‘कोणार्क’ को सफाई ठेके में कैसे व क्यों दी गई बडी-बडी छूट?

स्वच्छता समिति की पहली बैठक में उपस्थित हुआ सवाल

अमरावती/दि.6 – विगत 28 फरवरी को साफ-सफाई के मुद्दे पर बुलाई गई मनपा की विशेष सभा में लिए गए निर्णयानुसार गठित स्वच्छता समिति की आज मनपा मुख्यालय स्थित स्व. सुदामकाका देशमुख सभागार में पहली बैठक हुई. जिसमें कोणार्क कंपनी को सफाई ठेका देने हेतु किए गए करारनामे में कई शर्तों का जमकर उल्लंघन करने तथा जानबूझकर कोणार्क कंपनी को राहत व छूट का लाभ दिए जाने का मुद्दा जबरदस्त तरीके से गूंजा. साथ ही इसे लेकर मनपा प्रशासन को सवालों के कटघरे में भी खडा किया गया और इस संदर्भ में मनपा प्रशासन से जमकर सवाल-जवाब भी किए गए.
बता दें कि, विगत 28 फरवरी को साफ-सफाई के मुद्दे पर हुई मनपा की विशेष सभा में कचरे व गंदगी की समस्या को निपटाने हेतु अध्ययन गट के तौर पर स्वच्छता समिति का गठन किए जाने का निर्णय लिया गया था. पश्चात 17 मार्च को हुई मनपा की आमसभा के दौरान स्वच्छता समिति में शामिल किए जानेवाले सर्वदलीय पार्षदों के नामों की घोषणा की गई थी. जिसके तहत मनपा के स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर, सभागृह नेता चेतन गावंडे, नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल, एड. प्रशांत देशपांडे, भोजराज काले, दिनेश बूब व संजय हिंगासपुरे सहित पार्षद संजय नरवणे, नूतन भुजाडे, सुरेखा लुंगारे, मिलिंद चिमोटे, बबलू शेखावत, नाना आमले, प्रशांत वानखडे, अजय जयस्वाल, शेख हमीद शेख वायद, नजीम खान, मंगेश मनोहरे, डॉ. राजेंद्र तायडे को स्वच्छता समिति में शामिल किया गया था. जिसके उपरांत स्वच्छता समिति में शामिल सर्वदलीय पार्षदों की आज पहली बार बैठक हुई. जिसमें शहर की साफ-सफाई सहित कचरा संकलन एवं कचरा ढुलाई हेतु 7 वर्षों के लिए कोणार्क कंपनी को दिए गए एकल व संयुक्त ठेके के नियमों व शर्तों पर विचार-विमर्श किया गया और निष्कर्ष निकाला गया कि, कोणार्क कंपनी को करीब साढे 300 करोड रुपयों का सफाई ठेका दिए जाते समय निविदा करार में कई नियमों व शर्तों में जानबूझकर ढील दी गई, या फिर ऐसे नियमों व शर्तों की खुले तौर पर अनदेखी की गई.
आज हुई स्वच्छता समिति की पहली बैठक में मुख्य तौर पर तीन मुद्दों पर चर्चा केंद्रीत है. जिसमें सबसे पहला मुद्दा यह उठाया गया कि, निविदा करार के मुताबिक कोणार्क कंपनी द्वारा सन 2025 के बाद बने वाहनों को कचरा संकलन के काम हेतु ठेकेदार द्वारा लगाया जाना अपेक्षित था. परंतु कोणार्क कंपनी द्वारा कचरा संकलन व कचरा ढुलाई के लिए वर्ष 2020 से 2023 के दौरान बने वाहनों को काम पर लगाया गया है. यह सीधे-सीधे निविदा करार की शर्तों का उल्लंघन है. इसी तरह सफाई ठेकेदार द्वारा प्रत्येक प्रभाग में 55 सफाई कर्मिर्यों की नियुक्ति करने के साथ ही निर्धारित संख्या के अनुरुप कचरा संकलन हेतु घंटा गाडी तथा कचरा ढुलाई हेतु ट्रक व ट्रैक्टर सहित कॉम्पैक्टर व फॉगिंग मशीन को लगाया जाना भी अपेक्षित है. परंतु अधिकांश प्रभागों में सफाई ठेकेदार द्वारा निर्धारित से बेहद कम सफाई कर्मी एवं यंत्र सामग्री को लगाया गया है. जिसके चलते शहर में सही ढंग से साफसफाई का काम नहीं हो पा रहा. लेकिन इसके बावजूद भी सफाई ठेकेदार के खिलाफ मनपा प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, जिसका सीधा मतलब है कि, मनपा प्रशासन द्वारा सफाई ठेकेदार की गलतियों को जानबूझकर अनदेखा करते हुए उसे फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
इन सबके साथ ही आज सर्वाधिक चर्चा इस बात को लेकर हुई कि, 7 वर्ष के ठेका करार अंतर्गत ठेकेदार कंपनी को उसके द्वारा जमा कराया गया सिक्युरिटी डिपॉजिट दो वर्ष के अंतराल पश्चात चरणबद्ध ढंग से वापिस करनान शुरु किया जाएगा, ऐसी शर्त का रहना जरुरी था. परंतु मनपा द्वारा दो वर्ष की शर्त की बजाए एक आर्थिक वर्ष की शर्त का उल्लेख किया गया है. यह भी सीधे-सीधे सफाई ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने का प्रयास है. ऐसे में अब इस ठेका करार की नए सिरे से समीक्षा की जानी चाहिए तथा जहां कहीं पर भी जरुरी महसूस होता है, उन शर्तों को नए सिरे से परिभाषित किया जाना चाहिए, ऐसा निष्कर्ष भी पार्षदों के अभ्यास गुट द्वारा निकाला गया.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, मनपा की अगली आमसभा से पहले आगामी 13 अप्रैल को स्वच्छता समिति की एक और बैठक होनेवाली है. जिसमें आज हुई बैठक की रिपोर्ट के आधार पर अगले एक सप्ताह के दौरान मनपा द्वारा उठाए जानेवाले कदमों पर भी विचार-विमर्श होगा. जिसके उपरांत आमसभा में रखने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाएगा.

