कुत्ता पकडनेवालों को भी काट खाते हैं कुत्ते
मनपा सुस्त, सरकार व प्रशासन की अनदेखी

अमरावती/दि.11– अमरावती शहर में विगत कई दिनों से सडकों पर घुमनेवाले आवारा कुत्तों की जबरदस्त दहशत है. क्योंकि आवारा कुत्तों द्वारा छोटे बच्चों व बुजूर्ग नागरिकों सहित महिलाओं एवं दुपहिया सवारों पर हमला करने की घटनाएं आए दिन घटित हो रही है. साथ ही साथ कुत्ता पकडनेवाले लोगों को भी आवारा कुत्तों द्वारा काट खाया जा रहा है. परंतु इसके बावजूद अमरावती महानगर पालिका पूरी तरह से सुस्त है तथा सरकार व प्रशासन द्वारा जानबूझकर इस मामले की ओर अनदेखी की जा रही है.
बता दें कि, अमरावती शहर में सडकों पर आवारा घुमनेवाले कुत्तों की संख्या 25 हजार से अधिक है. जिनके द्वारा आए दिन शहर के किसी न किसी रिहायशी इलाके में आम नागरिकों पर हमला करते हुए उन्हें काट खाया जाता है. ऐसे में कुत्ता काटने की वजह से घायल हुए शहर के सैकडों लोगों को लगभग रोजाना ही जिला सामान्य अस्पताल सहित मनपा के स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों में पहुंचकर एंटी रैबीज के इंजेक्शन लेने पडते है. जिनमें छोटे बच्चों का प्रमाण सबसे अधिक होता है.
उल्लेखनीय है कि, अमरावती शहर में विगत 7 से 8 वर्षों से आवारा कुत्तों के खिलाफ महानगर पालिका द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. जिससे शहर में आवारा कुत्तों की पैदावार बडे पैमाने पर बढी हुई है. वहीं कुडे-करकट के ढेर में फेके जानेवाले मटन, चिकन, मांस के टुकडे व बासी भोजन को खाकर आवारा कुत्ते और भी अधिक हिंसक हो गए. महानगर पालिका के पशु वैद्यकीय विभाग के पास पांच कर्मचारी है और जब इस विभाग के अधिकारियों की कुर्सी डगमगाने लगती है, तब ठेका नियुक्त या छिटपूट प्रशिक्षण प्राप्त मजदूरों के जरिए आवारा कुत्तों को पकडने का दिखावटी प्रयास किया जाता है और ऐसा प्रयास करते समय इस विभाग के कामगारों व कर्मचारियों को अब तक 8 से 10 बार आवारा कुत्तों द्वारा काट लिए जाने की बात सामने आई है. जिन्हें जिला सामान्य अस्पताल में जाकर एंटी रैबीज का इंजेक्शन भी लेना पडा. विगत 3 अप्रैल को भी एक कामगार को आवारा कुत्ते द्वारा काट लिए जाने के चलते उसे इस समय इर्विन अस्पताल में जाकर इंजेक्शन लेने पड रहे है.
यहां इस बात का भी उल्लेख किया जा सकता है कि, आवारा कुत्तों का निर्बिजीकरण एकतरह से मनपा में चलनेवाला ‘कागजी’ खेल है. मनपा के संबंधित पशु विभाग वरिष्ठ अधिकारियों को नियम व कानून में उलझाए रखते हुए केवल अपनी कुर्सी को बचाने का प्रयास किया जाता है. अमरावती मनपा के पांचों जोन में पांच-पांच हजार से अधिक आवारा कुत्ते है. जिन्हें पकडकर उनका लसीकरण या निर्बिजीकरण करने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई मनपा क्षेत्र में नहीं हो रही. जिसके परिणामस्वरुप अमरावती शहर में सडकों पर आवारा घुमनेवाले कुत्तों की समस्या दिनोंदिन तीव्र होती जा रही है.





