आमझरी बनेगा शहद का गांव

पालकमंत्री बावनकुले की उपस्थिति में हुआ त्रिपक्षीय करार

चिखलदरा/दि.11– मेलघाट की प्राकृतिक संपदा का सतत उपयोग कर स्थानीय आदिवासी भाईयों को रोजगार की मुख्यधारा से जोडने के उद्देश्य से तहसील के आमझरी में शहद का गांव योजना शुरू की जायेगी. इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शुक्रवार 10 अप्रैल को महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल, वन विभाग और आमझरी ग्राम पंचायत के बीच त्रिपक्षीय सामंजस्य करार (एमओयू), पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति में राजस्व भवन में किया गया.
इस अवसर पर विधायक केवलराम काले, विधायक प्रवीण तायडे, विधान परिषद सदस्य संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके, विधायक राजेश वानखडे, जिलाधिकारी आशीष येरेकर, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी प्रदीप चेचरे, आमझरी के सरपंच व लाभार्थी उपस्थित थे. खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल द्बारा तकनीक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जायेगा. वन विभाग बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी संभालेंगा, जबकि ग्राम पंचायत स्थानीय स्तर पर परियोजना का संचालन और रख-रखाव करेगी.
आय का बडा स्त्रोत उपलब्ध होगा : इस सामंजस्य करार के अंतर्गत आमझरी स्थित वन विभाग के पर्यटन परिसर में सामूहिक सुविधा केन्द्र, मद्य प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग यूनिट तथा जानकारी केन्द्र स्थापित किए जायेंगे. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हनी थीम पर आधारित सेल्फी पाइंट और मधुबन निर्माण के साथ पर्यावरण अनुकूल सौंदर्यीकरण किया जायेगा. इससे शहद पर्यटन की नई संकल्पना चिखलदरा तहसील में विकसित होगी और स्थानीय स्वयं सहायता समूह, महिला व युवाओं के लिए आय का एक बडा स्त्रोत उपलब्ध होगा.

* जिलाधिकारी के नेतृत्व में लागू होगी योजना
पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी आशीष येरेकर के नेतृत्व में यह योजना संयुक्त उपक्रम के रूप में लागू की जायेगी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रकृति पर्यटन के साथ मधुमख्खी पालन, प्रसंस्करण और विपणन की एक सशक्त मूल्य श्रृंखला तैयार करना हैं. इस महत्वकांक्षी योजना के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल द्बारा 54 लाख रूपए तथा जिला नियोजन समिति के माध्यम से 27 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 81 लाख रूपए की निधि मंजूर की गई है.

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