अगले शैक्षणिक सत्र से हव्याप्रमं में शुरु होगा क्रीडा विद्यापीठ
सांसद डॉ. बोंडे के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने की सीएम फडणवीस से भेंट

* यूजीसी में दो साल से प्रस्ताव प्रलंबित रहने की दी जानकारी
* सीएम फडणवीस ने तुरंत ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की बातचीत
* अब प्रलंबित प्रस्ताव को मिल सकती है रफ्तार, जल्द दिख सकते हैं नतीजे
* खुद सीएम फडणवीस ने दो वर्ष पहले बजट सत्र में की थी घोषणा
अमरावती/दि.18 – शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याती प्राप्त रहने के साथ ही विश्वविख्यात रहनेवाले श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल को क्रीडा विद्यापीठ के तौर पर मान्यता दिए जाने की घोषणा करीब दो वर्ष पहले राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा की गई थी. परंतु विगत दो वर्षों से यह मामला अधर में लटका हुआ है और घोषणा से आगे नहीं बढ पाया है. जिसके चलते विगत दिनों भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे के नेतृत्व में हव्याप्रमं के एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी. ऐसे में अपने द्वारा की गई घोषणा व दिए गए आश्वासन के विगत दो वर्षों से अधर में लटके रहने की जानकारी से अवगत होते ही सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रतिनिधि मंडल की तुरंत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात करवाई और हव्याप्र मंडल को क्रीडा विद्यापीठ के तौर पर मान्यता देने को लेकर यूजीसी में अटके पडे प्रस्ताव को तुरंत आगे बढाने हेतु कहा. जिसे लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपनी ओर से हरसंभव व ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी दिया. जिसके चलते उम्मीद बंधती नजर आ रही है कि, अगले दो माह के भीतर इस काम को काफी हद तक गति मिलेगी.
बता दें कि, वर्ष 2022-23 के दौरान हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल परिसर में मेजर ध्यानचंद इनडोअर स्टेडियम का लोकार्पण हुआ था. जिसमें हिस्सा लेने हेतु राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अमरावती आए थे. विशेष उल्लेखनीय है कि, सीएम देवेंद्र फडणवीस का भी उनके बचपन से हव्याप्र मंडल के साथ जुडाव रहा है और हव्याप्र मंडल के संचालक वैद्य परिवार के साथ पारिवारिक संबंध होने के नाते सभी के लिए ‘ताऊ’ रहनेवाले हव्याप्र मंडल के प्रधान सचिव पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य को सीएम फडणवीस द्वारा ‘मामा’ कहकर संबोधित किया जाता है. ऐसे में वैद्य परिवार एवं हव्याप्र मंडल के साथ रहनेवाले अपने पुराने संबंधों के साथ ही हव्याप्र मंडल द्वारा शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कामों को ध्यान में रखते हुए सीएम फडणवीस ने वर्ष 2023-24 के बजट सत्र दौरान हव्याप्र मंडल को क्रीडा विद्यापीठ के तौर पर मान्यता दिए जाने संबंधी घोषणा की थी. जिसके लिए आवश्यक निधि व अनुदान भी उपलब्ध कराने की तैयारी दर्शायी थी. महाराष्ट्र सरकार द्वारा की गई इस घोषणा के चलते हव्याप्र मंडल द्वारा वर्ष 2024 में ही खुद को क्रीडा विद्यापीठ के तौर पर मान्यता दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव केंद्रीय विश्व विद्यालय अनुदान आयोग यानि यूजीसी को भेजा गया था. जिसके बाद यूजीसी द्वारा अपनी कमिटी के जरिए एक दिवसीय ऑनलाइन व ऑफलाइन पडताल करने के उपरांत 8-10 दिन में प्रस्ताव को मंजूरी दिया जाना अपेक्षित था. परंतु उस समय यूजीसी में कुछ तकनीकी दिक्कते पैदा होने के चलते यूजीसी ने देशभर से आए सभी प्रस्तावों को रोक दिया था और तब से लेकर अब तक यह मामला अधर में ही लटका हुआ है.
इन्हीं तमाम बातों के मद्देनजर राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे के नेतृत्व में हव्याप्र मंडल की सचिव प्रा. डॉ. माधुरी चेंडके, संचालक प्रा. डॉ. श्रीकांत चेंडके, पूर्व विदर्भ केसरी प्रा. डॉ. संजय तिरथकर तथा हव्याप्रमं द्वारा संचालित डिग्री कॉलेज ऑफ फिजिकल एज्युकेशन के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास देशपांडे ने विगत दिनों मुंबई पहुंचकर सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और उन्हें उनके ही द्वारा की गई घोषणा का स्मरण कराते हुए विगत दो वर्षों से अधर में लटके रहनेवाले क्रीडा विद्यापीठ संबंधी प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी. इस समय इस प्रतिनिधि मंडल की सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस बारे में बातचीत की. जिन्होंने इस संदर्भ में त्वरीत ध्यान देते हुए यूजीसी में दो वर्षों से लटके प्रस्ताव का जल्द से जल्द निपटारा करने की बात कही. इसके बाद सीएम फडणवीस ने आश्वस्त किया कि, आगामी एक माह के भीतर यूसीजी में अटकी पडी क्रीडा विद्यापीठ संबंधी फाइल का रास्ता क्लियर हो जाएगा. जिसके तुरंत बाद राज्य सरकार द्वारा हव्याप्रमं में क्रीडा विद्यापीठ शुरु करने हेतु तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर दिया जाएगा. जिसके चलते अगले दो माह के आसपास सारी प्रक्रिया पूरी होकर हव्याप्रमं में क्रीडा विद्यापीठ स्थापित करने का रास्ता साफ हो जाएगा. साथ ही साथ यह क्रीडा विद्यापीठ आगामी शैक्षणिक सत्र से काम करना भी शुरु कर देगा. सीएम फडणवीस द्वारा दिए गए इस आश्वासन पर हव्याप्रमं के प्रतिनिधि मंडल ने समाधान भी जताया.
* सीएम फडणवीस से मुलाकात के जल्द दिखेंगे सार्थक परिणाम
इस बारे में जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर हव्याप्रमं के संचालक प्रा. डॉ. श्रीकांत चेंडके ने बताया कि, हव्याप्रमं में क्रीडा विद्यापीठ को शुरु व संचालित करने से संबंधित तमाम तैयारियां पहले से पूरी है और हमें केवल यूजीसी की मान्यता व सरकार की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा है. प्रा. डॉ. श्रीकांत चेंडके ने यह भी बताया कि, भले ही हव्याप्रमं में क्रीडा विद्यापीठ शुरु करने से संबंधित प्रस्ताव विगत दो वर्षों से प्रलंबित पडा हुआ है, लेकिन अब आगामी डेढ-दो माह में इस प्रस्ताव का निपटारा होने की पूरी उम्मीद है. जिसके चलते आगामी शैक्षणिक सत्र से हव्याप्रमं में क्रीडा विद्यापीठ शुरु हो जाएगा.





