‘प्रहार’ का ‘झंडा’ अब किसके कंधे पर होगा?
प्रा. नयना कडू पर टिकी सभी प्रहारियों की निगाहे

अमरावती/ दि.1- सन 1999 में प्रहार संगठन के जरिए अपने राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन की दूसरी पारी शुरू करनेवाले पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने अब शिंदे गुट वाली शिवसेना में प्रवेश करते हुए एक तरह से ‘घर वापसी’ कर ली हैं. जिसके चलते अब प्रहार संगठन के भविष्य को लेकर सवालिया निशान उपस्थित हुए हैं. क्योंकि प्रहार संगठन को आगे बढाते हुए प्रहार जनशक्ति पार्टी तक सफर पूरा करनेवाले प्रहार पार्टी के मुखिया बच्चू कडू ने शिंदे सेना में प्रवेश करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रहार संगठन का अस्तित्व बना रहेगा. तथा प्रहार सामाजिक संगठन व प्रहार दिव्यांग संगठन पहले की तरह ही अपना काम करते रहेंगे. चूंकि अब बच्चू कडू अधिकारीक तौर पर शिवसेना में शामिल हो चूके हैं, जिसके चलते यह सवाल पूछा जा रहा हैं कि अब प्रहार संगठन का नेतृत्व कौन करेगा.
बता दें कि पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने सन 1993 में तत्कालीन शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे के विचारों एवं सिध्दांतो को स्विकार करते हुए कट्टर शिवसैनिक के तौर पर अपने राजनीतिक व सामाजिक जीवन की शुरूआत की थी और वे ग्रामपंचायत सदस्य व पंचायत समिति सभापति भी चुने गए. साथ ही राज्य में सन 1997 के दौरान भाजपा सेना युति की सरकार रहते समय किसानों को घर पहुंच 7/12 मिलने हेतु उन्होंने सीधे शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे को पत्र लिखकर सभी का ध्यान आकर्षित किया हैं. वर्ष 1999 में बच्चू कडू ने अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र से खुद के लिए शिवसेना की उम्मीदवारी मांगी थी और खुद को टिकट नहीं मिलने के चलते शिवसेना छोडकर प्रहार संगठन खडा किया था. जिसके कारण बच्चू कडू और प्रहार संगठन की ताकत में तेजी के साथ इजाफा हुआ. जिसके तहत वर्ष 2004 से वर्ष 2019 तक लगातार चार बार बच्चू कडू अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए. साथ ही साथ वर्ष 2019 में मेलघाट निर्वाचन क्षेत्र से प्रहार पार्टी का विधायक निर्वाचित होने के साथ ही विदर्भ एवं मराठवाडा क्षेत्र के कई शहरों व जिलो में प्रहार पार्टी ने अपना जबरदस्त वर्चस्व स्थापित किया. जिसके दम पर आज जहां पूरे राज्य में प्रहार पार्टी के ढाई लाख से अधिक सदस्य हैं. वहीं अब तक कई जिला परिषदों, नगर परिषदों व नगर पंचायतों में प्रहार पार्टी के सदस्य व सभापति भी निर्वाचित हुए हैं. जबकि इस समय चांदूर बाजार नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद पर प्रहार पार्टी का कब्जा हैं. एक तमाम बात को देखते हुए बच्चू कडू और उनकी प्रहार पार्टी की राजनीतिक ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता हैं.
इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने किसानों, खेतीहर मजदूरो व दिव्यांग सहित आम नागरिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दो को लेकर बडे अनुठे तरीके से अनेकों बार जनआंदोलन किए. जिनमें मेलघाट संघर्ष यात्रा, नागपुर के किसान मोर्चा, जालना की आसुड यात्रा सहित टंकी पर चढकर विरूगिरी एवं नदी पात्र में अर्धदफन जैसे आंदोलन प्रमुख रहे. इन आंदोलनों को किसानों, दिव्यांगो व आम नागरिकों की ओर से जबरदस्त प्रतिसाद भी मिला और प्रत्येक आंदोलन में नागरिकों की उपस्थिति हजारों में रही. जिसके चलते बच्चू कडू भी जनस्विकार्यता का भी अनुमान लगाया जा सकता हैं.
इन्ही तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अब यह सवाल पूछा जा रहा हैं कि चूंकि अब बच्चू कछू शिवसेना में शामिल हो चुके हैं. लेकिन उन्होंने प्रहार संगठन का अस्तित्व कायम रखने की बात भी कहीं हैं. तो अब प्रहार संगठन कर नेतृत्व कौन करेगा. ऐसी स्थिति में अब प्रहारियों द्बारा बच्चू कडू भी उच्च विद्या विभूषित व सूविद्य पत्नी प्रा. डॉ. नयना कडू की ओर उम्मीदभरी निगाहो से देखा जा रहा हैं. बता दें कि पूर्व मंत्री बच्चू कडू की पत्नी नयना कडू का वैसे भी सीधे तौर पर राजनीति से कभी कोई वास्ता नहीं रहा और वे प्राध्यापिका के तौर पर अध्ययन व अध्यापन के क्षेत्र में ही सक्रीय रही. परंतु सामाजिक कामों एवं सार्वजनिक मंचो में उनकी बच्चू कडू के साथ मौजूदगी हमेशा ही दिखाई देती रही. साथ ही प्रहार पार्टी और संगठन के संचालन में वे अपने पति बच्चू कडू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती भी दिखाई देती रही. जिसके चलते प्रहार संगठन में प्रा. डॉ. नयना कडू की अच्छी-खासी इज्जत और मजबूत पकड भी हैं. जिसे ध्यान में रखते हुए माना जा रहा हैं कि बच्चू कडू के शिवसेना में चले जाने के बाद अब प्रा.डॉ. नयना कडू द्बारा प्रहार सामाजिक संगठन व प्रहार दिव्यांग संगठन के नेतृत्व का जिम्मा संभाला जा सकता हैं.
* महेंद्र उर्फ बल्लू जवंजाल को भी मिल सकता है मौका
ज्ञात रहे कि इस समय प्रहार जनशक्ति पार्टी में प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर अचलपुर से वास्ता रखनेवाले महेंद्र उर्फ बल्लू जवंजाल द्बारा जिम्मा संभाला जा रहा हैं. जिनकी पूरे राज्य में पार्टी का विस्तार करने के पीछे अच्छी-खासी भूमिका भी रही. ऐसे में माना जा रहा है कि यदि किसी कारणवश प्रा. डॉ. नयना कडू द्बारा प्रहार संगठन की जिम्मेदारी संभालने से इंकार किया जाता हैं. तो उस स्थिति में बच्चू कडू द्बारा अपने बेहद भरोसेमंद एवं पूराने साथी महेंद्र उर्फ बल्लू जवंजाल पर प्रहार संगठन के नेतृत्व का जिम्मा सौंपा जा सकता है, ऐसे में अब सभी की निगाहे इस बार की ओर लगी हुई है कि अब तक प्रहार के मुखिया रहे बच्चू कडू द्बारा प्रहार के भविष्य एवं नेतृत्व को बारे में आगे चलकर क्या फैसला लिया जाता हैं.





