शिक्षकों की सभी समस्याएं होगी दूर

पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का कहना

* भाजपा शिक्षक आघाडी और संघर्ष संगठन का विभागीय सम्मेलन
* डॉ. संगीता शिंदे को बताया अध्यापकों के लिए समर्पित व्यक्तित्व
अमरावती/दि.3 – भाजपा शिक्षक आघाडी के सम्मेलन में प्रदेश के राजस्व मंत्री और अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने ऐलान कर दिया कि, शिक्षकों की तमाम समस्याओं का हल महायुति सरकार कर देगी. अमरावती संभाग के अध्यापकों की समस्याएं और डिमांड उन्होंने शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर के सामने रखने का आवाहन सम्मेलन की संयोजक डॉ. संगीता शिंदे से किया. उन्होंने डॉ. संगीता शिंदे को अध्यापकों के लिए समर्पित और शिक्षा क्षेत्र के लिए काफी कुछ करने उद्यत व्यक्तित्व निरुपित किया.
संत ज्ञानेश्वर सांस्कृतिक भवन में हुए विभागीय सम्मेलन में मंच पर शिक्षा राज्य मंत्री पंकज भोयर, सांसद डॉ. अनिल बोंडे, महापौर श्रीचंद तेजवानी, विधायक केवलराम काले, विधायक राजेश वानखडे, विधायक प्रवीण तायडे, पूर्व विधायक प्रभुदास भिलावेकर, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता मुख्याध्यापक दत्तात्रय वारे गुरुजी, कार्यक्रम की संयोजक और शिक्षक आघाडी की डॉ. संगीता शिंदे, भाजपा जिलाध्यक्ष रविराज देशमुख, भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, दिनेश सूर्यवंशी, शिवराय कुलकर्णी, शिक्षक आघाडी अध्यक्ष संदीप नरोटे, उपाध्यक्ष प्रा. आशीष देशपांडे, अमरावती अध्यक्ष गजानन बुरघाटे, यवतमाल अध्यक्ष अविनाश रोकडे, अकोला अध्यक्ष प्रकाश हरणे, बुलढाणा अध्यक्ष विजय दाने, वाशिम अध्यक्ष प्रशांत कव्हर आदि सहित शिक्षक आघाडी और संघर्ष संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे.
बावनकुले ने कहा कि, अमरावती जिले की भी सभी शालाओं को अपने भवन में डिजिटाइज करने का लक्ष्य लेकर काम होना चाहिए. उन्होनें नागपुर जिले के पालकमंत्री के रुप में वहां सभी सरकारी शालाएं के भवन बनाए और उन्हें डिजिटाइज किया. बावनकुले ने अध्यापकों की सभी समस्याओं पर जनता दरबार रखने का आवाहन मंच पर मौजूद मंत्री डॉ. पंकज भोयर से किया. उन्होंने डॉ. संगीता शिंदे को संघर्षशील, रणरागिनी बताया और कहा कि, संगीता शिंदे ने अपने आप को शिक्षा क्षेत्र के लिए समर्पित कर दिया है. उन्होंने शालाओं को स्मार्ट करने का भरोसा दिलाया. बावनकुले ने कहा कि, अनुदान, पेंशन योजना और सभी विषयों पर सरकार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाते समय अध्यापक वर्ग का बराबर ध्यान रखा है और राज्य शासन भी इसके लिए कटिबद्ध है.
पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि, शिक्षा क्षेत्र में जो परिवर्तन लाना है, वह प्रत्येक बात में लाना है. बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अध्यापकों के जीवनमान को उपर उठाने के विषय में भी सभी सिफारिशें कडाई से क्रियान्वित की जाएगी. आने वाले समय में अलग मंथन करना होगा. शिक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है. उन्होंने अध्यापकों को समाज का सच्चा शिल्पकार निरुपित करते हुए अध्यापकों को समर्थ बनाने पर भी बल दिया. अध्यापक सक्षम होते ही देश का विकास होगा.उन्होंने आश्वासन दिया कि, अध्यापकों की जिन आशा-अपेक्षाओं के लिए शिक्षक आघाडी और संघर्ष संगठन संघर्ष कर रहा है, डिमांड कर रहा है. वे सभी बातें राज्य सरकार पूर्ण करने का प्रयास करेगी. उन्होंने दावा किया कि, महायुति सरकार का सर्वाधिक झुकाव शिक्षा पर है. अत: अध्यापकों की कोई भी डिमांड बाकी नहीं रहेगी. अमरावती विभाग का शिक्षा क्षेत्र आदर्श बनाने का संकल्प करने का आवाहन भी चंद्रशेखर बावनकुले ने इस समय किया. उन्होंने इस बात का खास उल्लेख किया कि, आज के सम्मेलन में उपस्थिति के लिए वे पहली बार नागपुर और अमरावती के बीच हेलीकॉफ्टर का उपयोग कर रहे हैं. पश्चिम विदर्भ को ज्ञान भूमि बनाएंगे.
समारोह में दत्तात्रय वारे गुरुजी का सुंदर, प्रभावी व्याख्यान हुआ. उसी प्रकार वारे गुरुजी, महापौर श्रीचंद तेजवानी का सत्कार किया गया. प्रस्तावना संगीता शिंदे ने रखी. जिसमें उन्होंने अध्यापकों की समस्याओं और अपेक्षाओं पर शासन प्रतिनिधि के रुप में पालकमंत्री बावनकुले का ध्यान खींचा. संचालन प्रणय राउत ने किया. आभार यवतमाल की मुख्याध्यापिका शुभांगी आवारी ने व्यक्त किया. बडी संख्या में पांच जिले के अध्यापक, शिक्षक आघाडी और शिक्षण संघर्ष संगठन के पदाधिकारी व सभासद सम्मेलन में उत्साह से सहभागी हुए. बीजेपी के कई प्रमुख नाम उपस्थित थे.

Back to top button