शाहू महाराज की प्रेरणादायी विचारों का आदर्श नई पीढी अपनाए
लोक कलाकार प्रमोद पोकले गुरुजी का प्रतिपादन

अमरावती/दि.27- दूरदर्शी समाज सुधारक, जिन्होंने धर्म, संस्कृति, राष्ट्रहित और सामाजिक एकता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू करके अपना जीवन आम जनता को समर्पित कर दिया, ऐसे आरक्षण के प्रणेता एवं बहुजन समाज को गुलामी की दल-दल से निकालकर उन्हें आत्म-सम्मान का जीवन देनेवाले राजर्षि छत्रपति शाहूू महाराज के प्रगतिशील और समतावादी विचारों, छुआछूत एवं जातिगत भेदभाव को खत्म करने, महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में क्रांतिकारी फैसले तथा प्रेरणा देनेवाले आदर्श विचारों को नई पीढी ने अपनाकर समाज में अच्छे काम करने के लिए आगे आना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडिओ के लोक कलाकार प्रमोद पोकले गुरुजी ने किया.
लोक कल्याणकारी राजा छत्रपति शाहू महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में उनके असाधारण योगदान के लिए उनका कलाकार एवं साहित्यिक आधार संघ अमरावती के पदाधिकारियों द्वारा 26 जून को अभिवादन किया गया. इस अवसर पर वे बोल रहे थे. पोकले गुरुजी ने आगे कहा कि, राजर्षि शाहू महाराज मानते थे कि, शिक्षा ही समाज की तरक्की की चाबी है. उन्होंने सभी जातियों के पुरुषों और महिलाओं को बराबर अधिकार एवं न्याय दिलाने के लिए कई कदम उठाए. उन्होंने शैक्षणिक संस्था एवं अस्पतालों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज एवं होस्टल शुरु किए, ताकि बहुजन समाज और सबसे निचले स्तर के लोगों के अधिकार पक्के किए जा सके.
इसलिए राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के जीवन की कहानी आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणादायी है, ऐसा भी पोकले गुरुजी ने कहा. कार्यक्रम की शुरुआत में छत्रपति शाहू महाराज की प्रतिमा का मान्यवरों के हाथों पूजन कर पुष्पमाला अर्पित की गई. इस समय कलाकार एवं साहित्यिक आधार संघ अमरावती के प्रमुख प्रमोद पोकले, प्रकाश वानखडे, रवींद्र बन, ज्येष्ठ कलाकार प्रदीप गवलीकर, अनिल गवारे, राजेंद्र इंगोले, सुभाष सुने, गणेश खंडार, पुंडलिक सपाटे, नरेंद्र सपाटे, दीनकर कांडलकर, सुरेश श्रीरामवार, विनायक ढोले और अन्य कलाकार उपस्थित थे.





