सिपना नदी के डोह में दो सगी बहनों की मौत
धारणी के दिया गांव पर टूटा दुखों का पहाड़

* बहन को बचाने के लिए बड़ी की छलांग रही बेकार
* मासूम बेटियों की मौत से गांव में नहीं जला चूल्हा
धारणी/दि.6– तहसील के दिया गांव में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. सिपना नदी के शांत दिखने वाले डोह ने दो सगी बहनों को अपनी गहराई में समा लिया और दोनों की दर्दनाक मौत हो गई. छोटी बहन को बचाने के लिए बड़ी बहन ने जान की बाजी लगा दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. इस हादसे के बाद पूरे दिया गांव में मातम पसरा हुआ है और कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला.
जानकारी के अनुसार, दिया गांव निवासी आनंद गिरी की दो बेटियां आस्था गिरी (12 वर्ष) और अनु गिरी (14 वर्ष) रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव के अन्य बच्चों के साथ सिपना नदी पर नहाने गई थीं. तेज गर्मी के चलते सभी बच्चे नदी में खेल रहे थे, तभी अचानक आस्था का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई. छोटी बहन को डूबता देख बड़ी बहन अनु ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी. उसने आस्था को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन नदी के गहरे डोह और तेज पानी के कारण वह खुद भी संतुलन खो बैठी. देखते ही देखते दोनों बहनें पानी में समा गईं. नदी किनारे मौजूद बच्चों ने शोर मचाया तो गांववासी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों के शव बाहर निकाले गए. बाद में शवों को पोस्टमार्टम के लिए उपजिला अस्पताल भेजा गया.
इस दर्दनाक हादसे से आनंद गिरी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. एक ही घर की दो मासूम बेटियों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है. पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
* मौत के डोह में बहन की जंग रही अधूरी
सिपना नदी का पानी भले ही ऊपर से शांत नजर आता हो, लेकिन इसके भीतर कई गहरे और खतरनाक डोह छिपे हुए हैं. अनु ने अपनी बहन को बचाने के लिए जिस साहस के साथ मौत से मुकाबला किया, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. लेकिन नियति के इस क्रूर खेल में दोनों मासूम जिंदगियां बुझ गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है.





