विमानतल तैयार, लेकिन विमानों की संख्या कम
विमान संख्या के साथ किफायती टिकट दर की मांग

मुंबई /दि.13- राज्य के प्रमुख जिलों में विमानतल बनाकर स्थानीय लोगों को तेज यात्रा का साधन उपलब्ध कराया जा रहा है. लेकिन नाशिक, सोलापुर, कोल्हापुर सहित कई हवाई अड्डों पर सुविधाएं होने के बावजूद इन शहरों को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या कम है. इसके साथ ही उपलब्ध उड़ानों के टिकट महंगे होने के कारण यात्री सड़क और रेल मार्ग का विकल्प चुन रहे हैं. परिणामस्वरूप ‘उड़ान’ योजना के तहत उड़ानों की संख्या बढ़ाने के साथ टिकट दरें किफायती रखने की मांग की जा रही है.
पहले बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उतरकर हम्पी जाना पड़ता था. लेकिन हुबली हवाई अड्डे के निर्माण से हम्पी के लिए नया और बेहतर विकल्प उपलब्ध हुआ है. कन्नूर हवाई अड्डे के कारण वायनाड और ऊटी जाने वाले पर्यटकों को सुविधा मिली है. कोयंबटूर जाने के बजाय यात्री कन्नूर हवाई अड्डे से यात्रा करते हैं. इसी तरह सिंधुदुर्ग (चिपी), नाशिक, कोल्हापुर हवाई अड्डों पर उड़ान सेवाएं बढ़ीं और दरों में कमी आई तो पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, ऐसा पर्यटन व्यवसायी सचिन आरोटे ने बताया.
* कोकण के पर्यटन को बढ़ावा
गर्मी और क्रिसमस की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक गोवा और कोकण जाते हैं. रेलमार्ग से कोकण और गोवा के लिए कई ट्रेनें हैं. सड़क मार्ग से भी कोकण पहुंचा जा सकता है. इसलिए कोकण जाने वाले पर्यटक चार से पांच हजार रुपये का विमान टिकट नहीं लेते. यदि दो से ढाई हजार रुपये के आसपास टिकट उपलब्ध हों तो पर्यटक जरूर विमान से कोकण जाएंगे.
* कोल्हापुर हवाई यातायात में सक्रिय
कोल्हापुर में कई सहकारी संस्थाएं, कपड़ा और चीनी उद्योग हैं. पर्यटन की दृष्टि से भी कोल्हापुर महत्वपूर्ण है. कोल्हापुर को में अधिक सक्रिय बनाने के लिए टिकट दरों में कमी जरूरी है. कोल्हापुर हवाई अड्डे से वर्तमान में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और तिरुपति के लिए उड़ानें शुरू हैं. इंडिगो और स्टार एयर कंपनियां सेवा दे रही हैं.
* नाशिक को भी अन्य शहरों से जोड़ें
कुंभ मेले के लिए नाशिक को अन्य शहरों से अधिक हवाई मार्ग से जोड़ना जरूरी है. खासकर उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए सुबह के समय नाशिक से उड़ानें शुरू होकर नियमित रहें तो इससे पर्यटन के साथ कृषि व्यवसाय को भी फायदा हो सकता है. नाशिक हवाई अड्डे से वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, गोवा, इंदौर और अहमदाबाद के लिए उड़ानें हैं. इंडिगो द्वारा हैदराबाद और गोवा, जबकि स्टार एयर द्वारा अहमदाबाद के लिए उड़ानें संचालित हैं.
* कराड में केवल वीआईपी विमान
कराड हवाई अड्डे से फिलहाल कोई नियमित यात्री उड़ान सेवा शुरू नहीं है. यह हवाई अड्डा मुख्य रूप से वीआईपी और कॉर्पोरेट चार्टर विमानों के लिए उपयोग किया जाता है. यहां एम्बिशन फ्लाइंग क्लब की ट्रेनिंग गतिविधियां भी चल रही हैं. वर्तमान में हवाई अड्डे के विस्तार का प्रस्ताव है.
* सोलापुर हवाई अड्डा
सोलापुर हवाई अड्डे से अक्टूबर 2025 में नया टर्मिनल और वाणिज्यिक उड़ानें (मुंबई-बेंगलुरु) शुरू हुई हैं. स्टार एयर और फ्लाई 91 द्वारा सेवा दी जा रही है.
* राज्य के हवाई अड्डे
कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई, पुणे, नागपुर इन पांच शहरों से घरेलू हवाई यातायात होता है. नांदेड, अकोला, अमरावती, उस्मानाबाद, लातूर, कराड, जळगांव, अहमदनगर, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर, भंडारा, नाशिक, धुले शहरों में रनवे मौजूद हैं.
* उड़ान सेवा शुरू होकर बंद
‘उड़ान’ योजना के तहत केवल हवाई अड्डे बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि शहरों को जोड़ने वाली नियमित उड़ान सेवा भी जरूरी है. कई बार हवाई अड्डा शुरू होते ही उड़ानें शुरू होती हैं, लेकिन कुछ महीनों में ही बंद हो जाती हैं. इससे यात्रियों में निराशा होती है.
* विमान टिकट दरें (एकतरफा)
मुंबई – कोल्हापुर – 4 हजार
मुंबई – नाशिक – 3 से 4 हजार
मुंबई – सिंधुदुर्ग – 4500 से 6 हजार
मुंबई – नागपुर – 4500 से 6500
मुंबई – पुणे – 3500 से 6500
मुंबई – सोलापुर – 4 से 6 हजार
मुंबई – छ. संभाजीनगर – 2500 से 4 हजार
मुंबई – अमरावती – 2500 से 4 हजार
मुंबई – शिर्डी – 3500 से 10 हजार





