‘उस’ पेन ड्राइव को भेजा गया फॉरेन्सिक लैब
विधायक तायडे के चचेरे भाई को मारने की साजिश रचने का मामला

* पूर्व मंत्री बच्चू कडू व उनके दो सहयोगी हुए है नामजद
अमरावती /दि.6- अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक प्रवीण तायडे के चचेरे भाई अभिजीत तायडे को किसी सडक हादसे में जान से मार देने की साजिश रचने के मामले में सामने आई ऑडियो क्लिप को इस समय जांच हेतु फॉरेन्सिक लैब में भेज दिया गया है, ताकि उस ऑडियो क्लिप में दर्ज रहनेवाली आवाज की जांच-पडताल करते हुए पता लगाया जा सके कि, क्या वाकई उस ऑडियो क्लिप में पूर्व मंत्री बच्चू कडू एवं उनके गोलू उर्फ शुभम माहोरे सहित एक अन्य सहयोगी की आवाज रिकॉर्ड है और क्या वाकई पूर्व मंत्री बच्चू कडू सहित उनके दोनों सहयोगियों द्वारा विधायक प्रवीण तायडे के चचेरे भाई अभिजीत तायडे को किसी ‘टिप्पर गैंग’ के जरिए जान से मार देने की योजना बनाते हुए इसे आगे चलकर कोई सडक हादसा दिखाने की साजिश रची जा रही थी. ऐसे में अब उक्त ऑडियो क्लिप को लेकर फॉरेन्सिक लैब से आनेवाली रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई है.
बता दें कि, अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रवीण तायडे ने विगत 3 अप्रैल को चांदुर बाजार पुलिस थाने सहित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ऑडियो क्लिप पेश की थी और दावा किया था कि, उक्त ऑडियो क्लिप अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक बच्चू कडू के कुरलपूर्णा गांव स्थित निवासस्थान पर रिकॉर्ड की गई है. जहां पर पूर्व मंत्री बच्चू कडू अपने कुछ सहयोगियों के साथ बातचीत करते हुए, उनके यानि विधायक प्रवीण तायडे के चचेरे भाई अभिजीत तायडे को किसी सडक हादसे में जान से मार देने की योजना बना रहे थे. जिसके तहत यह तय किया गया था कि, यवतमाल से वास्ता रखनेवाले रेती तस्करों के ‘टिप्पर गैंग’ को दो-चार लाख रुपए देकर अभिजीत तायडे को किसी टिप्पर से कुचलवा दिया जाए और अभिजीत तायडे की मौत हो जाने के बाद इस घटना को सडक हादसा दर्शाया जाए. इस शिकायत व आरोप के सामने आते ही चांदुर बाजार शहर व तहसील सहित पूरे अमरावती जिले एवं समूचे राज्य में अच्छा-खासा हडकंप व्याप्त हो गया था. जिसके बाद जहां एक ओर विधायक प्रवीण तायडे ने पत्रवार्ता बुलाते हुए इस पूरे मामले को लेकर विस्तार के साथ जानकारी दी थी. वहीं फिलहाल माउंट एवरेस्ट के बेस्ट कैम्प की यात्रा पर रहनेवाले पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने इसे अपने खिलाफ एक राजनीतिक साजिश बताते हुए ऐलान किया था कि, वे अमरावती आते ही खुद होकर इस मामले में पुलिस के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे तथा अदालत सेे जमानत मिलने के बाद अपने खिलाफ हो रही साजिश के बारे में पूरा खुलासा करेंगे. ऐसे में अब इस पूरे मामले की ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है. वहीं इस बीच चांदुर बाजार पुलिस सहित जिला ग्रामीण पुलिस द्वारा इस हाईप्रोफाईल मामले को लेकर बडे सघन तरीके से जांच-पडताल की जा रही है.
* रिपोर्ट मिलने में लग सकता है दो से तीन महिने का समय
बता दें कि, अमरावती शहर में स्थित न्याय वैद्यक प्रयोगशाला यानि फॉरेन्सिक लैब में संभाग के पांचों जिलों से विविध अपराधिक मामलों से संबंधित कई तरह के सबूतों को जांच-पडताल हेतु भेजा जाता है. जिसके चलते अमरावती की फॉरेन्सिक लैब पर काम का काफी अधिक बोझ रहता है और किसी भी सैम्पल की रिपोर्ट मिलने के लिए 4 से 6 माह का समय लगता है. इसमें भी यदि ऑडियो व वीडियो रेकॉर्डींग के सैम्पल की तकनीकी आधार पर जांच करते हुए उसकी सत्यता का पता लगाना है, तो इसकी प्रक्रिया काफी हद तक क्लिष्ट रहती है. जिसमें दो-चार माह का समय लगना तय रहता है. हालांकि यह मामला अपने-आप में काफी हाईप्रोफाईल है, जिसके चलते उम्मीद जताई जा रही है कि, इस मामले में फॉरेन्सिक रिपोर्ट को लेकर थोडी जल्दी जांच की जा सकती है. लेकिन इसके बावजूद रिपोर्ट मिलने में कम से कम डेढ से दो माह का समय लगना फिर भी तय है.





