रिक्शा परमिट चाहिए, तो मराठी आना अनिवार्य
परमिटों की पुनः जांच के प्रताप सरनाईक के निर्देश

मुंबई/ दि.4 –राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा रिक्शा परमिट और बैच वितरण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों की शिकायतों का गंभीर संज्ञान लिया है. इसके अनुसार, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में सभी रिक्शा परमिट और बैच वितरण की पूरी पुनः जांच कर 1 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं.
परिवहन मंत्री सरनाईक की अध्यक्षता में वांद्रे स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय में राज्य के सभी परिवहन अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया कि परमिट देने की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परमिट दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. मीरा-भाईंदर के विधायक नरेंद्र मेहता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की गई शिकायत के अनुसार, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कुछ विदेशी नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से निवासी प्रमाणपत्र प्राप्त कर रिक्शा और टैक्सी परमिट हासिल किए हैं, ऐसे आरोप हैं. विशेष रूप से शहर के डाचकुलपाडा, मांडवीपाडा क्षेत्रों के निवासी होने के प्रमाण प्रस्तुत करते समय बिजली बिल अदानी कंपनी का दिया गया है, जबकि यहां टाटा पावर द्वारा बिजली आपूर्ति की जाती है, यह भी उन्होंने उजागर किया है. यह मामला अत्यंत गंभीर है और प्रत्येक मामले की गहन जांच होना आवश्यक है.
* परमिट धारक को मराठी भाषा आना अनिवार्य
मीरा-भाईंदर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर पिछले 10 वर्षों में दिए गए सभी रिक्शा परमिटों की गहन जांच की जाएगी. इसके लिए एक महीने का विशेष कैंप आयोजित कर प्रत्येक दस्तावेज की बारीकी से जांच की जाएगी। मोटर परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार संबंधित परमिट धारक को मराठी भाषा आना अनिवार्य है. मुख्य रूप से इसी की जांच की जाएगी। साथ ही, गलत तरीके से परमिट देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। इसके लिए आवश्यकता अनुसार बड़े पैमाने पर अधिकारी और कर्मचारी तैनात करने के भी आदेश दिए गए हैं.
इस बीच, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परमिट मिलने से शहर की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है, ऐसा बताते हुए मंत्री सरनाईक ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेने और किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं.





