बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर पिता को जहर देकर मारा
चंद्रपुर में सामने आया सनसनीखेज मामला

* पिता की तीन साल हुई थी मौत, अब हत्या की जानकारी आई सामने
* पिता के स्थान पर पुलिस में अनुकंपा तत्व पर नौकरी हासिल करने बेटी बनी हत्यारिन
* बेटी के प्रेमी ने ब्रेकअप से नाराज होकर मामला किया उजागर, मचा हडकंप
चंद्रपुर/दि.28 – महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर आर्या जयंत बाल्लावार (22, श्री टॉकीज, सेवा दल के पास, चंद्रपुर) नामक एक युवती ने कथित तौर पर अपने ही पिता जयंत बाल्लावार की हत्या जहर देकर कर दी. इस हत्या के पीछे की वजह और साजिश ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि बेटी ने अपने प्रेमी आशीष महेश शेडमाके (30, जुना सुमठाणा, भद्रावती) के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची. दरअसल, वह पुलिस विभाग में अनुकंपा तत्व के आधार पर नौकरी पाना चाहती थी. इसके लिए उसने अपने ही पिता की हत्या का रास्ता चुना.
जानकारी के मुताबिक आर्या बाल्लावार व आशीष शेडमाके के बीच बचपन से ही प्रेमसंबंध चल रहे थे और दोनों एक-दूसरे से विवाह भी करना चाहते थे. साथ ही साथ दोनोंके लिए नौकरी भी आवश्यक थी. जिसके चलते वे दोनों नौकरी हासिल करने के भी प्रयास में थे. इसी दौरान आशीष शेडमाके के पुलिस कर्मी पिता की मौत हो गई. जिसके बाद अगले दो से तीन माह के भीतर आशीष शेडमाके को पुलिस महकमे में नौकरी लग गई. यह देखते आर्या के दिमाग में यह बात कौंधी कि यदि उसके भी पिता की मौत हो जाए, तो उसे भी पुलिस विभाग में तुरंत ही अनुकंपा तत्व के आधार पर नौकरी मिल सकती है. जिसके बाद आर्या ने अपने प्रेमी आशीष की मदद लेते हुए अपने पिता की हत्या करने की योजना बनाई और सुजीत आत्राम व चैतन्य गेडाम नामक दो युवकों की सहायता से 5 हजार रुपए की ऐवज में जहर हासिल किया. जिसके बाद 25 मार्च 2023 को आर्या ने अपने पिता जयंत बाल्लावार को मिल्कशेक में जहर मिलाकर पिला दिया. जिसे पीने के बाद जयंत बाल्लावार की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उस समय इसे सामान्य मौत माना गया था. घटना के समय डॉक्टरों और पुलिस को हत्या का संदेह नहीं हुआ और केस को साधारण मौत मान लिया गया. पिता की मौत के बाद आर्या ने अनुकंपा तत्व पर खुद को पुलिस में नौकरी मिलने के लिए आवेदन किया और उसे अगले दो माह के भीतर पुलिस में नौकरी भी मिल गई. खास बात यह भी रही कि, पुलिस महकमे में कार्यरत होते ही आर्या व उसका प्रेमी आशीष एक ही समय पर पुलिस प्रशिक्षण के लिए गए थे.
लेकिन तीन वर्ष घटित इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब आर्या के प्रेमी आशीष ने ही पुलिस के सामने इस मामले से जुडे तमाम सबूत पेश कर दिए. बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशिक्षण से वापिस लौटने के बाद ड्यूटी करते समय आशीष के हाथों एक गंभीर अपराध घटित हो गया था. जिसके चलते आशीष को पुलिस विभाग की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था. आशीष की नौकरी जाते ही आर्या ने उसके साथ अपने संबंध कम कर दिए थे और वह उसकी अवहेलना भी करने लगी थी. जिससे आशीष खुद को अपमानित महसूस करने लगा था. जिसके चलते आशीष ने जयंत बाल्लावार की हत्या करने हेतु आर्या के साथ मोबाइल पर हुई पूरी बातचीत की ऑडिओ व वीडियो क्लीप को सीधे पुलिस अधीक्षक मुमक्का सुदर्शन के सामने पेश कर दिया. तीन वर्ष घटित घटना से जुडे सबूतो को देखकर पुलिस अधिकारी भी भौंचक रह गए. वहीं इन्हीं सबूतों के आधार पर पूरा हत्याकांड उजागर हुआ.
पश्चात इस साजिश में शामिल आर्या बाल्लावार व उसके प्रेमी आशीष शेडमाके के साथ ही मुंटी सचिन गेडाम (22, नया सुमठाणा, भद्रावती) एवं एक नाबालिग सहित कुल चार लोगों के खिलाफ हत्या, साजिश और सबूत मिटाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है. तीन साल बाद सामने आई सच्चाई ने न केवल पुलिस जांच प्रणाली, बल्कि पारिवारिक रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.





