भारत-अमेरिका करार के विरोध में किसान-मजदूरों का आंदोलन

13 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन का आयोजन

अमरावती/दि.10 – भारत-अमेरिका व्यापार करार के विरोध में किसान, मजदूर और कामगार संगठनों ने संयुक्त रूप से 13 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना आंदोलन आयोजित करने की घोषणा की है. यह आंदोलन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा.महाराष्ट्र राज्य किसान सभा, महाराष्ट्र राज्य लाल बावटा शेतमजूर यूनियन और ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में यह आंदोलन किया जाएगा.
संगठनों का आरोप है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार करार संविधान विरोधी, देशविरोधी और किसान विरोधी है. उनका कहना है कि जब देश में पहले से ही कृषि क्षेत्र संकट में है, ऐसे समय में यह करार किसानों की समस्याएं बढ़ाने वाला साबित होगा. अमेरिका जैसे विकसित देश के कृषि उत्पाद यदि भारतीय बाजार में सीधे आए, तो इससे भारतीय किसानों के उत्पादों के दाम गिरेंगे और उनकी स्थिति और खराब हो जाएगी. इसलिए इस करार को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है.इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताओं का भी संगठनों ने विरोध किया है. उनका कहना है कि इन कानूनों से मजदूरों के अधिकारों में कटौती हुई है, काम के घंटे बढ़ाए गए हैं और पेंशन जैसी सुविधाएं खत्म की जा रही हैं. इन श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग भी की गई है.संगठनों ने मनरेगा योजना को पूर्ववत लागू करने और खेत मजदूरों को सालभर काम की गारंटी देने की मांग भी उठाई है. उनका कहना है कि नई योजनाओं के जरिए मूल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है.इन सभी मांगों को लेकर 13 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना आंदोलन किया जाएगा. इसमें बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और कामगारों के शामिल होने की संभावना है.आंदोलन में शामिल होने का आह्वान भाई तुकाराम भस्मे, अशोक सोनारकर, सुनील मेटकर, संजय मंडवधरे, जे. एम. कोठारी, चंद्रकांत बाकोडे, सतीश चौधरी, डॉ. ओमप्रकाश कुटेमाटे, सुनील घटाळे, चंद्रकांत वडसकर, नीलकंठ ढोके, सागर दुर्योधन, जयेंद्र भोगे, अर्चना भांडवलकर, माया पिसालकर और प्रफुल्ल देशमुख सहित पदाधिकारियों ने किया है.

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