हनुमान जयंती पर वानरों की अनूठी पंगत

मुंगसाजी महाराज संस्थान में भक्ति, करुणा व प्रकृति का हृदयस्पर्शी संगम

अकोला/दि.3– समीपस्थ बार्शीटाकली तहसील अंतर्गत कोथली बुद्रुक गांव के पास स्थित मुंगसाजी महाराज संस्थान में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी हनुमान जयंती के पर्व निमित्त एक अनूठा, हृदयस्पर्शी व भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जब संस्थान में रामदास महाराज ने वानरों यानि बंदरों को पंक्तिबद्ध तरीके से पंगत में बिठाकर उन्हें प्रेमपूर्वक अन्नदान किया.
उल्लेखनीय है कि, वानरों को भगवान हनुमान का रुप मानकर उनकी सेवा करने की परंपरा इस संस्थान में विगत अनेक वर्षों से चली आ रही है. इस आयोजन के तहत सभी वानरों को अनुशासित ढंग से पंगत में बैठकर भोजन करते देख काफी हद तक मानवीय संस्कारों की प्रचिती आती है. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बंदरों ने किसी भी तरह का कोई हंगामा या उत्पात नहीं करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से पंगत में कतारबद्ध होकर बैठकर भोजन ग्रहण किया. इस दृष्य को देखकर उपस्थित भाविकों के मन में एक अलग ही भावनात्मक लहर निर्माण हुई. साथ ही इंसानों व प्रकृति के बीच सुसंवाद का एक सुंदर उदाहरण इस आयोजन के जरिए दिखाई दिया.
अपने-आप में बेहद अनूठे रहनेवाले इस उपक्रम के चलते पूरे परिसर में भक्तिभाव वाला वातावरण निर्माण हुआ था और इस आयोजन में आबालवृद्धों सहित सभी की उपस्थिति रही. कई लोगों ने इस प्रसंग की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करते हुए इसकी यादों को संजोया. साथ ही कई लोगों ने इस उपक्रम को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण एवं अविस्मरणीय क्षण बताया.
उल्लेखनीय है कि, मुंगसाजी महाराज संस्थान के रामदास महाराज द्वारा आयोजित यह उपक्रम केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं है, बल्कि यह सभी सजीवों के प्रति करुणा, सहअस्तित्व एवं प्रेम का संदेश देनेवाला आयोजन है. आज के दौडभाग भरे एवं स्वार्थी हो चले जीवन में इस तरह से इंसानियत भरे उदाहरण समाज के लिए प्रेरणादायी साबित होते है. प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी यह आयोजन भक्तिभाव, अनुशासन व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. जिसे देखते हुए भाविकों द्वारा उम्मीद जताई गई कि, भविष्य में भी यह उपक्रम प्रतिवर्ष इसी तरह से आयोजित होता रहेगा.

Back to top button