नौ बार गर्भपात के बाद मिली मातृत्व की खुशी

नागपुर के अस्पताल में 820 ग्राम की बच्ची का सफल जन्म

नागपुर/दि.18 – बार-बार गर्भपात की पीड़ा झेल चुकी 28 वर्षीय महिला को आखिरकार मातृत्व का सुख प्राप्त हुआ. नागपुर स्थित लता मंगेशकर हॉस्पिटल में डॉक्टरों की विशेष निगरानी और सतत प्रयासों से महिला ने दसवीं गर्भावस्था में एक नन्ही बच्ची को जन्म दिया. यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में उम्मीद की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आया है.
जानकारी के अनुसार, महिला को लगातार नौ बार गर्भपात का सामना करना पड़ा था. शारीरिक और मानसिक तनाव के बावजूद उसने मातृत्व का सपना नहीं छोड़ा. अस्पताल में भर्ती होने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसकी विस्तृत जांच कर गर्भावस्था की शुरुआत से ही विशेष देखरेख शुरू की.
* जटिलताओं के बीच लिया सर्जरी का निर्णय
गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, गर्भकालीन मधुमेह और हाइपोथायरॉइड जैसी जटिलताएं सामने आईं. मां और शिशु दोनों की जान को खतरा देखते हुए 28 सप्ताह बाद चिकित्सकों ने सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. ऑपरेशन सफल रहा और मात्र 820 ग्राम वजन की बच्ची का जन्म हुआ.
* तीन माह तक आईसीयू में देखभाल
कम वजन के कारण नवजात को तीन महीने तक नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में रखा गया. बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश नानोटी के मार्गदर्शन में चिकित्सकीय टीम ने विशेष निगरानी रखी. धीरे-धीरे बच्ची का वजन बढ़कर 1.8 किलोग्राम हो गया. फिलहाल मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं. अस्पताल प्रशासन ने भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया. संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. आशिषराव देशमुख सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी.
* बढ़ती जीवनशैली संबंधी समस्याएं और वंधत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, देर से विवाह, तनावपूर्ण जीवनशैली, मोटापा, हार्मोन असंतुलन और प्रदूषण जैसे कारणों से बांझपन के मामले बढ़ रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जागरूकता की कमी है. आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे आईवीएफ और आईयूआई से समाधान संभव है, बशर्ते समय रहते विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाए.

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