एमडी ड्रग्ज तस्करी मामले में शहर पुलिस को मिली बडी सफलता
एमडी ड्रग्ज बनानेवाला विष्णुलाल गायरी राजस्थान से धरा गया

* विष्णुलाल की फैक्टरी में बनती थी करोडों रुपयों की ड्रग्ज, देशभर में होता था सप्लाय
* दर्जनों वाहनों व कडी सुरक्षा के बीच चला करता था विष्णुलाल, कई बार दे चुका पुलिस को चकमा
* 25 मामलों में नामजद व फरार विष्णुलाल पहली बार चढा पुलिस के हत्थे
* 16 दिनों से क्राईम ब्रांच का दल जमा हुआ था राजस्थान के प्रतापगढ जिले में
* जबरदस्त जाल बिछाकर पुलिस ने पकडा विष्णुलाल को, रेत मजदूरों के भेष में की कार्रवाई
* विष्णुलाल के हैंडलर मांगीलाल को भी क्राईम ब्रांच ने लिया हिरासत में
* अब तक धरे गए आरोपियों की संख्या हुई 8, अब भी 6 आरोपियों की सरगर्मी से तलाश
अमरावती/दि.7 – विगत कई दिनों से एमडी ड्रग्ज तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जबरदस्त कार्रवाई कर रही अमरावती शहर पुलिस के हाथ गत रोज उस समय बडी सफलता लगी, जब पिछले 16 दिनों से राजस्थान की खाक छान रहे क्राईम ब्रांच के दल ने राजस्थान में कैसर बॉर्डर पर एमडी ड्रग्ज बनाने का कारखाना चलानेवाले विष्णुलाल मोहनलाल गायरी (32, मोहोडा, तह. अर्नोड, जि. प्रतापगढ) को धर दबोचा. खास बात यह रही कि, विष्णुलाल गायरी नामक यह शातिर अपराधी ड्रग्ज तस्करी से संबंधित अलग-अलग 25 मामलों में नामजद रहने के बावजूद अब तक किसी भी थाने की पुलिस के हाथ नहीं लगा था. क्योंकि करीब 8 से 10 स्कार्पियो वाहनों तथा कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चलनेवाले विष्णुलाल गायरी तक पुलिस कभी पहुंच ही नहीं पाती थी. परंतु विगत 16 दिनों से राजस्थान में डेरा जमाए बैठे क्राईम ब्रांच के दल ने बडी होशियारी व चालाकी के साथ विष्णुलाल गायरी को धर दबोचा तथा उससे उसके एक साथी मांगीलाल गणपतसिंह सिंघावत (48, मिजीयान, तह. मकराना, जि. डिडवाना) के साथ गिरफ्तार कर अमरावती लाया गया. इन दोनों आरोपियों को आज शाम स्थानीय अदालत के सामने पेश करते हुए पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की गई.
बता दें कि, विगत 8 मार्च को शहर पुलिस की क्राईम ब्रांच ने लालखडी से सुकली रोड पर छापामार कार्रवाई करते हुए 2.81 किलो एमडी ड्रग्ज की खेप पकडी थी. जिसका मूल्य 3 करोड रुपए के आसपास था. इस कार्रवाई के दौरान मोहम्मद मोईन व शेख अहमद नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए पूछताछ की गई थी, तो पता चला कि, ड्रग्ज की यह खेप मुंबई में रहनेवाले अजीम असद शेख के जरिए राजस्थान से लाई गई थी. साथ ही यह भी पता चला कि, मुंबई में रहनेवाला अजीम शेख एक इंटरनेशनल तस्कर है, जो विदेशी सिगरेटों सहित मादक पदार्थों की तस्करी करता है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि, इस कार्रवाई से पहले अजीम शेख ने करीब ढाई किलो एमडी ड्रग्ज की खेप को अमरावती भिजवाया था. लेकिन इसका भुगतान नहीं मिलने की वजह से माल को मुंबई वापिस बुला लिया था. जिसके बाद मुंबई में दुबारा डील होनेवाली थी. जिसकी भनक लगते ही अमरावती क्राईम ब्रांच का दल मुंबई पहुंच गया था और वहीं पर आठ दिन तक डेरा जमाए रखा. लेकिन वहां आरोपी नहीं मिले, तो यह दल अमरावती वापिस लौट आया. इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि, मुंबई से ड्रग्ज की खेप लेकर दो आरोपी दुपहिया वाहन के जरिए मुर्तिजापुर तक पहुंच चुके है. जिसके बाद क्राईम ब्रांच के दल ने मुर्तिजापुर से अमरावती की ओर आनेवाले सभी रास्तों पर अपना जाल बिछाया था. जिसके बाद मोहम्मद मोईम व शेख अहमद नामक दो आरोपी दुपहिया वाहन पर 2.81 किलो एमडी ड्रग्ज की खेप ले जाते पकडे गए थे. जिसके बाद उन दोनों की निशानदेही पर 21 मार्च को मुंबई से अजीम शेेख भी 81 ग्राम एमडी ड्रग्ज की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया. जिसके जरिए राजस्थान से एमडी ड्रग्ज की खेप को मुंबई भेजनेवाले मांगीलाल गणपतलाल सिंघावत का पता चला.