आयुक्त वर्षा लढ्ढा से मिले कांग्रेसी पार्षद
स्वच्छता समिति की बैठक के बाद कांग्रेसी पार्षदों के दल ने मनपा की नवनियुक्त आयुक्त वर्षा लढ्ढा से मुलाकात करते हुए उन्हें शहर की गडबडाई हुई स्वच्छता व्यवस्था एवं सफाई ठेके में हुईई गडबडियों के बारे में जानकारी दी. इस समय कांग्रेस पार्षदों का कहना रहा कि, सफाई ठेकेदार द्वारा नियमानुसार सफाई कर्मियों व यंत्र सामग्री की उपलब्धता नहीं करवाई गई है. बावजूद इसके मनपा प्रशासन द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. साथ ही साथ कांग्रेस पार्षदों ने इस बात को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई की कि, एक ब्लैक लिस्टेट कंपनी को मनपा प्रशासन द्वारा नियमबाह्य तरीके से बायोमायनिंग के काम के ठेके हेतु वर्क ऑर्डर जारी किया जा रहा है, जिसे कदापी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अत: सबसे पहले उक्त कंपनी के नाम जारी किए जानेवाले वर्क ऑर्डर को रद्द किया जाए.
इस समय कांग्रेस पार्षदों ने नवनियुक्त आयुक्त वर्षा लढ्ढा का अमरावती मनपा में आयुक्त बनने के उपलक्ष्य में स्वागत एवं अभिनंदन भी किया. इस अवसर पर मनपा के नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल व मिलिंद चिमोटे, पार्षद बबलू शेखावत, प्रशांत महल्ले, संजय शिरभाते, फिरोजभाई, विक्की वानखडे आदि उपस्थित थे.

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