10 वीं की उत्तर पुस्तिका चोरी प्रकरण का मास्टरमाईंड अभ्यंकर
पर्यवेक्षक समेत तीन पर केस, दो गिरफ्तार

* कस्टडी में जमा नहीं कर लाभ पहुंचाने की रची गई साजिश
अमरावती/दि.2 – स्थानीय सीताबाई संगई विद्यालय परिसर के पेपर कस्टडी से दो उत्तरपत्रिका चुराकर उसे बाहर दो संबंधित विद्यार्थियों से हल करवाई गई. पेपर समाप्त होने के बाद वह उत्तर पत्रिका कस्टडी में जमा न करवाते हुए वह कर्मचारी के जरिए बाहर भेजी गई और बाहर ही लिखवाकर वापस गठ्ठे में डालते समय उडनदस्ता आने से इस घटना का पर्दाफाश हुआ. प्रभारी शिक्षण विस्तार अधिकारी सुशील अभ्यंकर इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला हैं.
माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुडा एक गंभीर और सनसनीखेज मामला अंजनगांव सुर्जी तहसील में सामने आया हैं. उपशिक्षणाधिकारी रजनी शिरभाते की सतर्कता सेे ऐसी बडी साजिश का पर्दाफाश हुआ हैं. जिससे शिक्षा क्षेत्र में हडकंप मच गया है. 27 फरवरी को आयोजित कक्षा दसवीं की बोड परिक्षा के अंग्रेजी प्रश्नपत्र के उपरांत तहसील के 18 परीक्षा केेंद्रों की उत्तर पत्रिकाएं नियमानुसार मुख्य संकलन केंद्र पर जमा की गई. किंतु गणना के दौरान दो उत्तर पत्रिकाएं कम पाई गई. इसी बीच मुख्य केंद्र परिक्षा में मौजूद एक निजी व्यक्ति अनिल हाडोले की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसकी तलाशी ली गई. उसके पास से अंग्रेजी विषय ही हल की गई दो उत्तर पत्रिकाएं बरामद हुई. प्रारंभिक जांच में सामने आया हैे कि इन उत्तर पत्रिकाओं को परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाकर हल कराया गया और बाद में मुख्य केंद्र पर अन्य उत्तर पत्रिकाओं के साथ मिलाने का प्रयास किया जा रहा था. संयोगवश, इससे पहले ही यह तथ्य उजागर हो चुका था कि दो उत्तर पत्रिकाएं नदारद है. इस तरह संभावित बडी साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई. अमरावती विभागीय शिक्षा बोर्ड को प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिला परिषद अमरावती की माध्यमिक उपशिक्षणाधिकारी रजनी शिरभाते द्बारा दी गई शिकायत के आधार पर अंजनगांव सुर्जी पुलिस स्टेशन में रविवार को मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्यवेक्षक (परिरक्षक) सुधीर खोडे और निजी व्यक्ति अनिल हाडोले को गिरफ्तार कर लिया. अन्य आरोपियों की तलाश एवं जांच जारी है.
* नहीं बख्शेंगे दोषियों को
परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड करनेवालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस मामले की तह तक जाएंगी.
– विशाल आनंद, पुलिस अधीक्षक
* क्या हैंं पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक बोर्ड परीक्षा के दौरान कक्षा दसवीं के अंग्रेजी विषय की दो उत्तर पत्रिकाएं निर्धारित समय में अधिकृत कस्टडी में जमा नहीं की गई. आरोप है कि पर्यवेक्षक यानी परिरक्षक सुधीर खोडे, उप परिरक्षक सु शील कुमार अभ्यंकर ने निजी व्यक्ति अनिल हाडोले के साथ मिलकर साजिश रची. उक्त पत्रिकाओं को नियम विरूध्द तरीके से हाडोले के पास छिपाकर रखा. दुस्साहस इतना था कि हाडोले कथित रूप से बाहर से उत्तर पत्रिकाएं हल कर पर्चे वाले दिन मुख्य केंद्र पर अन्य उत्तर पत्रिकाओं में मिलने के उद्देश्य से पहुंच गया. किंतु गणना में कमी सामने आने के कारण संदेह गहराया और तलाशी के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया. इस घटनाक्रम ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खडे कर दिए हैं.
* एसडीपीओ की नजर
पूरा वर्ष प्रामाणिकता से पढाई करनेवाले विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड करनेवाले ऐसे लापरवाह अधिकारी, कर्मचारियों को गिरफ्तार किए जाने से पालकों द्बारा समाधान व्यक्त किया जा रहा हैं. पुलिस अब उन दो अज्ञात विद्यार्थियोंं की तलाश कर रही हैं. इस गडबडी की कडी कहां तक पहुंची हैं, इस बाबत उपविभागीय पुलिस अधिकारी मनीष ठाकरे के मार्गदर्शन में थानेदार सूरज बोंडे आगे जांच कर रहे हैं. दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया हैं.
* शिक्षा मंडल की कडी भूमिका
इस घटना के बाद महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल अमरावती विभाग द्बारा इस प्रकरण को गंभीरता से लिया गया हैं. शिक्षा मंडल के अध्यक्ष के आदेश के मुताबिक और शिक्षाधिकारी प्रिया देशमुख के मार्गदर्शन में यह अपराध दर्ज किया गया है. बोर्ड की परीक्षा में इस तरह की गडबडी और अधिकारियों की मिलीभगत से पेपर बाहर भेजे जाने की घटना के कारण प्रामाणिक विद्यार्थी और पालकों में तीव्र रोष व्याप्त हैं.
सनसनी खेज खुलासे
उडनदस्ते ने जब उत्तरपत्रिका की गिनती की तब मराठी माध्यम की उत्तर पत्रिका बराबर थी. लेकिन अंग्रेजी माध्यम की 443 में से 442 और उर्दू माध्यम की 431 में 430 उत्तरपत्रिका मिली. प्रत्येकि एक उत्तरपत्रिका कम थी. विशेष यानी नियमानुसार दोपहर 5.30 बजे तक सभी उत्तरपत्रिका सीलबंद होना अपेक्षित रहते 5.40 बजे तक कोई भी उत्तरपत्रिका सीलबंद नहीं की गई. हाडोले के पास वह दोनों उत्तरपत्रिका कैसे पहुंची इस प्रश्न पर खोडे ने जानकारी न रहने की बात कहीं. इस प्रकरण में खोडे और अभ्यंकर ने ही उत्तरपत्रिका की सुपारी ली रहने की बात स्पष्ट हुई हैं.
* खोडे को आदर्श पुरस्कार
सेवानिवृत्ति पर आए प्रभारी गटशिक्षणाधिकारी सुधीर खोडे को कुछ वर्ष पूर्व आदर्श शिक्षक, अधिकारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. अब उन पर ही लापरवाही का आरोप हैं. जबकि विषय शिक्षक रहे सुशील अभ्यंकर के पास अंजनगांव पंचायत समिति के शिक्षा विस्तार अधिकारी पद का प्रभार हैं. दोपहर 5 से 5.30 बजे तक उत्तरपत्रिका सीलबंद होना अपेक्षित था. कस्टडी में उत्तरपत्रिका आते ही अभ्यंकर ने उसमें की दो उत्तरपत्रिका हाडोले को दी. सुधीर खोडे की लेटलतीफी इसके लिए जिम्मेदार रहने की बात जांच में उजागर हुई हैं.





