डॉ. अलीम पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पर जताई आपत्ति

पीडीएमसी के डीन व अमरावती पुलिस आयुक्तालय से की मुलाकात

अमरावती/दि.27  – गुरुवार 26 फरवरी को डॉ. अलीम पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अमरावती ज़िले एवं शहर के नागरिकों को हो रही एक गंभीर समस्या के संबंध में पीडीएमसी के डीन तथा अमरावती पुलिस आयुक्तालय के पुलिस आयुक्त से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को अवगत कराया कि कई मामलों में केवल इस आधार पर कि मरीज की अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही समय बाद मृत्यु हो गई, शव को अनावश्यक रूप से पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया जाता है. इससे शोक संतप्त परिवारों को मानसिक पीड़ा, अंतिम संस्कार में विलंब और प्रशासनिक असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. प्रतिनिधिमंडल के अनुसार यह स्थिति पीड़ित परिवारों के लिए अत्यंत कष्टदायक है.
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम केवल उन परिस्थितियों में आवश्यक होता है, जहाँ किसी प्रकार की शंका हो – जैसे हत्या या साजिश की आशंका, ज़हर देने का संदेह, दुर्घटना, गंभीर चोट या परिजनों द्वारा की गई शिकायत. जिन मामलों में ऐसी कोई शंका नहीं होती, मरीज का पूर्व चिकित्सा इतिहास उपलब्ध होता है और मृत्यु प्राकृतिक कारणों से प्रतीत होती है, वहाँ अनावश्यक रूप से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना उचित नहीं है. इस विषय पर डीन एवं पुलिस आयुक्त के साथ विस्तृत चर्चा हुई. दोनों अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाया. उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके. प्रतिनिधिमंडल ने अपेक्षा व्यक्त की कि संबंधित विभाग शीघ्र ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेंगे, जिससे भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं का समाधान हो सके और प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो.

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