अमरावती महानगर पालिका में बना अपनी तरह का अनूठा रिकॉर्ड
अविनाश मार्डीकर चौथी बार बने स्थायी समिति सभापति

* 16 सदस्यीय स्थायी समिति में मार्डीकर को मिले 11 वोट
* कांगे्रस के प्रशांत महल्ले केवल 3 वोट लेने में सफल, दो सदस्य रहे तटस्थ
* सभापति निर्वाचित होने के बाद मार्डीकर ने विधायक खोडके सहित महायुति के नेताओं के प्रति जताया आभार
अमरावती/दि.6 – अमरावती महानगरपालिका की स्थायी समिति के सभापति पद हेतु आज हुए चुनाव में राकांपा पार्षद अविनाश मार्डीकर ने जबरदस्त जीत हासिल की. जिन्होंने 16 सदस्यीय स्थायी समिति में 11 वोट हासिल करते हुए सभापति पद का चुनाव जीता. वहीं सभापति पद हेतु चुनावी मैदान में रहनेवाले कांग्रेस पार्षद प्रशांत महल्ले को केवल 3 वोट ही मिले. जबकि स्थायी समिति के दो सदस्य तठस्थ रहे. जिसकेे चलते मनपा की राजनीति में एक अनूठा रिकॉर्ड कायम करते हुए अजीत पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पार्षद अविनाश मार्डीकर आज चौथी बार स्थायी समिति के सभापति निर्वाचित हुए. इसके साथ ही मनपा की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी मानी जाने वाली स्थायी समिति की कमान चौथी बार संभालकर अविनाश मार्डीकर ने एक तरह से एक नया इतिहास रच दिया है. क्योंकि अमरावती मनपा के इतिहास में अब तक कोई भी पार्षद चार बार स्थायी समिति का सभापति निर्वाचित नहीं हुआ है. ऐसे में इससे पहले तीन बार स्थायी समिति सभापति निर्वाचित होकर इतिहास रचनेवाले अविनाश मार्डीकर ने अब चौथी बार स्थायी समिति सभापति निर्वाचित होते हुए एक विशेष कीर्तिमान रच दिया है.
संभागीय आयुक्तालय के निर्देशानुसार आज बुलाई गई स्थायी समिति की चुनावी बैठक में सभापति पद के चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई. आज हुए चुनाव में सभापति पद के लिए महायुति की ओर से राकांपा के पार्षद अविनाश मार्डीकर का नाम आगे बढाया गया था. वहीं विपक्षी गठबंधन की ओर से कांग्रेस के प्रशांत महल्ले ने नामांकन भरा था. जिसके बाद स्थायी समिति की बैठक में हुए चुनाव में महायुति के प्रत्याशी अविनाश मार्डीकर को 16 में से 11 वोट मिले. वहीं कांग्रेस पार्षद प्रशांत महल्ले केवल 3 वोट ही हासिल कर पाए. जबकि स्थायी समिति के दो सदस्यों ने तठस्थ भूमिका अपनाई. जिसके चलते बहुमत के आधार पर राकांपा पार्षद अविनाश मार्डीकर को स्थायी समिति का नया सभापति निर्वाचित घोषित किया गया.
बता दें कि, स्थायी समिति को मनपा की ‘तिजोरी’ कहा जाता है, क्योंकि शहर के विकास कार्यों, वित्तीय निर्णयों तथा महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अंतिम मुहर इसी समिति के माध्यम से लगती है. ऐसे में अविनाश मार्डीकर के सभापति बनने को मनपा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. वहीं सभापति पद की जिम्मेदारी संभालते ही अविनाश मार्डीकर ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता महानगरपालिका की आय बढ़ाने की रहेगी, ताकि शहर के विकास कार्यों को गति दी जा सके. उन्होंने कहा कि मनपा की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा.
