राशन घोटाले में दर्जनभर राशन दुकानदार राडार पर

अब तक किसी के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं

* आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर टिकी सभी की निगाहें
अमरावती/दि.13– अमरावती के तहसील क्षेत्र में वर्ष 2020 से अतिरिक्त राशन धान्य का घोटाला चल रहा था. जिसका मास्टर माइंड आपूर्ति विभाग के जाल में फसने के बाद राशन आपूर्ति की अनियमितता पर काफी हद तक ब्रेक भी लगा और इस मामले में करीब एक दर्जन राशन दुकानदार अब जिला प्रशासन के राडार पर आ गए है. यद्यपि इस मामले में प्रशासकीय कार्रवाई की गई है, लेकिन संबंधितों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है. ऐसे में आपूर्ति विभाग द्वारा की जानेवाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें लगी हुई है.
जानकारी के मुताबिक चांदुर बाजार तहसील के विशिष्ट 7 राशन दुकानदारों को वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर माह के दौरान आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी जितेंद्र पाटिल द्वारा 152 क्विंटल गेहूं, 251.81 क्विंटल चावल तथा 8.30 क्विंटल ज्वार का अतिरिक्त वितरण किया गया था. इस मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी निनाद लांडे ने निरीक्षण अधिकारी जितेंद्र पाटिल सहित संबंधित राशन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी की है. इससे पहले अमरावती तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में जनवरी 2023 से अक्तूबर 2024 की कालावधि के दौरान ही 7 विशिष्ट राशन दुकानदारों को 667.19 क्विंटल गेहूं, 3111.83 क्विंटल चावल व 95.38 क्विंटल ज्वार का अतिरिक्त वितरण किए जाने की बात जांच-पडताल में सामने आई थी. इस मामले को लेकर भी जिला आपूर्ति अधिकारी लांडे ने संबंधित राशन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी की है.

* सर्वाधिक 3363 क्विंटल चावल की गडबडी
अमरावती व चांदुर बाजार तहसील में कुल 4287 क्विंटल अतिरिक्त राशन अनाज का घोटाला हुआ है. जिसमें सर्वाधिक 3363 क्विंटल सरकारी चावल की अफरा-तफरी किए जाने की बात स्पष्ट हुई. कालाबाजारी में राशन के चावल की सर्वाधिक मांग है. जिसे अच्छे दाम भी मिलते है. जिसके चलते अपने आर्थिक फायदे के लिए संबंधितों द्वारा यह घोटाला किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है.

* आपूर्ति विभाग की अगली कार्रवाई कौनसी?
राशन घोटाले में अमरावती तहसील के 7 व चांदुर बाजार तहसील के 7 राशन दुकानदारों को नोटिस जारी की गई है. जिसे लेकर प्राप्त स्पष्टीकरण डीएसओ द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है. ऐसे में अब संबंधित राशन दुकानदारों का प्राधिकार पत्र स्थायी तौर पर रद्द किया जाएगा, या फिर संबंधितों से बाजार भाव के मुताबिक रकम वसूल की जाएगी. इस बात की ओर सभी की निगाहें लगी हुई है. साथ ही सरकारी राशन की अफरा-तफरी किए जाने के मामले में एफआईआर कब दर्ज होगी, इसे लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है. चूंकि अब जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के समक्ष सभी खुलासे हो चुके है. ऐसे में डीएसओ द्वारा की जानेवाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें लगी हुई है.

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