आखिर पति ही निकला कातिल
महिला के अधजले शव मामले का पर्दाफाश

अकोला/दि.8 – डाबकी रोड पुलिस स्टेशन के अंतर्गत अन्नपूर्णा माता मंदिर के पास मिले महिला के अधजले शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस जघन्य हत्याकांड को किसी और ने नहीं, बल्कि मृतका के पति ने ही अंजाम दिया था. पुलिस की कड़ी जांच और सोशल मीडिया पर चलाए गए पहचान अभियान के दबाव में आकर आरोपी पति ने स्वयं पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर अपना गुनाह कबूल कर लिया है.
बता दें कि, विगत 6 अप्रैल को डाबकी रोड क्षेत्र में स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर के पास एक लेआउट में एक महिला का आधा जला हुआ शव मिलने से पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी. कातिल ने पहचान छुपाने के इरादे से महिला का चेहरा बुरी तरह जला दिया था. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा. उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री सुदर्शन पाटील, एलसीबी के पुलिस निरीक्षक शंकर शेलके और डाबकी रोड के थानेदार दीपक कोली ने दल-बल के साथ घटनास्थल का मुआयना कर जांच की कमान संभाली.
पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें कुछ संदिग्ध फुटेज हाथ लगे थे, लेकिन स्पष्ट पहचान नहीं हो पा रही थी. शहर के सभी थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट चेक की गई, फिर भी कोई सुराग नहीं मिला. अंततः पुलिस ने मृतका की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स का सहारा लिया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और हत्यारे पति ने खुद ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करते हुए पूरी हकीकत बयान कर दी.
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अपर पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी और एसडीपीओ सुदर्शन पाटील के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया. टीम में पुलिस निरीक्षक शंकर शेलके, दीपक कोली, सहायक पुलिस निरीक्षक अभिषेक अंधारे, पुलिस उपनिरीक्षक अनिल चव्हाण सहित स्थानीय अपराध शाखा और डाबकी रोड पुलिस स्टेशन के कर्मचारी शामिल थे. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है.
* विवाद के बाद की थी हत्या
पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच बुधवार, 8 अप्रैल को आरोपी सादीक शहा तसरीफ शहा (29, नांदखेड़ा, जि. वाशिम) ने स्वयं डाबकी रोड पुलिस स्टेशन पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया. उसने कबूल किया कि मृतका उसकी पत्नी रविना मोहन पवार (उम्र 24 वर्ष) थी. दोनों ने प्रेम विवाह किया था और यह रविना की दूसरी शादी थी. उनके बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे. घटना की रात भी तीखी बहस हुई, जिससे तैश में आकर सादीक ने पत्नी की हत्या कर दी. साक्ष्य नष्ट करने के लिए उसने शव को मंदिर के पास ले जाकर आग लगा दी थी.





