अब तक कितने ‘टिप्पर कांड’, जांच जरुरी!
विधायक प्रवीण तायडे ने पत्रवार्ता में उठाई मांग

* पूर्व मंत्री बच्चू कडू के खिलाफ जमकर खोला मोर्चा
अमरावती/दि.4 – गत रोज प्रहार जनशक्ति पार्टी के मुखिया व पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कडू की एक ऑडिओ क्लीप को ग्रामीण पुलिस के सुपूर्द करने के साथ ही चांदुर बाजार पुलिस थाने में पूर्व मंत्री बच्चू कडू सहित उनके दो सहयोगियों के खिलाफ हत्या की साजिश रचने से संबंधित शिकायत दर्ज करानेवाले अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रवीण तायडे ने आज एक पत्रवार्ता बुलाते हुए पूरे मामले को लेकर विस्तृत जानकारी देने के साथ ही इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी. जिसके तहत विधायक प्रवीण तायडे ने कहा कि, आज यह वीडियो क्लीप समय रहते वायरल हो जाने के चलते हादसे की आड में हत्या वाली घटना एक तरह से टल गई है. यदि यह क्लीप वायरल नहीं हुई होती, तो शायद पूर्व मंत्री बच्चू कडू और उनके सहयोगियों ने अपनी उस योजना को अंजाम भी दिया होता. जिसके चलते अपने माता-पिता की इकलौती संतान रहनेवाले और चार वर्षीय बच्ची के पिता रहनेवाले उनके चचेरे भाई अभिजीत तायडे के साथ कुछ ‘कम-ज्यादा’ हुआ होता, ऐसे में अब इस बात की सघन जांच की जानी चाहिए कि, आखिर पूर्व मंत्री बच्चू कडू और उनके सहयोगियों द्वारा अपनी बातचीत में किस ‘टिप्पर गैंग’ का उल्लेख किया जा रहा था और क्या उन लोगों ने इससे पहले भी इसी तरह दो-चार लाख रुपए की ‘सुपारी’ देकर लोगों को टिप्पर से कूचलकर मरवाया है तथा साजिशन की गई हत्या को सडक हादसों के तौर पर दर्शाया गया है.
इस पत्रवार्ता में विधायक प्रवीण तायडे ने यह भी कहा कि, जब से उनके हाथ वह ऑडिओ क्लीप लगी और उन्होंने उसे सुना, तो वे बेहद व्यथित हो गए. क्योंकि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को अपनी जगह पर स्वीकार किया जा सकता है. वहीं घर परिवार व मित्र परिवार की जीवन में अपनी एक अलग जगह रहती है. जिसे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच नहीं लाया जाना चाहिए. परंतु हमेशा ही ‘गुंडागिरी’ की मानसिकता में रहनेवाले पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने ऐसा करते हुए एक तरह से अपनी घटिया सोच और ओछी राजनीति को उजागर किया है. साथ ही साथ उनकी ऑडिओ क्लीप के सामने आते ही अब खुद को गरीबों व किसानों का मसीहा बतानेवाले पूर्व मंत्री बच्चू कडू का असली चेहरा भी सबके सामने आ गया है.
इस समय विधायक प्रवीण तायडे ने यह भी कहा कि, पूर्व मंत्री बच्चू कडू को अचलपुर की जनता ने 4 बार विधायक चुनते हुए विधानसभा में क्षेत्र की भलाई के लिए काम करने का मौका दिया. लेकिन बच्चू कडू ने उन 20 वर्षों के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक भी ढंग का काम नहीं किया. बल्कि बडे पैमाने पर सरकारी निधि का अपहार करते हुए अपना घर भरने का काम किया. जिसके चलते अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र में कई प्रकल्पों के काम लंबे समय से आधे-अधूरे व प्रलंबित पडे है. यही वजह है कि, वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं ने बच्चू कडू को पूरी तरह से नकार दिया तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विकासपूर्ण सोच पर विश्वास जताते हुए भाजपा प्रत्याशी को अपना विधायक चुना. लेकिन यह बात शायद बच्चू कडू अब तक स्वीकार नहीं कर पाए है और निराशा, हताशा व अवसाद का शिकार हो गए है. संभवत: इसी वजह से उपजी मानसिक अस्वस्थता के चलते पूर्व मंत्री बच्चू कडू अब अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों एवं उनके परिजनों को टिप्पर से कूचलकर निपटाने जैसी बाते करने लगे है.