* विधायक संजय खोडके के बेहद विश्वासपात्र व एकनिष्ठ कार्यकर्ता है अविनाश मार्डीकर
– वर्ष 1985 से बने हुए हैं संजय खोडके के संग, हर कदम पर खोडके का दिया पूरा साथ
उल्लेखनीय है कि, राकांपा पार्षद अविनाश मार्डीकर को राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक संजय खोडके का बेहद विश्वासपात्र और एकनिष्ठ कार्यकर्ता माना जाता है. वे वर्ष 1985 से संजय खोडके के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और राजनीतिक जीवन के हर पड़ाव पर उन्होंने खोडके का पूरा साथ दिया है. प्रभाग क्रमांक 10 से अविनाश मार्डीकर अब तक तीन बार पार्षद निर्वाचित हो चुके हैं. अपने पहले कार्यकाल के दौरान वे दो बार स्थायी समिति के सभापति रहे, जबकि दूसरे कार्यकाल में भी उन्हें एक बार इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब तीसरी बार पार्षद चुने जाने के बाद विधायक संजय खोडके ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें स्थायी समिति का सभापति बनाया है.
* प्रभाग क्र. 10 से अब तक तीन बार पार्षद निर्वाचित हो चुके है मार्डीकर
– पहले ही कार्यकाल में दो बार और दूसरे कार्यकाल में एक बार स्थायी समिति के सभापति रह चुके
खास बात यह भी रही कि, हाल ही में हुए मनपा चुनाव में अविनाश मार्डीकर ने प्रभाग क्र. 10 की ड-सीट से खुद चुनाव जीतने के साथ-साथ इस प्रभाग की ब-सीट से अर्चना पाटिल व क-सीट से मंगेश मनोहरे को भी चुनाव जीताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. साथ ही साथ विधायक खोडके के नेतृत्वतले शहर के अन्य प्रभागों में भी पार्टी प्रत्याशियों का जमकर प्रचार किया. जिसके चलते राकांपा के मनपा में 11 पार्षद निर्वाचित हुए.
* पहले से मार्डीकर के नाम को लेकर ही लगाए जा रहे थे कयास
ज्ञात रहे कि, अमरावती महानगर पालिका में सत्ता स्थापित करने हेतु राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भाजपा व युवा स्वाभिमान पार्टी की युति के साथ गठजोड करना स्वीकार किया था. जिसके बाद तय समझौते के तहत महापौर पद भाजपा व उपमहापौर पद वायएसपी के हिस्से में चला गया था. साथ ही तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि, अब स्थायी समिति का सभापति पद राकांपा के हिस्से में आएगा और स्थायी समिति में सदस्य रहनेवाले राकांपा के वरिष्ठ पार्षद एवं विधायक खोडके के सबसे भरोसेमंद रहनेवाले अविनाश मार्डीकर ही सभापति चुने जाएंगे. आज स्थायी समिति के सभापति पद का चुनाव होते ही यह अनुमान पूरी तरह से सही भी साबित हो गया. यही वजह रही कि, स्थायी समिति में सभापति निर्वाचित होने के बाद अविनाश मार्डीकर ने अपने मार्गदर्शक व नेता विधायक संजय खोडके सहित महायुति के सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पार्टी और नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे.
* मार्डीकर के सभापति बनते ही राकांपा के नेताओं व पदाधिकारियों में हर्ष की लहर, जमकर मनाया जल्लोष
राकांपा पार्षद अविनाश मार्डीकर के चौथी बार सभापति बनने की खबर मिलते ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई. अनेक कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत कर उन्हें बधाई दी और शहर के विकास के लिए उनके नेतृत्व में बेहतर कार्य होने की उम्मीद जताई. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थायी समिति जैसे महत्वपूर्ण पद पर चौथी बार चुना जाना अविनाश मार्डीकर की संगठनात्मक क्षमता, अनुभव और नेतृत्व पर पार्टी के विश्वास को दर्शाता है. आने वाले समय में उनकी कार्यशैली पर शहर के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अपेक्षाएँ टिकी रहेंगी.