एमडी ड्रग्ज तस्करी का व्हाया मुंबई, राजस्थान के साथ कनेक्शन जुडते ही अमरावती शहर पुलिस का तुरंत ही राजस्थान पहुंचा. जहां पर सबसे पहले मांगीलाल सिंघावत की खोजबीन करते हुए उसे कडी मशक्कत के बाद धरा गया. क्योंकि अमरावती मुलिस के आने की भनक लगते ही मांगीलाल सिंघावत फरार हो गया था, जिसे अमरावती शहर पुलिस के काईम ब्रांच पथक ने खोज निकाला. जिससे की गई पूछताछ में पता चला कि, मांगीलाल सिंघावत भी एक ड्रग्ज सप्लायर है, जो विष्णुलाल की फैक्टरी में बननेवाले ड्रग्ज की सप्लाय करता है और अपने कारखाने एमडी ड्रग्ज बनानेवाला विष्णुलाल ही इस पूरे रैकेट का मुखिया है.
इस जानकारी के सामने आते ही क्राईम ब्रांच के दल ने विष्णुलाल की जानकारी निकालने के साथ ही उसकी खोजबीन करनी शुरु की, तो पता चला कि, विष्णुलाल का कैसर बॉर्डर के पास कारखाना है. जहां पर डेढ माह पहले ही पुलिस का छापा पडा था और करीब 50 करोड रुपए मूल्य की एमडी ड्रग्ज जब्त हुई थी. साथ ही यह जानकारी भी सामने आई कि, विष्णुलाल एक बेहद शातिर अपराधी है. जिसके खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में एमडी ड्रग्ज तस्करी के 25 से अधिक मामले दर्ज है. लेकिन वह आज तक किसी भी मामले में पकडा नहीं जा सका. पता यह भी चला कि, हमेशा ही पुलिस की कार्रवाई को लेकर बेहद चौकन्ना रहनेवाला विष्णुलाल करीब 8 स्कार्पियो वाहनों का काफीला लेकर चलता है और उसे जहां कहीं पर भी जाना होता है, तो उस जगह के आसपास लगभग एक किमी के दायरे की उसके लोगों द्वारा पूरी जांच-पडताल की जाती है, जिनकी ओर से ‘ऑल ओके’ का सिग्नल मिलने के बाद विष्णुलाल उस जगह पर पहुंचता है. जिसके चलते अमरावती क्राईम ब्रांच के दल के लिए विष्णुलाल को पकडना काफी चुनौतीपूर्ण काम था. ऐसे में क्राईम ब्रांच के दल ने अपने कब्जे में रहनेवाले मांगीलाल के जरिए विष्णुलाल तक 50 किलो एमडी ड्रग्ज के सौदे से संबंधित संदेशा पहुंचाया और डील फाईनल करने हेतु कैसर बॉर्डर के निकट नदी किनारे स्थित एक ढाबे पर विष्णुलाल को बुलाया गया. जहां पर गत रोज विष्णुलाल के लोग करीब 6 स्कार्पियो वाहनों का काफीला लेकर पहुंचे. इस समय मांगीलाल अकेला ही ढाबे पर बैठा हुआ था. जबकि पास ही स्थित नदी के रेती घाट पर अमरावती क्राईम ब्रांच के पुलिस कर्मी रेती मजदूरों का वेश धारण कर रेती खुदाई का काम कर रहे थे. जिनकी पूरी नजर मांगीलाल पर थी. जिसे पहले से ही समझाया गया था कि, विष्णुलाल के आते ही वह अपनी जेब से लाल रुमाल निकालकर इशारा देगा. करीब 8 घंटे के इंतजार के बाद विष्णुलाल गायरी स्कार्पियो वाहन क्रमांक आरजे-09/यूए-7699 में सवार होकर उस परिसर में पहुंचा. इस दौरान उसके साथ आए लोग 4 स्कार्पियो वाहनों में सवार होकर आसपास के पूरे परिसर का जायजा लेते रहे. ढाबे पर पहुंचने के बाद भी अगले 20 मिनट तक विष्णुलाल अपने स्कार्पियो वाहन से नीचे नहीं उतरा, बल्कि