आंगनवाड़ी निर्माण की अब स्वायत्त निकायों को भी मिलेगी जिम्मेदारी
महिला व बाल विकास योजनाओं के 3% फंड के तहत सरकार का बड़ा फैसला

* जिला नियोजन समिति करेगी भवन निर्माण हेतु एजेंसी का चयन
मुंबई /दि.3- महिला एवं बाल सशक्तिकरण योजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों में अब स्थानीय स्वायत्त निकायों को भी शामिल कर लिया है. जिला वार्षिक योजना (सर्वसाधारण) के तहत 3 प्रतिशत निधि से होने वाले शहरी बाल विकास परियोजनाओं के निर्माण कार्यों के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है.
बता दें कि, अब तक इन निर्माण कार्यों के लिए केवल सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जिला परिषद को ही कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में मान्यता थी, लेकिन नए शासन निर्णय के अनुसार नगरपालिका, नगर पंचायत, नगर पालिका प्रशासन विभाग और महानगरपालिका को भी इस कार्य में शामिल किया गया है. इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
* क्या है पूरा मामला?
ज्ञात रहे कि, राज्य सरकार ने 31 जनवरी 2022 से लागू निर्णय के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग को जिला वार्षिक योजना में कम से कम 3 फीसद निधि आरक्षित करने का प्रावधान किया था. इसी निधि से विभिन्न निर्माण कार्य किए जाते हैं. पहले इन कार्यों की जिम्मेदारी सीमित एजेंसियों के पास थी, लेकिन अब दायरा बढ़ा दिया गया है. जिसके तहत अब आंगनवाड़ी निर्माण में स्थानीय स्वायत्त निकायों की एंट्री होगी तथा पीडब्ल्यूडी और जिला परिषद के साथ अब नगरपालिकाएं व महानगर पालिका भी काम करेंगी. इस नई व्यवस्था के तहत इमारत के निर्माण हेतु एजेंसी के चयन का अधिकार जिला नियोजन समिति के पास रहेगा. जिससे अब शहरी क्षेत्रों में अंगणवाडियों के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी.
यह शासन निर्णय महाराष्ट्र शासन की आधिकारिक वेबसाइट महाजीओवी पर उपलब्ध है और इसका संकेतांक 202603309333910830 है. इस आदेश को राज्य सरकार के अवर सचिव प्रसाद विनायकराव कुलकर्णी के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित कर जारी किया गया है.





