आंखों में आंसू और सामने अजित पवार के शब्दों पर विश्वास करने वाले हजारों लोग
डीसीएम सुनेत्रा पवार ने भरा नामांकन

* बारामती विधानसभा उपचुनाव
बारामती/दि.6 – आंखों में आंसू और सामने अजित पवार के शब्दों पर विश्वास करने वाले हजारों लोग. सुनेत्रा पवार की असली परीक्षा करीब आ गई है. बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए सुनेत्रा पवार तैयार हो गई हैं. चुनाव के लिए उम्मीदवार के तौर पर आवेदन दाखिल करने से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का मेळावा आयोजित किया गया. इस मेळावे में सुनेत्रा पवार भावुक हो गईं. अजित पवार का नाम लेते हुए सुनेत्रा पवार ने बारामतीकरों को आवाहन किया. डीसीएम पवार ने आज यहां बारामती विधानसभा के उपचुनाव हेतु नामांकन दायर किया. इस समय समस्त पवार परिवार के साथ ही महायुति के सभी बडे नेता मौजूद थे.
दो महीने पहले हम सभी ने अपने प्रिय नेता को खो दिया. आज मैं बारामती विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर रही हूं. मुझे सपने में भी नहीं लगा था कि बारामती में यह उपचुनाव होगा. दादा अभी भी हमारे बीच नहीं हैं, ऐसा मुझे लगता ही नहीं. दादा का जाना केवल मेरा, मेरे परिवार का व्यक्तिगत नुकसान नहीं है, बल्कि बारामती, देश और महाराष्ट्र का नुकसान है, ऐसा कहते हुए सुनेत्रा पवार ने भावनात्मक अपील की. बारामती दादा की सांस थी. इसलिए उनकी आखिरी सांस बारामती की मिट्टी में ही समाई ऐसा कहते हुए सुनेत्रा पवार की आवाज भर आई, उनकी आंखें नम हो गईं.
बारामतीकरों के विकास के लिए आदरणीय दादा का सपना पूरा करने के लिए मैंने अपना दुख भीतर ही दबा लिया. बहुत धैर्य के साथ मैं आप सभी के लिए बाहर आई हूं. लेकिन मुझे यह हिम्मत आप बारामतीकरों को देखकर मिली है ऐसा सुनेत्रा पवार ने कहा. बारामतीकरों का प्यार, समर्थन, आपकी साथ ही मेरी ताकत है. पिछले 35-36 सालों में आदरणीय अजित दादा को आपने भारी मतों से जिताया है. दादा ने हर बार अपने ही मतों के रिकॉर्ड तोड़े. आपके मतों का बोझ समझकर मैं 24 घंटे काम करता हूं, ऐसा दादा हमेशा कहते थे. दादा के बाद यह मेरी पहली चुनाव है. यह केवल चुनाव नहीं है, बल्कि दादा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का हर बारामतीकर के लिए एक मौका है ऐसा कहते हुए सुनेत्रा पवार ने बारामतीकरों से भावनात्मक अपील की. बारामतीकरों और कार्यकर्ताओं से कभी दूरी नहीं बनाएंगी, ऐसा आश्वासन भी सुनेत्रा पवार ने दिया.





