फर्जी कागजपत्र के आधार पर बैंक को 82 लाख रुपए का चुना
अमरावती आर्थिक अपराध शाखा ने किए छह आरोपी गिरफ्तार

अमरावती/दि.2 – फर्जी कागजपत्र और फर्जी व्यक्ति खडे कर इंडियन बैंक को 82 लाख रुपए का चुना लगानेवाले गिरोह का अमरावती शहर आर्थिक अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है. इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक 11 आरोपी का पता लगाया है. इनमें से 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए है. इस प्रकरण में 23 दिसंबर 2025 को गाडगे नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था.
इस प्रकरण के मुख्य आरोपी ने मिलीभगत कर निवासी मुकबधीर विद्यालय दर्यापुर और मतिमंद विद्यालय वायगांव आष्टी में सहायक शिक्षक, वॉर्डन और केअरटेकर के रूप में नौकरी पर रहने का दिखावा किया. इसके लिए आरोपी रोहन भोपले ने नौकरी का फर्जी कागजपत्र, सैलरी सर्टिफिकेट और जीपीएफ प्रमाणपत्र तैयार किया था. यह सभी फर्जी कागजपत्र घर के कर्ज के लिए इंडियन बैंक के कैम्प और पीडीएमसी शाखा में प्रस्तुत किए गए. आरोपियों ने केवल कागजपत्र नहीं बल्कि शेगांव निवासी श्रीराम पांडे और राजेंद्र मुंडेगांवकर के नाम से रहे प्लॉट के फर्जी बिक्रीपत्र और इसारचिठ्ठी तैयार की. फर्जी आधार कार्ड और पैनकार्ड भी तैयार किया था. इस आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सीस बैक और अमरावती जिला मध्यवर्ती बैंक में फर्जी व्यक्ति खडे कर खाते खोले और उन खातों का इस्तेमाल जालसाजी के लिए किया. इस माध्यम से इंडियन बैंक की कैम्प शाखा से 38 लाख रुपए और पीडीएमसी शाखा से 44 लाख रुपए ऐसे कूल 82 लाख रुपए गृह कर्ज के स्वरूप उठाकर बैंक से जालसाजी की.
इंडियन बैंक के व्यवस्थापक द्बारा गाडगे नगर थाने में दर्ज की गई शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज हुआ था. जांच के दौरान आर्थिक अपराध शाखा ने संजय दुर्योधन धंदर, सुनील ओंंकारराव धंदर अतुल रमेश छापानी, सुमित गंगाप्रसाद जयस्वाल, दीपक गेंंदालाल गुप्ता और रोहन आनंदार भोपले को गिरफ्तार किया हैं. इसमें से दो आरोपियों की मृत्यु हो गई हैं. शेष आरोपी की तलाश जारी है. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला और उपायुक्त रमेश धुमाल के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक बाबाराव अवचार व उनके दल ने की.





