पालकमंत्री बावनकुले के बडे बयान के बाद
अब सीधे सस्पेंड होंगे सफाई कर्मी

* सफाई ठेकेदार व मनपा प्रशासन पर भी गिरेगी गाज
* अमरावती में कचरे व गंदगी की समस्या पर भडके बावनकुले
* प्रशासन को कार्रवाई हेतु दिया ‘फ्री हैंड’
* पूरा साथ देने की बात भी कही
अमरावती/दि.9 – विगत शनिवार 7 मार्च को एक दिवसीय दौरे पर अमरावती पहुंचे राज्य के राजस्व मंत्री व जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अमरावती मनपा द्वारा विश्व महिला दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए शहर में व्याप्त कचरे व गंदगी की समस्या एवं साफ-सफाई की लगातार बिगडती सफाई व्यवस्था से संबंधित जानकारियों से अवगत होने के बाद जबरदस्त रोष प्रकट किया. इस समय मंत्री बावनकुले काफी संतप्त हो गए और उन्होंने शहर में साफ-सफाई को लेकर रहनेवाली अव्यवस्था पर तीव्र असंतोष जताते हुए कहा कि, साफ-सफाई के काम में कोताही व कामचोरी करनेवाले लोगों के खिलाफ सीधे बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने इस मामले में मनपा प्रशासन को ‘फ्री हैंड’ देते हुए साफ-सफाई के काम में कोताही करनेवाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की खुशी छूट दी और कहा कि, ऐसे मामलों में मनपा प्रशासन द्वारा जो भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, सरकार उसका पूरा समर्थन करेगी.
उल्लेखनीय है कि, पूरे राज्य के राजस्व एवं अमरावती जिले के पालकत्व का जिम्मा संभाल रहे मंत्री बावनकुले द्वारा पहली बार किसी विषय को लेकर रौद्र रुप दिखाया गया और साफ-सफाई जैसे मूलभूत सुविधा वाले मुद्दे को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व मनपा अधिकारियों के सामने अपनी संतप्त प्रतिक्रिया दी. जिसके चलते हर कोई काफी हद तक सकते में दिखाई दिया. बता दें कि, विगत शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री बावनकुले ने साफ शब्दों में कहा कि, अमरावती की जनता ने बडे ही आशाओं व अपेक्षाओं के साथ अमरावती महानगर पालिका की सत्ता भाजपा के नेतृत्ववाली महायुति को सौंपी है और इस समय अमरावती महानगर पालिका में महायुति के 45 पार्षद है. साथ ही महायुति के पास कुल 55 नगरसेवकों का समर्थन भी है. लेकिन यदि इसके बावजूद भी शहर में कचरे व गंदगी की समस्या बनी हुई है, तो यह चिंताजनक स्थिति रहने के साथ ही हमारे लिए आत्मपरिक्षण करनेवाली बात भी है. मंत्री बावनकुले ने यह भी कहा कि, मनपा की आय का एक बडा हिस्सा शहर की साफ-सफाई पर खर्च होता है. लेकिन इसके बावजूद शहर में सडकों पर व गली-मोहल्लो में जगह-जगह कचरे व गंदगी के ढेर लगे दिखाई देते है, यानि मनपा द्वारा किया जा रहा खर्च नाहक ही बर्बाद हो रहा है.
यहां इस बात पर भी ध्यान दिया जा सकता है कि, इस समय मंत्री बावनकुले ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी हाडे हाथ लेते हुए कहा कि, शहर में साफ-सफाई का जिम्मा केवल मनपा प्रशासन का ही नहीं है, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. इस समय उन्होंने विधायक संजय खोडके व विधायक रवि राणा से शहर के सभी नेताओं को एकजुट करते हुए शहर में साफ-सफाई के लिए अभियान चलाने हेतु कहा. जिसमें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने की बात भी कही. साथ ही साथ मनपा की आस्थापना पर रहनेवाले व स्थायी नियुक्ति प्राप्त सफाई कर्मियों द्वारा 8 घंटे की शिफ्ट में काम करने की बजाए केवल डेढ-दो घंटे ही काम करने पर नाराजगी जताते हुए मंत्री बावनकुले ने कहा कि, ऐसी मनमानी व लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि ऐसे सफाई कर्मियों को तुरंत बर्खास्त कर कर घर भेज देना चाहिए.
* क्या हम किसी महामारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं?
अमरावती शहर में व्याप्त कचरे व गंदगी की समस्या को लेकर अपनी बेहद संतप्त प्रतिक्रिया देते हुए पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के समक्ष सवाल उपस्थित किया कि, क्या हम किसी महामारी के फैलने और लोगों के बीमार पडने व मरने का इंतजार कर रहे है और ऐसा कुछ होने के बाद ही हमारी नींद खुलनेवाली है. साथ ही पालकमंत्री बावनकुले ने यह भी जानना चाहा कि, आखिर शहर में चुस्त-दुरुस्त तरीके से साफ-सफाई क्यों नहीं हो रही और घरों से निकलनेवाले कचरे को नियमित तौर पर क्यों नहीं उठाया जा रहा, इन सवालों के साथ ही पालकमंत्री बावनकुले ने अपने तीखे तेवरों के जरिए साफ संकेत दिया कि, शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करनेवाली है और यदि स्थिति में जल्द ही कोई सुधार नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में सफाई ठेकेदार सहित सफाई कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है. साथ ही साथ जरुरत पडने पर मनपा प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.





