निधि व विधि नागपुरे ने परंपरा को दरकिनार कर निभाई जिम्मेदारी

जुडवा बहनों ने मां को दी मुखाग्नि

भद्रावती/दि.9– समाज में चली आ रही रुढीवादी परंपराओं को दरकिनार करते हुए स्थानीय झिंगूजी वार्ड निवासी दो जुडवा बहनों ने अपनी मां के अंतिम संस्कार में खुद आगे बढकर मुखाग्नि देकर एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है. आम तौर पर अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देने का कार्य पुरुषों द्वारा किया जाता है, लेकिन इन बहनों ने परंपरा को तोडते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई.
अनीता नागपुरे लंबे समय से बीमार चल रही थी और उनका इलाज तथा देखभाल सही तरीके से की जा रही थी. अचानक तबीयत बिगडने से उनका निधन हो गया. उनके परिवार में पति चंदन नागपुरे और 2 जुडवा बेटी निधि व विधि है. अंतिम यात्रा के दौरान दोनों बहनें पूरे समय सक्रिय रही औरे कंधे से कंधा मिलाकर व हाथ में पूजन की सामग्री लेकर सभी विधियों में शामिल हुई और अंत में स्वयं आगे बढकर अपनी मां को मुखाग्नि दी.
मुखाग्नि के इस दृष्य को देखकर सभी लोग भावुक हो गये और दोनों बहनों के साहस की सराहना की. चंदन नागपुरे साधारण मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं. पत्नी के निधन के बाद अब बेटियों की परवरिश और उनके विवाह की बडी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है. ऐसे में बेटियों द्वारा दिखाया गया साहस समाज के लिए प्रेरणादायी माना जा रहा है. इस घटना से यह संदेश जाता है कि, बेटियां भी बेटों के समान हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम है. बदलते समय के साथ महिलाओं की भूमिका हर क्षेत्र में मजबूत हो रही है. ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा दिखा रहे हैं.

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