नहीं आई है. लेकिन वंचित बहुजन आघाड़ी और राष्ट्रीय समाज पार्टी कांग्रेस को समर्थन देने के संकेत दे रहे हैं.
* निर्विरोध चुनाव की संभावना टूटी
जनप्रतिनिधि के निधन के बाद उपचुनाव लगा और दिवंगत व्यक्ति के परिवार के सदस्य को ही उम्मीदवार दिया गया, तो निर्विरोध चुनाव कराने की राजनीतिक परंपरा महाराष्ट्र में कायम थी. लेकिन पिछले समय में इस परंपरा को कुछ जगहों पर तोड़ा गया है. अब भी अजित दादा जैसे ताकतवर नेता के परिवार की सदस्य, उपमुख्यमंत्री पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ उनके गढ़ बारामती में ही कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारकर बड़ा साहस दिखाया है.
सीएम फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में सुनेत्रा पवार अपना नामांकन दाखिल करेंगी. इस चुनाव की पृष्ठभूमि पर बारामती शहर और तालुका में बैठकों की शुरुआत हो गई है और कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण है. गांव-गांव जाकर मतदाताओं से सीधा संवाद करते हुए सुनेत्रा पवार को भारी बहुमत से विजयी बनाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है.

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