‘उन’ पांचों नराधमों के नाम व चेहरे आए सामने

डीसीपी गणेश शिंदे ने पत्रवार्ता में दी जानकारी

* भानखेडा के जंगल में किया था सामूहिक दुष्कर्म व लूटपाट
* 28 मार्च की रात 8 बजे हुई थी वारदात, 12 घंटे के भीतर पकडे गए थे आरोपी
* बीती शाम पीडिता ने पांचों आरोपियों की पहचान परेड में की शिनाख्त
* मध्यवर्ती मजिस्ट्रेट के सामने हुई पहचान परेड में पीडिता ने पांचों आरोपियों को पहचाना
* पांचों आरोपी भानखेडा गांव के ही निवासी, इससे पहले भी कर चुके हैं लूटपाट
अमरावती/दि.4 – विगत 28 मार्च की रात करीब 8 बजे के आसपास भानखेडा के जंगल परिसर में घटित सामूहिक दुष्कर्म व लूटपाट की घटना का शिकार हुई पीडिता और उसके साथी युवक ने बीती शाम अमरावती के मध्यवर्ती कारागार में न्यायिक हिरासत के तहत रखे गए पांच आरोपियों की मजिस्ट्रेट के सामने कराई गई पहचान परेड में शिनाख्त कर ली. जिसके बाद आज दोपहर फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में बुलाई गई पत्रवार्ता में इस पूरे मामले को लेकर जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे ने बताया कि, पांचों आरोपियों ने पीसीआर के दौरान ही अपना अपराध कबूल कर लिया था और अब उन्हें पीडिता ने भी मजिस्ट्रेट के सामने हुई पहचान परेड में पहचान लिया है. जिसके चलते मामले की जांच को जल्द से जल्द पूरी करते हुए इस मामले की चार्जशीट को अदालत में पेश किया जाएगा.
इस पत्रवार्ता में पहली बार आरोपियों के नाम और फोटो जारी करते हुए पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे ने बताया कि, उन पांचों आरोपियों के नाम ईश्वर पांडुरंग मरस्कोल्हे (34), दिवाकर श्रीकृष्ण मरस्कोल्हे (25), प्रमोद नारायण वाघाडे (31), शुभम उर्फ सोमेश्वर नारायण वाघाडे (28) व उमेश बेनिराम भोयर (47) है. ये पांचों आरोपी भानखेडा परिसर के ही निवासी है. जो उस सुनसान इलाके से होकर गुजरनेवाले इक्का-दुक्का लोगों पर नजर रखते हुए उनके साथ लूटपाट करने की टोह में रहते है और उन्होंने अब तक कुछ छिटपुट वारदातों को अंजाम भी दिया है. हालांकि ऐसी घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ अब तक किसी पुलिस थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी. इस पत्रवार्ता में बताया गया कि, विगत 28 मार्च की शाम अमरावती में रहनेवाली युवती अपने एक युवक मित्र के साथ घूमने-फिरने के लिहाज से दुपहिया वाहन पर सवार होकर चांदुर रेलवे रोड की ओर लाँग ड्राईव पर गई थी और वे दोनों ही लोग देर शाम वहां से अमरावती की ओर वापिस आ रहे थे. वे दोनों रात 8 बजे के आसपास भानखेडा फाटे के निकट पहुंचे, जहां पर पहले से मौजूद पांचों आरोपियों ने उनका रास्ता रोका और दोनों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें पास ही स्थित जंगल परिसर में ले जाया गया. जहां पर युवक को रस्सी से बांधकर उसकी पिटाई की गई. इस समय पीडित युवती नेे अपनी पर्स में रखे नकद 120 रुपए आरोपियों के हवाले करने के साथ ही उन्हें अपने फोन के गुगल-पे में रहनेवाले 15 से 20 हजार रुपए देने की पेशकश भी की. लेकिन ऑनलाइन पेमेंट लेने पर पकडे जाने के भय से आरोपियों ने इस पेशकश को ठुकरा दिया. इसी समय पांचों आरोपियों में से ईश्वर मरस्कोल्हे नामक आरोपी ने उक्त युवती के साथ जोर-जबरदस्ती करते हुए उससे दुष्कर्म किया. इस दौरान अन्य चार आरोपी भी वहीं पर मौजूद थे तथा युवती के दोस्त के साथ मारपीट कर रहे थे. दुष्कर्म की वारदात के बाद जब उक्त युवती अपने कपडे ठीक कर रही थी, तब ईश्वर मरस्कोल्हे ने अपने मोबाइल के जरिए उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाते हुए धमकाया कि, अगर इस मामले को लेकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, तो वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा.
डीसीपी शिंदे के मुताबिक लूटपाट व दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीडिता व उसके दोस्त को उनके मोबाइल फोन सहित दुपहिया वाहन वापिस लौटा दिया तथा सभी आरोपी मौके से भाग निकले. जिसके बाद पीडिता और उसका दोस्त अपने दुपहिया वाहन पर सवार होकर जैसे-तैसे भानखेडा के जंगल से निकलकर अमरावती स्थित जिला सामान्य अस्पताल पहुंचे. जहां से पुलिस को इस पूरे मामले की सूचना मिली. पश्चात पुलिस ने पीडिता व उसके दोस्त से आरोपियों के हुलिए और घटनास्थल के बारे में पूछताछ करते हुए रात के समय ही घटनास्थल का मुआयना करते हुए हुलिए के आधार पर आसपास के परिसर में आरोपियों की खोजबीन करनी शुरु कर दी थी. साथ ही मुखबिरों को भी काम पर लगाया गया था. जिसके चलते अगले 12 घंटे के भीतर पांचों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ गए थे. जिन्हें पीसीआर में लेकर पूछताछ करने के साथ ही अब एमसीआर यानि न्यायिक हिरासत के तहत जेल में रखा गया है.
* जानबूझकर बरती गई थी गोपनीयता
इस समय मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे ने कहा कि, चूंकि पीडिता और आरोपी पहले से एक-दूसरे से परिचित नहीं थे. ऐसे में यदि पुलिस द्वारा आरोपियों की पहचान को उजागर कर दिया जाता, तो आगे चलकर आरोपियों के पास अपने बचाव में यह कहने का मौका रहा होता कि, पीडिता ने आरोपियों के नाम और चेहरे पहले ही मीडिया के जरिए देख लिए थे. जिसके चलते उसने संदेह के आधार पर पकडे गए आरोपियों की बराबर पहचान की. ऐसे में पुलिस ने आरोपियों की पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखते हुए उनकी मजिस्ट्रेट के सामने पीडिता के जरिए पहचान परेड कराई और पीडिता ने पांचों आरोपियों को बराबर पहचान भी लिया. जिसके चलते अब इस मामले में अभियोजन पक्ष को काफी मजबूती मिलेगी.
* मुखबिरों के साथ ही साईबर सेल से मिली भरपूर मदद
इस पत्रवार्ता में डीसीपी शिंदे ने यह भी बताया कि, इस मामले में आरोपियों को पकडने हेतु मुखबिरों के नेटवर्क सहित साईबर सेल की ओर से फ्रेजरपुरा पुलिस के डीबी पथक व क्राईम ब्रांच के दल को अच्छी-खासी सहायता मिली. जिसके चलते पुलिस ने वारदात के बाद अगले 12 घंटे के भीतर पांचों आरोपियों को धर दबोचा. साथ ही आरोपियों के पास से उनके वाहन व मोबाइल सहित वारदात में प्रयुक्त सामान को भी जब्त किया गया.

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