युवक की हत्या के बाद शव जलाकर फेंका कैनल में
कार से शव लेकर पहुंचे थे आरोपी

* सबूत नष्ट करने का प्रयास हुआ विफल
* नाबालिग समेत 7 आरोपी गिरफ्तार
* आरोपियों में 3 वर्धा जिले केे, ग्रामीण अपराध शाखा की कार्रवाई
अमरावती/दि.12 – वरली मटके (सट्टा-पट्टी) के पैसों के विवाद पर से एक 30 से 35 वर्षीय युवक की वर्धा जिले में हत्या करने के बाद शव कार में डालकर सबूत नष्ट करने के इरादे से अमरावती जिले के अचलपुर तहसील में लाया गया और रिश्तेदारों की सहायता से शव को जलाकर मौजा जहानपुर शिवार परिसर के शहानूर प्रकल्प के कैनल में फेंक दिया गया था. लेकिन एसडीपीओ मनीष ठाकरे, पथ्रोट पुलिस और ग्रामीण अपराध शाखा के दल ने 24 घंटे के भीतर इस घटना का पर्दाफाश करते हुए वर्धा जिले के 3 आरोपियों समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल कार जब्त कर ली है. मृतक युवक का नाम शेख शाहरुख शेख रउफ बताया जाता है. जबकि गिरफ्तार आरोपियों में वर्धा जिले के आर्वी शहर निवासी प्रशांत हरिश्चंद्र महाजन (59), टिंकेश प्रशांत महाजन (28) और अली अजगर सद्दाम हुसैन (28), अंजनगांव सुर्जी निवासी शुभम मोहनलाल रॉय (28), हर्षित प्रकाश गौर (19), निखिल दीपचंद गौर (32) व एक अन्य है.
जानकारी के मुताबिक अमरावती जिले के अचलपुर तहसील में आनेवाले पथ्रोट थाना क्षेत्र के वाघडोह-जहानपुर परिसर के हनुमान मंदिर के सामने शहानूर प्रकल्प के कैनल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव अधजली अवस्था में बुधवार 11 फरवरी को सुबह बरामद हुआ था. कैनल से सटकर स्थित खेत में काम करनेवाले गबने नामक चौकीदार को कैनल से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया. साथ ही दुर्गंध आने से उसने कैनल के पास जाकर देखा तब उसके पैरो तले जमीन खिंसक गई. कैनल में एक व्यक्ति का झुलसा हुआ शव दिखाई दिया. उसने तत्काल खोडगांव के सरपंच को घटना की जानकारी दी. सरपंच ने तत्काल पथ्रोट पुलिस को सूचना दी. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस का दल तत्काल घटनास्थल पहुंच गया. इस घटना की जानकारी हवा की तरह परिसर में फैली. पश्चात वाघडोह के पुलिस पाटिल समेत हजारों नागरिकों की भीड घटनास्थल पर जमा हो गई. घटनास्थल पर उपविभागीय पुलिस अधिकारी मनीष ठाकरे समेत ग्रामीण अपराध शाखा का दल भी पहुंच गया. झुलसे शव को कैनल से बाहर निकाला गया. पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पुलिस ने फॉरेन्सिक दल की भी सहायता ली. पश्चात मृतक व्यक्ति की पहले हत्या कर सबूत नष्ट करने के इरादे से शव को जलाकर कैनल में फेंके जाने का अनुमान पुलिस ने लगाकर आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच कार्य तेज कर दिया.
* टायर के निशान मिलते ही पुलिस पहुंची आरोपियों तक
हत्यारों ने घटना को अंजाम देने के बाद शव को रफा-दफा करने के लिए इस्तेमाल किए चार पहिया वाहन के निशान घटनास्थल पर दिखाई देने के बाद पुलिस ने कैनल की तरफ आनेवाले हर तरफ के मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरु किए. इसमें एक कार मौजा जहानपुर शिवार की तरफ 2-3 बार आती-जाती दिखाई दी. घटनास्थल पर ऑईल के धब्बे भी दिखाई दिए. इस कारण आरोपियों ने डीजल डालकर शव को जलाया रहने का अनुमान लगाया गया.
* हाथ-पैर बांधकर कैनल में फेंका था शव
अध:जली अवस्था में शव बाहर निकालकर जब उसकी जांच की गई तो वह शव पुरुष का रहने की बात स्पष्ट हुई. उसके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे. हाथ-पैर बांधकर उसे कैनल में फेंके जाने का प्राथमिक अनुमान पुलिस ने लगाया है.
* मृतक की शिनाख्त हुई
उपविभागीय पुलिस अधिकारी मनीष ठाकरे ने ‘अमरावती मंडल’ को बताया कि, मृतक का नाम शाहरुख है. उसका सिंगल नाम ही पता चल पाया है. वह वर्धा जिले के आर्वी शहर का रहनेवाला है. 6 माह पूर्व किसी हत्याकांड में छूटकर वह बाहर आया था. पश्चात गुंडागर्दी करता था.
* आर्वी में ही की गई हत्या
पुलिस सूत्रों बताया कि, शाहरुख की हत्या आर्वी शहर में ही की गई. उसे आर्वी में प्रशांत हरिश्चंद्र महाजन, उसके बेटे विंकेश महाजन और अली अजगर सद्दाम हुसैन ने मिलकर मारा. पश्चात सबूत नष्ट करने के इरादे से शव को कार में डालकर अमरावती जिले के मौजा जहानपुर शिवार ले आए. वहां पर अंजनगांव सुर्जी के रहनेवाले शुभम मोहनलाल रॉय (28), हर्षित प्रकाश गौर (19), निखिल दीपचंद गौर (32) व एक अन्य की सहायता से शव को जलाकर कैनल में फेंक दिया गया.
* कुल 7 आरोपी गिरफ्तार
इस सनसनीखेज हत्याकांड में ग्रामीण अपराध शाखा के निरीक्षक किरण वानखडे, पथ्रोट के थानेदार अभय चौथनकर और उपविभागीय पुलिस अधिकारी मनीष ठाकरे के मार्गदर्शन में एलसीबी के दल ने मृतक की शिनाख्त के बाद कुछ ही घंटों में नाबालिग समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल कार जब्त कर ली है.
* सट्टा-पट्टी को लेकर हुआ विवाद
आरोपियों से हुई पूछताछ में पता चला है कि, मृतक शेख शाहरुख शेख रउफ का सट्टा-पट्टी को लेकर प्रशांत महाजन के साथ विवाद हुआ था और उसने प्रशांत से मारपीट की थी. इसी बात को लेकर प्रशांत के बेटे विंकेश महाजन और अली अजगर ने शाहरुख को मौत के घाट उतारा. पश्चात शव लेकर राजना गांव पहुंच गए और 4 अन्यों की सहायता से शव जलाकर कैनल में फेंक दिया.
* एक्सयूवी-500 कार में लाया गया था शव
सूत्रों के मुताबिक महाजन पिता-पुत्र और अली अजगर शाहरुख का काम तमाम करने के बाद शव को एक्सयूवी-500 कार में डालकर राजना गांव पहुंचे. रात के अंधेरे में वह शव कार से ही शहानूर प्रकल्प के कैनल तक लाया गया और वहीं जलाकर उसे कैनल में फेंक दिया गया. वाहन के इसी निशान के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. मामले की जांच पथ्रोट पुलिस आगे कर रही है.