इस पत्रवार्ता में अपनी बात रखने के साथ-साथ मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए विधायक प्रवीण तायडे ने यह भी कहा कि, उन्हें उक्त ऑडिओ क्लीप काफी समय पहले ही एक पेन ड्राईव के जरिए मिल गई थी. लेकिन यदि वे उसी समय इस मामले को उजागर कर देते, तो उसे डॉक्टर्ड यानि तकनीकी छेडछाड के साथ बनाया गया ऑडिओ क्लीप बताए जाने का खतरा था. ऐसे मेें उन्होंने इस मामले को उजागर करने से पहले उस मोबाइल को अपने कब्जे में लेने हेतु खोजना शुरु किया, जिस मोबाइल में उस संभाषण की रिकॉर्डींग की गई थी और जिसमें उस पूरे संभाषण की मूल ऑडिओ क्लीप रिकॉर्डींग के तौर पर दर्ज थी, ताकि इस मामले को उजागर करने के बाद उनका पक्ष वजनदार रहे और पुलिस भी इस मामले में उचित कार्रवाई कर सके. यही वजह रही कि, इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराने में थोडा विलंब हुआ और उनके हाथ जैसे ही उस संभाषण की रिकॉर्डींग करनेवाला मूल मोबाइल लगा, वैसे ही उन्होंने इस मामले की जानकारी ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद को देते हुए चांदुर बाजार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.
इस पत्रवार्ता में विधायक प्रवीण तायडे के साथ भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे, भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, ग्रामीण जिलाध्यक्ष रविराज देशमुख, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी तथा मंडल अध्यक्ष हर्षल गोले व मुरलीधर माकोडे सहित अन्य कुछ पदाधिकारी भी उपस्थित थे.
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* सिर्फ नाम के ‘बच्चू’, असल में ‘बिच्छू’
इस पत्रवार्ता में पूरे मामले को लेकर जानकारी देते हुए विधायक प्रवीण तायडे ने कहा कि, अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक ओमप्रकाश कडू केवल नाम के लिए ही ‘बच्चू’ है. जबकि असल में वे किसी ‘बिच्छू’ से कम नहीं, यह बात अब सामने आई ऑडिओ क्लीप के जरिए सबके समक्ष उजागर हो गई है. उस ऑडिओ क्लीप को सुनने के बाद स्पष्ट तौर पर समझ में आता है कि, बच्चू कडू और उनके समर्थकों की ‘गैंग’ रेत तस्करी करनेवाले टिप्पर वाहनों का किस तरह से प्रयोग करती है तथा 2-4 लाख रुपए की सुपारी देकर टिप्पर वाहनों के जरिए किस तरह अपने विरोधियों का ‘गेम’ बजाया जाता है. चूंकि इससे पहले भी टिप्पर वाहनों द्वारा मारी गई टक्करों की वजह से राजनीतिक क्षेत्र से जुडे कुछ कार्यकर्ताओं की मौते हुई है. जिसे ध्यान में रखते हुए अब उन सभी सडक हादसे वाले मामलों की नए सिरे से जांच-पडताल की जानी चाहिए और पता लगाया जाना चाहिए कि, कहीं ‘बिच्छू’ द्वारा सडक हादसों की आड लेते हुए उन लोगों को ‘दंश’ तो नहीं मारा गया और उन लोगों की जानबूझकर जान तो नहीं ली गई.
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* मुझे मतदाताओं ने अपना विधायक चुना, मेरे परिवार की क्या गलती है
पत्रवार्ता में मीडिया कर्मियों से संवाद साधते हुए विधायक प्रवीण तायडे काफी हद तक भावुक होते हुए दिखाई दिए और उन्होंने कहा कि, वे कोई पेशेवर राजनीतिज्ञ नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के बेहद सामान्य कार्यकर्ता है तथा उन्होंने पार्टी के आदेशानुसार अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लडा था. चूंकि उनकी दावेदारी व पार्टी में निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को दम दिखाई दिया. तो करीब 75 से 80 हजार मतदाताओं ने उनके पक्ष में मतदान करते हुए उन्हें अपना विधायक चुना. इसमें पूर्व विधायक बच्चू कडू द्वारा उनके परिवार के साथ खुन्नस निकालने का कहीं से भी कोई सवाल नहीं उठता. विधायक तायडे ने यह भी कहा कि, किसी समय बच्चू कडू भी किसी सत्ताधारी विधायक को पराजित करते हुए ही विधायक निर्वाचित हुए थे और आगे भी तीन बार किसी न किसी प्रत्याशी को पराजित करते हुए ही विधायक चुने गए. लेकिन उस समय किसी ने बच्चू कडू के लिए इस तरह की घृणित व नृशंस सोच नहीं रखी. क्योंकि राजनीति और चुनाव में हार-जीत चलती रहती है. परंतु बच्चू कडू हमेशा ही लोकतंत्र की बजाए गुंडागिरी में भरोसा रखते आए है और ताकत के दम पर अपनी बात मनवाने की सोच रखते है. संभवत: अपनी इसी सोच के तहत बच्चू कडू ने चुनाव से लेकर अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य करवाने हेतु हमेशा ही सक्रिय भूमिका निभानेवाले उनके यानि विधायक प्रवीण तायडे के चचेरे भाई अभिजीत तायडे को रास्ते से हटाने की योजना पर काम करना शुरु किया था. परंतु यह सौभाग्यवाली बात रही कि, इस योजना पर अमल होने से पहले ही उसका भंडाफोड हो गया अन्यथा बहुत बडा अनर्थ घटित हो गया होता.
