चार साल की नींद के बाद लोकल बॉडी चुने जाते ही हडबडाकर जागा मनपा प्रशासन

देर आए, दुरुस्त आए, साफ-सफाई के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

* सफाई ठेकेदार कोणार्क इन्फ्रा. लि. ने भी जारी की हेल्पलाइन सेवा
अमरावती/दि.20 – विगत चार वर्षों से अमरावती महानगर पालिका में कचरे व गंदगी की समस्या लगातार विकराल होती रही. जिसे लेकर कई राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा मनपा मुख्यालय पहुंचकर मनपा अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाने का प्रयास भी किया जाता था. साथ ही साथ स्थानीय अखबारों में भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में व्याप्त कचरे व गंदगी की समस्या को लेकर छायाचित्रों सहित समाचार प्रकाशित किए जाते रहे. लेकिन इसके बावजूद विगत चार वर्षों से मनपा में चले आ रहे प्रशासकराज के दौरान सारे अधिकार अपने पास केंद्रीत रहने के बावजूद मनपा के अधिकारियों द्वारा इस समस्या की ओर कभी कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई. बल्कि पूरा ध्यान साफ-सफाई को लेकर ठेकेदारी पद्धती में नए-नए प्रयोग करने पर ही केंद्रीत रखा गया. वहीं अब जब महानगर पालिका के आम चुनाव हो गए है तथा 22 प्रभागों की 87 सीटों पर नगरसेवक के तौर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का चयन हो गया है. साथ ही अब अगले सप्ताह में मनपा के नए सभागृह के अस्तित्व में आ जाने की पूरी संभावना है. तब अचानक ही मनपा प्रशासन का ध्यान शहर में व्याप्त कचरे व गंदगी की समस्या पर गया है और मनपा प्रशासन ने नागरिकों के लिए स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों के समाधान हेतु एक विशेष हेल्पलाइन सेवा शुरू की है.
इस संदर्भ में महानगरपालिका द्वारा गत रोज कचरे व गंदगी की समस्या तथा शहर की साफ-सफाई को लेकर करीब 4 वर्ष के अंतराल पश्चात पहली बार गंभीरता दिखाते हुए एक पत्र जारी किया गया है. जिसमें नागरिकों को घर-घर कचरा संग्रह (घंटागाड़ी), सार्वजनिक नालियों की सफाई, गलियों व सड़कों की स्वच्छता, मृत पशुओं को उठाने तथा अन्य सभी स्वच्छता संबंधी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए गए हैं. इसके तहत मनपा हेल्पलाइन नंबर 7212672300 तथा व्हाट्सऐप शिकायत नंबर 7030092230 उपलब्ध कराए गए है.
खास बात यह भी है कि, शहर में कचरा संकलन व प्रबंधन हेतु जारी संयुक्त व एकल ठेका प्राप्त करनेवाली कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक नई ठेकेदार एजेंसी द्वारा भी अब एक अलग हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है. जिसे लेकर दी गई जानकारी के मुताबिक रिहायशी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमा कचरा, कचरे के स्पॉट तथा भरे हुए कचरा कंटेनरों को उठाने के लिए नागरिकों द्वारा सीधे 7517516162 इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है. यह जानकारी देने के साथ ही महानगरपालिका ने शहर के सभी नागरिकों, व्यापारियों, व्यवसायियों और संस्थाओं से अपील की है कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा कचरा प्रबंधन से जुड़ी किसी भी समस्या पर दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं.
* गनीमत ही मनाई जाए…
यद्यपि महानगर पालिका की ओर से शहर की साफ-सफाई को लेकर की गई यह पहल पूरी तरह से प्रशंसनीय व समर्थनीय कही जा सकती है. लेकिन ठीक इसके साथ ही यह सवाल भी मनपा प्रशासन से पूछा जा सकता है कि, जब विगत चार वर्षों से अमरावती मनपा और अमरावती शहर का पूरा कामकाज प्रशासकराज के भरोसे चल रहा था और महानगर पालिका से संबंधित सभी अधिकार प्रशासक के तौर पर मनपा आयुक्त के पास ही सीमित और केंद्रीत थे, तो उस समय शहरवासियों को कचरे और गंदगी की समस्या से निजात दिलाते हुए शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए मनपा प्रशासन द्वारा ऐसी कोई पहल क्यों नहीं की गई और अब जब महानगर पालिका में ‘लोकल बॉडी’ चुनकर आ गई है तथा मनपा के नए सदन का गठन अब बस होने में ही है, तो अचानक ही महानगर पालिका के ज्ञानचक्षू कैसे खुल गए. ऐसे में मनपा की इस पहल को ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’ वाला मामला कहा जा सकता है और ‘हुजूर आते-आते बहुत देर कर दी…’ तथा ‘आखिर तुम्हें आना था, जरा देर लगेगी…’ जैसे अशआर गुनगुनाते हुए गनीमत मनाई जा सकती है.            * पहले ही दिन ‘हेल्पलेस’ साबित हुई हेल्पलाइन की सेवा
यहां यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि, मनपा प्रशासन ने भले ही शहर में व्याप्त कचरे व गंदगी की समस्या पर कुछ हद तक गंभीरता दिखाते हुए एक साथ तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए है. परंतु जब इन तीनों नंबरों पर शहर के अलग-अलग हिस्सो में रहनेवाले नागरिकों ने कचरे संबंधी जानकारी देने हेतु संपर्क करने का प्रयास किया, तो तीनों ही नंबर बंद पाए गए. जिसके चलते हेल्पलाइन नंबर जारी होने के बावजूद आम शहरावासी ‘हेल्पलेस’ ही दिखाई दिए. साथ ही मनपा की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान भी उठाते दिखे.

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