अब 3 से 8 घंटे में मिलेगी इलाज की मंजूरी

प्रक्रिया सरल और तेज होने से मरीजों को मिलेगी मदद, वॉर रुम से होगी मॉनिटरिंग

मुंबई /दि.9- आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों के लिए राहत की खबर है. राज्य सरकार अब ऐसी आधुनिक ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता सिर्फ 3 से 8 घंटे के भीतर मंजूर हो सकेगी. यह सुविधा मुख्यमंत्री चिकित्सा एवं सहायता निधि कक्ष के जरिए दी जाएगी. बहुत जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस व्यवस्था को हरी झंडी देंगे. इस व्यवस्था के तहत मरीजों को कहीं भटकने की जरुरत नहीं होगी. वह सीधे नजदीकी अस्पताल में जाकर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे. हर अस्पताल में आरोग्य दूत मौजूद रहेगा, जो मरीज की पूरी जानकारी ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड करेगा. इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग वॉर रुम से होगी.

* पूरी प्रक्रिया होगी पेपरलेस और कैशलैस
नई प्रणाली पूरी तरह डिजिटल होगी. इसमें न तो फाइल की जरुरत होगी और न ही मरीज या उसके परिजनों को मंत्रालय के चक्कर लगाने पडेंगे. यह प्रक्रिया पेपरलेस और कैशलेस होगी. इससे अस्पतालों के फर्जीवाडे पर भी लगाम लग सकेगी.

* पहले लगते थे कई दिन
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक के अनुसार पहले मरीजों को फाइल लेकर मंत्रालय के चक्कर लगाने पडते थे, जिससे इलाज में देरी होती थी. अब वॉर रुम के जरिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी होगी और तेजी से फैसले लिए जाएंगे. जैसे ही किसी भी मरीज की आईडी तैयार की जाएगी, उसकी जानकारी मंत्रालय में स्थापित किए गए वॉर रुम को मिल जाएगी.

* इलाज से इनकार किया तो कार्रवाई
सरकार ने राज्य के करीब 3800 अस्पतालों के साथ करार किया है. इसमें निजी अस्पताल भी शामिल हैैं, जिसमें गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा. अगर कोई निजी अस्पताल मरीज का इलाज करने के लिए इनकार करता है तो फिर उस अस्पताल पर कार्रवाई हो सकेगी.

* मोबाइल एप
एक मोबाइल एप भी विकसित किया जा रहा है, जिसके जरिए मरीज अपने घर के पास उपलब्ध अस्पताल आसानी से खोज सकेंगे.

* योजना की अन्य विशेषताएं
– मरीज और अधिकारी के बीच सीधा संवाद.
– अस्पताल को सीमित जानकारी ही उपलब्ध.
– इससे पारदर्शिता बढेगी और फर्जीवाडे पर भी रोक लगेगी.

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