मनपा के जन्म-मृत्यु विभाग का त्वरीत आधुनिकीकरण जरुरी

प्रभाग क्र. 14 के कांग्रेस पार्षद प्रा. संजय शिरभाते ने उठाई मांग

* नागरिकों को हो रही तकलीफों को लेकर मुद्दा किया उपस्थित
* जन्म-मृत्यु विभाग के कामकाज को बताया सुस्त व लचर
* आधुनिकीकरण के साथ ही विकेंद्रीकरण की बताई जरुरत
अमरावती/दि.3 – जहां एक ओर अमरावती महानगर पालिका को ई-गवर्नंस के लिए राज्यस्तर पर चौथा पुरस्कार प्राप्त हुआ है, वहीं दूसरी ओर अमरावती जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग अब भी पुराने ढर्रे काम कर रहा है. जिसके चलते अमरावती शहरवासियों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने में काफी तकलीफों का सामना करना पड रहा है. ऐसे में यह बेहद जरुरी हो चला है कि, अमरावती मनपा के जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ विकेंद्रीकरण भी किया जाए, ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया सुचारु हो सके, इस आशय की मांग प्रभाग क्र. 14 के कांग्रेस पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते द्वारा उठाई गई है. जिसके बारे में पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते ने आज दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ बातचीत करते हुए विस्तार के साथ जानकारी भी दी.
उल्लेखनीय है कि, बिते दिनों हुई मनपा की आमसभा में पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते ने जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग के आधुनिकीकरण का मुद्दा उठाया था. जिसे लेकर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते से बातचीत करते हुए इस मुद्दे को जानना चाहा, तो उन्होंने बताया कि, अमरावती महानगर पालिका के प्रत्येक जोन कार्यालय में रोजाना 300 से 400 आवेदन जन्म-मृत्यु पंजीयन प्रमाणपत्रों के संदर्भ में आते है, जिन्हें जोन कार्यालयों द्वारा मनपा मुख्यालय में भेज दिया जाता है. इससे पहले नए व संशोधित जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जोन कार्यालय से ही जारी किए जाते थे. परंतु अब जोन कार्यालयों के हिस्से में केवल आवेदनों को मुख्यालय भेजने का काम बचा हुआ है तथा आवेदकों को मुख्यालय से प्रमाणपत्र दिए जाते है. जिसके पीछे प्रमाणपत्रों में गडबडी होने की संभावना होने की वजह बताई जाती है, परंतु इस चक्कर में मनपा मुख्यालय स्थित जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग पर कामकाज का बोझ बढ रहा है. जिसके चलते लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पडता है.
इसके साथ ही पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते ने इस बातचीत के दौरान इस ओर भी ध्यान दिलाया कि, मनपा में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों को डिजिटल तरीके से दर्ज रखने के लिए दो तरह के साफ्टवेयर की व्यवस्था है. जिसके तहत वर्ष 2016 से पहले की 11 लाख एंट्रीयां भारतीय स्टेट बैंक यानि एसबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर में दर्ज है. वहीं वर्ष 2016-17 के बाद से क्यूआर कोड आधारित सॉफ्टवेयर पर काम करना शुरु किया गया है और यदि पुराने सॉफ्टवेयर में दर्ज किसी जानकारी में संशोधन को लेकर कोई आवेदन आता है, तो ही उस एंट्री को नए सॉफ्टवेयर में लिया जाता है अन्यथा वे 11 लाख एंट्रीय अब भी पुराने सॉफ्टवेयर में ही पडी हुई है. ऐसे में यदि किसी दिन एसबीआई का वह सॉफ्टवेयर बंद अथवा क्रैश हो गया, तो सारी एंट्रीया और डेटा चले जाएंगे. जिसके चलतेे यह बेहद जरुरी है कि, उन सभी 11 लाख एंट्रीयों को नए सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाए. साथ ही उसका बैकअप भी रखा जाए.
अपने प्रभाग से वास्ता रखनेवाले एक व्यक्ति की बेटी के जन्म प्रमाणपत्र में रहनेवाली छोटी सी ‘स्पेलिंग मिस्टेक’ को दुरुस्त करवाने हेतु लग रहे समय और इस काम के लिए हो रही दिक्कतों का हवाला देते हुए पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते ने कहा कि, अमरावती मनपा के जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग में पुराने हस्तलिखित रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से रखने और संरक्षित रखने के कोई इंतजाम नहीं है. जिसके चलते सभी पुराने दस्तावेज व रजिस्टर खुले में पडे रहते है. जिन्हें विभाग मेें आनेवाले किसी भी व्यक्ति द्वारा हाथ लगाकर इधर से उधर रख दिया जाता है. जिसके चलते समय पर कोई जरुरी दस्तावेज या रजिस्टर नहीं मिलते. ऐसे में बेहद जरुरी है कि, जिस तरह से राजस्व विभाग द्वारा पुराने दस्तावेजों व रजिस्टरों को तारीख, महिना व वर्षनिहाय सुरक्षित रखा गया है, वही व्यवस्था मनपा के जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग में भी अपनाई जाए. साथ ही साथ जिस तरह से राज्य सरकार के कई विभागों द्वारा इन दिनों अपनी वेबसाइट के जरिए डिजिटल 7/12 सहित कई तरह के प्रमाणपत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाते है, उसी तरह मनपा ने भी जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग को अपडेट करते हुए अपने पास उपलब्ध सभी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना चाहिए. जिसे संबंधित व्यक्ति द्वारा वेबसाइट पर लॉगिंग करने के बाद ओटीपी के जरिए हासिल किया जा सके. यह पूरी प्रक्रिया अपने-आप में बेहद सुरक्षित और आसान भी रहेगी. जिससे मनपा सहित आम नागरिकों के समय व श्रम की बचत होगी.
इस बातचीत में पार्षद प्रा. डॉ. संजय शिरभाते ने उम्मीद जताई कि, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे पर मनपा के नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, कांग्रेस शहराध्यक्ष व पार्षद बबलू शेखावत, स्वीकृत पार्षद व पूर्व महापौर मिलिंद चिमोटे तथा स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल की ओर से मिल रहे सहयोग तथा मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा द्वारा दिखाए गए सकारात्मक रवैये को देखते हुए इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस व सार्थक प्रयास होगा. जिसकी बदौलत जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग में कामकाज का नया स्वरुप दिखाई देगा.

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