करीब 20 मिनट के बाद उसने मांगीलाल को आवाज देकर अपने पास बुलाया और फिर उसे अपने स्कार्पियो वाहन में बिठाकर काफी देर तक बातचीत की. इस दौरान रेत मजदूर बने पुलिस कर्मियों की निगाहें पूरा समय विष्णुलाल के स्कार्पियो वाहन पर जमी हुई थी. काफी देर बार विष्णुलाल अपने वाहन से नीचे उतरा और मांगीलाल को साथ लेकर ढाबे की ओर बढा, तभी मांगीलाल ने अपनी जेब से लाल रुमाल निकालकर क्राईम ब्रांच के दल को सिग्नल दिया. जिसे देखते ही क्राईम ब्रांच के दल ने इस ढाबे के आसपास छिपाकर खडे किए गए अपने चार वाहनों से विष्णुलाल के स्कार्पियो वाहन को घेर लिया. साथ ही कुछ पुलिस कर्मी विष्णुलाल को पकडने के लिए लपके. इस समय पूरा माजरा समझ में आते ही विष्णुलाल ने पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए वहां से भागने की कोशिश की. लेकिन क्राईम ब्रांच के दल ने उस पर तुरंत ही काबू पाया और उसे अपने वाहन में बिठाया. जिसके बाद क्राईम ब्रांच का दल तुरंत ही जगह-जगह पर लगी राजस्थान पुलिस की सिक्युरिटी को चकमा देते हुए मध्य प्रदेश बॉर्डर की ओर गई, जहां पर विष्णुलाल से काफी देर तक पूछताछ करने के बाद उसे दुबारा राजस्थान की सीमा में लाया गया और प्रतापगढ जिला पुलिस के पास इस कार्रवाई की जानकारी को दर्ज करते हुए क्राईम ब्रांच का दल विष्णुलाल गायरी व मांगीलाल सिंघावत को अपने साथ लेकर अमरावती के लिए रवाना हो गया. इस समय तक राजस्थान पुलिस को इस कार्रवाई के बारे में दूर-दूर तक कोई खबर नहीं थी. जबकि खुद राजस्थान पुलिस भी लंबे समय से विष्णुलाल गायरी की खोजबीन कर रही थी, परंतु विष्णुलाल गायरी पहली बार अमरावती शहर पुलिस की क्राईम ब्रांच के हत्थे चढा. ऐसे में इसे अमरावती शहर क्राईम ब्रांच की काफी बडी सफलता माना जा रहा है. वहीं अब विष्णुलाल गायरी के बेहद करीबी सहयोगी रहनेवाले राधेश्याम श्रीपाद दमामी (कोडीनेरा, तह. अर्नोड, जि. प्रतापगढ) की सरगर्मी से तलाश की जा रही है, जो मौके से फरार होने में कामयाब रहा.
यह कार्रवाई शहर पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे, रमेश धुमाल व श्याम घुगे के मार्गदर्शन तथा क्राईम ब्रांच के पीआई संदीप चव्हाण के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच के एपीआई महेश इंगोले, पीएसआई गजानन सोनोने, पोहेकां गजानन ढेवले, विशाल वाकपांजर, मंगेश परिमल, विकास गदादे, मनोज ठोसर, अतुल सांभे, जहीर शेख, सागर ठाकरे, निखिल गेडाम, सूरज चव्हाण, चालक प्रभात पोकले, चेतन शर्मा व संदीप खंडार के पथक द्वारा की गई. जिन्हें अमरावती शहर पुलिस की साईबर सेल का भी जबरदस्त सहयोग मिला. उल्लेखनीय है कि, अब तक ड्रग्ज तस्करी के मामले में कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं फरार रहनेवाले आरोपियों की संख्या 6 पर जा पहुंची है, जिनकी पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है.





