संत गजानन महाराज संस्थान के दावों पर छह माह में निर्णय लें

हाईकोर्ट का सिविल कोर्ट का आदेश

नागपुर/दि.30 – शेगांव के संत गजानन महाराज संस्थान ने मंदिर परिसर के 12 किराएदार दुकानदारों के खिलाफ दायर किए दावे छह माह में सुलाझाने के आदेश मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ ने दिवानी न्यायालय को दिए है.
भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर स्वच्छ और प्रशस्त करने के लिए संस्थान को संबंधित दुकानों की जगह चाहिए. इसलिए संस्थान ने दुकानें खाली करवाने के लिए 2016 में दिवानी न्यायालय में दावा किया है. इस दावें में सबूत पंजीयन शुरु रहने समय दुकानदारों ने व विध कारणों क लिए दो आवेदन दाखिल किए थे. उन आवेदन को दिवाणी न्यायालय ने खारिज कर दिया. परिणामस्वरूप दुकानदारों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. उस पर न्यायमूर्ति प्रफुल्ल खुबालकर के समक्ष सुनवाई हुई. इसके बाद न्यायालय ने विविध मुद्दों को ध्यान में लेते हुए दुकानदारों की सभी याचिका नामंजूर कर उक्त आदेश दिया. संस्थान की ओर से एड.अरूण पाटिल ने कामकाज देखा.

 

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