तीन माह में 301 लोगों को सर्पदंश, तीन की मौत

अमरावती/दि.1– जिले में गर्मी के मौसम का प्रारंभ होते ही सर्पदंश की घटनाओं में उल्लेखनीय वृध्दी हो गई हैं. जनवरी से मार्च माह के दौरान तीन माह की कालावधि में करीब 301 लोग सर्पदंश का शिकार हुए. जिसमें से तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिसके चलते गर्मी के दिनों में बाहर सोते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हैं.
बता दें कि गर्मी के मौसम दौरान जमीन का तापमान बढने के चलते सांप अपने बिलो से बाहर निकलते हैं तथा भोजन व पानी की खोज करते हुए मानवी बस्तियों की ओर जाते हैं. विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के खेतो, सुनसान स्थानों, घरों के आसपास जमा कचरे, पत्थर व लकडी के ढेर के बीच सांप छिपकर रहते हैं. जिसके चलते किसानों, खेतीहर मजदूरों एवं घरों से बाहर काम करनेवाले नागरिकों को सर्पदंश का खतरा सबसे अधिक रहता हैं. इसके साथ ही गर्मीयों के मौसम दौरान लोग रात के समय खुले आसमान के नीचे सोते हैं. चूंकि अंधेरे में सांप दिखाई नहीं देता. जिसके चलते गलती से सांप पर पैर पड जाने और उसका स्पर्श होने की संभावना बढ जाती है. जिसके चलते सर्पदंश की घटनाओं का प्रमाण बढ जाता हैं.
सरकारी अस्पताल में सर्पदंश का शिकार होकर इलाज के लिए भर्ती होनेवाले मरीजों की संख्या के मुताबिक विगत तीन माह के दौरान करीब 301 लोग सर्पदंश का शिकार हुए, जिनमें से 194 मरीजो को इलाज के लिए भर्ती किया गया. जिसमें से 3 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिले में सर्वाधिक 182 मरीजों ने जिला सामान्य अस्पताल में सर्पदंश पश्चात इलाज करवाया हैं और तीन माह के दौरान सर्पदंश का शिकार हुए मरीजों द्बारा तुरंत ही इलाज करवाया जाने के चलते उन्हें इसका फायदा भी हुआ.
* सर्पदंश के बाद तुरंत इलाज जरूरी
सर्पदंश के तुरंत बाद किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर इलाज करवाना बेहद आवश्यक हैं. ऐसे समय किसी पारंपारिक उपाय अथवा जडीबुटीवाले इलाज पर भरोसा रखना खतरनाक साबित हो सकता हैं. समय रहते इलाज करवाने से मरीज की मौत को टाला जा सकता हैं.
* सर्पदंश टालने हेतु जरूरी उपाय
घर के परिसर में साफ-सफाई रखे, रात के समय बाहर निकलते वक्त टॉर्च का प्रयोग करें, खुले में सोना टाले, सांप दिखने पर उसे बिल्कुल भी नहीं छेडे, सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल में जाकर इलाज करवाएं.





