‘साईबर फ्रॉड’ के लिए 10 हजार में एमपी के व्यक्ति के नागपुर में खाते
शहर की साइबर पुलिस कर रही गिरोह के सरगना को पकडने का प्रयास

अमरावती/दि.26 – शहर के एक व्यक्ति को एक बड़े बाजार के नाम पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 52 लाख रुपये का चूना लगाया गया है. इस मामले में शहर की साइबर पुलिस ने मध्य प्रदेश के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. उसने नागपुर में एक बैंक खाता खोला था. धोखाधड़ी की गई 52 लाख रुपये की रकम उसके खाते में जमा हो गई थी. जब शहर की साइबर पुलिस इस मामले की जांच करने पहुंची, तो पता चला कि मध्य प्रदेश के आरोपी समेत कई लोगों ने नागपुर में बैंक खाते खोले हुए हैं. नागपुर में इस तरह से ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के लिए खाते खोलने वाला एक गिरोह सक्रिय है, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया है. इस गिरोह में एक निजी बैंक का कर्मचारी भी शामिल है, जिसे पुलिस ने गुरुवार (22) को नागपुर से गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने आदित्य श्याम होले (27, निवासी पचपावली, नागपुर), रोशन राजेश अहीर (39), रोहित हरीश कांबले (30) और स्वप्निल प्रल्हाद शेंडे (32, सभी निवासी सुभाषनगर, हिंगना रोड, नागपुर) को गिरफ्तार किया है. आदित्य होले नागपुर में एक निजी बैंक में काम करते हैं. 52 लाख की धोखाधड़ी मामले में जमा की गई रकम राजकुमार मुल्लू केबट (24 वर्ष, निवासी पिपरिया, नर्मदापुरम) के बैंक खाते में थी, जिसे कुछ दिन पहले शहर की सांभर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसकी गिरफ्तारी के बाद, साइबर विभाग के एपीआई अनिकेत कासर और उनकी टीम ने गहन जांच की और पाया कि राजकुमार जेलबत समेत मध्य प्रदेश के लगभग 25 लोगों के बैंक खाते नागपुर में निकाले गए. मध्य प्रदेश के उस व्यक्ति के पास नागपुर में ज्यादा पैसे नहीं थे, लेकिन बैंक खाता खुलवाया गया था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रोहित अहीर मध्यप्रदेश से युवाओं को बुलाता था और उनके रहने की व्यवस्था करता था तथा बैंक खाते खुलवाता था. इस काम के लिए उसे रोहित कांबले और स्वप्नील शेंडे सहायता करता था, ऐसा कहा जाता था. इस कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. साथ ही मध्यप्रदेश से आए प्रत्येक के नागपुर में बैंक खाते निकालकर देनेवाले बैंक कर्मचारी आदित्य होले को 10 हजार रुपए दिए जाते थे. बाद में होले खाते निकालकर देता रहने की बात सामने आयी. इस कारण पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया.
* नागपुर में साइबर रैकेट द्वारा प्रति माह 30 हजार रुपये की पेशकश
ऑनलाइन धोखाधड़ी का धंधा चलाने वाले एक बड़े गिरोह से ऑनलाइन धोखाधड़ी का संबंध है. नागपुर में खाता खोलने के बाद मध्य प्रदेश से युवकों को बुलाया गया. करोड़ों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते का इस्तेमाल करने के लिए नागपुर से एक नया मोबाइल सिम खरीदा गया, लेकिन उस सिम की कार्डलेस कहीं और रखी गई. इसके लिए मध्य प्रदेश से आए युवकों को हर महीने 30 हजार रुपये दिए जा रहे थे. साइबर पुलिस की जांच में पता चला है कि मध्य प्रदेश से आए युवकों के खाते में देश के विभिन्न स्थानों पर 20 मामले दर्ज हैं.
* अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज किसी को न दें
साइबर अपराधियों को ऑनलाइन एक खाते से दूसरे खाते में, और इसी तरह पैसे ट्रांसफर करने के लिए बैंक खाते की आवश्यकता होती है. इसलिए, साइबर अपराधी ऐसे युवाओं को अपना शिकार बनाते हैं और उनका इस्तेमाल करके बैंक खाते खुलवाते हैं और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करते हैं. इसलिए, बिना सत्यापन के किसी को भी अपने दस्तावेज़ न दें. उसके द्वारा दिखाए गए पैसों के लालच में न पड़ें, क्योंकि इससे पहले भी कई मामलों में यह बात सामने आई है कि जिसके नाम पर बैंक खाता खुला है, उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उस खाते में कितना पैसा जमा हो रहा है, और परिवार के बाकी सदस्यों को भी इसकी कोई जानकारी नहीं है. अंततः, पुलिस आपके घर आती है और पता लगाती है कि आपके रिश्तेदार के खाते में बड़ी रकम जमा हुई है, और इसलिए मामला दर्ज किया जाता है.





