महाराष्ट्र में हजारों करोड़ का स्टाम्प ड्यूटी घोटाला उजागर
अवैध इमारतों के पंजीकरण में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप,

* सरकार को 10 से 20 हजार करोड़ रुपये तक नुकसान होने की आशंका
मुंबई/दि.25 – महाराष्ट्र में अवैध निर्माणों के पंजीकरण और स्टाम्प शुल्क निर्धारण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में खुलासा करते हुए कहा कि कुछ अधिकारियों और चुनिंदा बिल्डरों की मिलीभगत से स्टाम्प ड्यूटी निर्धारण में भारी हेराफेरी की गई, जिससे सरकार को 10 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये तक के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्यभर में हुई सभी दस्तावेज पंजीकरण प्रक्रियाओं की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है. यह जांच भारत के महालेखापरीक्षक की निगरानी में गठित विशेष जांच दलों द्वारा की जाएगी.
* नवी मुंबई से हुआ बड़े घोटाले का खुलासा
विधानसभा में विधायक जितेंद्र आव्हाड द्वारा उठाए गए प्रश्न पर चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री बावनकुले ने बताया कि नवी मुंबई में अवैध इमारतों से संबंधित लगभग 800 दस्तावेजों का मात्र 10 दिनों में कथित रूप से अवैध पंजीकरण किया गया. इस प्रक्रिया में सरकार को 13 करोड़ 91 लाख रुपये के स्टाम्प शुल्क का नुकसान हुआ. प्रकरण में ठाणे उप-पंजीयक कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक आर. बी. दहिफले की भूमिका सामने आई है. आरोप है कि उन्होंने कुछ डेवलपर्स के साथ मिलकर स्टाम्प शुल्क कम निर्धारित किया और अवैध निर्माणों का पंजीकरण कराया. मामले में दहिफळे को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी.
* पूरे राज्य में फैला हो सकता है घोटाला
राजस्व मंत्री बावनकुले ने सदन में कहा कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह मामला केवल नवी मुंबई तक सीमित नहीं है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्टाम्प अधिकारियों ने अपने अर्ध-न्यायिक अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए कुछ बिल्डरों के साथ सांठगांठ कर सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि अवैध भवनों, विवादित संपत्तियों तथा कम मूल्यांकन के आधार पर किए गए पंजीकरणों की व्यापक जांच की जाएगी. जांच के दौरान सभी दस्तावेजों, स्टाम्प शुल्क निर्धारण और पंजीकरण प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा होगी.
* दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ न केवल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे. राजस्व मंत्री ने कहा कि शासन इस पूरे प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर है और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.
* विधानसभा में गूंजा मामला
विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने भी सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की. सदन में यह मुद्दा उठने के बाद राज्यभर में पिछले पांच वर्षों के पंजीकरण रिकॉर्ड की जांच का रास्ता साफ हो गया है. माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद महाराष्ट्र के रियल एस्टेट और पंजीकरण विभाग से जुड़े कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.