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* परिवार के लिए मैं राजनीति भी छोड सकता हूं
इस समय विधायक प्रवीण तायडे ने यह भी कहा कि, वे बेहद पारिवारिक किस्म के व्यक्ति है तथा समाजहित में राजनीति करते है. साथ ही साथ स्वस्थ राजनीति में यकिन रखते है. परंतु यदि राजनीति की आड लेते हुए उनके परिवार को निशाना बनाने का प्रयास होता है और इसकी वजह से यदि उनके परिवार के किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा खतरे में आती है, तो वे जरुरत पडने पर राजनीतिक क्षेत्र को छोडना पसंद करेंगे.
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* निष्पक्ष व प्रभावी जांच का पूरा भरोसा
इस पूरे मामले को लेकर चांदुर बाजार पुलिस सहित ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा की जा रही जांच-पडताल को समाधानकारक बताते हुए विधायक प्रवीण तायडे ने कहा कि, उन्हें इस मामले में राज्य सरकार, गृह मंत्रालय व ग्रामीण पुलिस की ओर से निष्पक्ष व प्रभावी जांच किए जाने का पूरा भरोसा है. साथ ही वे इस संदर्भ में राज्य के मुख्यमंत्री व गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करते हुए मामले की जांच के लिए विशेष जांच पथक (एसआईटी) का गठन किए जाने की मांग भी उठाएंगे.
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* ‘उन्हें’ अब अपनी असलियत उजागर होने का डर
गत रोज चांदुर बाजार पुलिस थाने में कथित ऑडिओ क्लीप को लेकर अपराधिक मामला दर्ज होते ही पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा वीडियो वायरल करते हुए दिए गए स्पष्टीकरण की ओर ध्यान दिलाए जाने पर विधायक प्रवीण तायडे ने कहा कि, बच्चू कडू को अब अपनी असलियत उजागर होने का डर सता रहा है. जिसके चलते वे भगवान श्रीराम के नाम और हिंदुत्व के मुद्दे की आड लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए खुद को बचाने का प्रयास कर रहे है. साथ ही साथ जाने-अनजाने बच्चू कडू ने अपने वीडियो में यह सच स्वीकार कर लिया है कि, उक्त ऑडिओ क्लीप विगत दिसंबर माह की है. वहीं बच्चू कडू ने उक्त ऑडिओ क्लीप में अपनी आवाज रहने को लेकर कोई खंडन भी नहीं किया. जिसका सीधा मतलब है कि, बच्चू कडू ने उस ऑडिओ क्लीप की सत्यता को स्वीकार किया है. जिससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि, बच्चू कडू के खाने के और दिखाने के दांत अलग-अलग है तथा वे राजनीति के नाम पर गुंडागिरी और सुपारी देने जैसे काम करते है. ऐसे में अब इस बात की सघन जांच होनी चाहिए कि, बच्चू कडू ने इससे पहले अब तक कितनी बार ऐसे ‘कारनामे’ किए है और कितने लोगों को ठिकाने लगाते हुए उन मामलों को सडक दुर्घटना दर्शाकर हमेशा के लिए दबाया गया. * ‘उनके’ सोशल मीडिया पर 60 से अधिक फेक अकाउंट
– अश्लील टिप्पणियों के जरिए करते है बदनाम करने का प्रयास
इस पत्रवार्ता में विधायक प्रवीण तायडे ने यह दावा भी किया कि, पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने अपनी एक टीम के जरिए सोशल मीडिया पर 60 से अधिक फेक अकाउंट खुलवा रखे है. जिनके जरिए अपने प्रतिस्पर्धियों व विरोधियों के लिए बेहद अश्लील व आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जाता है. साथ ही साथ विधायक प्रवीण तायडे ने यह भी कहा कि, पूर्व मंत्री बच्चू कडू व उनके गोलू उर्फ शुभम माहोरे जैसे समर्थकों द्वारा अपने विरोधियों को निपटाने या बदनाम करने के लिए महिलाओं की भी आड ली जाती है और महिलाओं के जरिए विरोधियों पर बेहद भद्दे तरह के झूठे आरोप लगाने का प्रयास भी किया जाता है.
* शुभम माहोरे ने 4 बार संपर्क कर भाजपा में आने की जताई थी इच्छा
इस समय बेहद जबरदस्त ढंग से वायरल हो रही ऑडियो क्लिप को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विधायक प्रवीण तायडे ने बताया कि, जिस तरह से उस ऑडियो क्लिप में यह कहा गया है कि, बच्चू कडू के कुछ लोगों को भाजपा में ‘प्लांट’ करते हुए विधायक प्रवीण तायडे की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और उनकी रेकी की जाए, उसी पर अमल करते हुए बच्चू कडू के समर्थक रहनेवाले गोलू उर्फ शुभम माहोरे ने इससे पहले करीब 4 बार उनसे यानि विधायक तायडे से संपर्क कर भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताई थी. लेकिन चूंकि विधायक प्रवीण तायडे को गोलू उर्फ शुभम माहोरे का पूरा इतिहास पता है, तो उन्होंने शुभम माहोरे को बिल्कुल भी अपने नजदिक नहीं आने दिया और उसे जहां है, वहीं खुश रहने के लिए कहा.





