अजीत दादा की ‘वह’ प्रचार सभा रही अंतिम
बेजोड संबोधन किया था दादा ने

* राजनेता की बजाए रिफॉर्मर लगे थे
* केवल विकास और विजन पर की थी पौन घंटा चर्चा
* गाडगे बाबा मैदान पर मनपा चुनाव हेतु राष्ट्रवादी प्रत्याशियों का प्रचार
अमरावती/दि.24 – प्रदेश के सर्वाधिक समय तक उपमुख्यमंत्री रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा अजीत दादा पवार के दुखदायक निधन के समचार ने समस्त महाराष्ट्र की तरह अमरावती में भी शोक की लहर व्याप्त हो गई. हर कोई अजीत पवार का चाहनेवाला इस खबर पर थक्क रह गया. कई लोग रो पडे. प्रिय अजीत दादा को याद करने लगे. ऐसे में ठीक 20 दिनों पहले गाडगे बाबा मंदिर के सामने के मैदान पर हुई महापालिका चुनाव प्रचार की दादा की जंगी सभा को सबसे पहले लोगों ने याद किया. उस सभा में अजीत दादा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के सभी 85 उम्मीदवारों को मंच पर बैठाया था. उसमें भी महिलाओं को भी गुलाबी पगडी धारण करवाई थी. सबसे महत्वपूर्ण अजीत दादा का 40-45 मिनट का संबोधन बेजोड रहा था. प्रत्येक कार्यकर्ता, नेता और अन्य दलों के पदाधिकारियों ने भी अजीत दादा के उस संबोधन की प्रशंसा की थी.
* क्या कहा था दादा ने
अजीत दादा ने अपने संबोधन में विवादित विषयों और घोषणाओं से पूरी तरह परे रहकर बेमिसाल भाषण दिया था. उन्होंने केवल और केवल विकास योजनाओं, नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं एवं सामाजिक सद्भाव की बात की थी. अपने उम्मीदवारों को विजयी करने का बेशक दादा ने पुरजोर आवाहन किया, बल्कि विकास की योजनाओं हेतु भरपूर फंड उपलब्ध करवाने का वादा किया.
* विकास की राजनीति करने आया हूं
अजीत दादा ने कहा था कि, विकास की राजनीति में वे विश्वास रखते हैं. जिस प्रकार बारामती को उन्होंने डेवलप किया है, उसी अंदाज में अमरावती को विकसित करने की उनकी योजना है. अमरावती सिर्फ एक जिला मुख्यालय नहीं है, बल्कि एक विभागीय आयुक्तालय भी है. इसलिए, इस शहर का विकास भी एक विभागीय शहर जैसा होना चाहिए. इस बात को ध्यान में रखते हुए अजीत दादा पवार ने कल की जनसभा में सिर्फ विकास संकल्पनाएं नहीं रखी, बल्कि उन्होंने अपने भाषण इस बात पर फोकस किया कि शहर की समस्याओं को हल करने के लिए असल में क्या किया जा सकता है. उन्होंने अपील की कि अगले पचास सालों में इस शहर की तस्वीर कैसी होनी चाहिए, इस पर सोचकर नियोजन करें. इस मौके पर उन्होंने अमरावती के लोगों को विकास की राजनीति की एक नई और उम्मीद जगाने वाली दिशा दिखाई. अजित पवार ने अपने मजबूत अंदाज में आगे कहा कि मैं सिर्फ घोषणाएं करने वाला नेता नहीं हूं, बल्कि असल में काम करने वाला व्यक्ति हूं. मुझे शहरों को बदलना और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को लागू करना पसंद है. चूंकि अमरावती विभागीय हेडक्वार्टर है, इसलिए अगर और फंड्स उपलब्ध कराए गए तो इस शहर का कायाकल्प करना आसान होगा. इस फंड का इस्तेमाल भविष्य में जरूर किया जाएगा. सभी एनसीपी उम्मीदवारों से महापालिका चुनाव जीतने की अपील करते हुए उप मुख्यमंत्री अजीत दादा पवार ने विकास की नई लहर लाने का भरोसा दिलाया था.
* गुलाबी रंग मेें रंगी सभा
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने महिला वर्ग को मानसम्मान देने के लिए अपने समस्त मनपा चुनाव प्रचार, पोस्टर्स, सभा और प्रत्येक बैनर, पत्रक को गुलाबी रंग दिया था. ऐसे ही 9 जनवरी की शाम की अजीत दादा पवार की सभा भी गुलाबी रंग में रंगी थी. सभी को पहनाई गई पगडियां गुलाबी रही थी. उस सभा पश्चात अजीत दादा ने नागपुर से पुणे की फ्लाइट होने से बाय रोड नागपुर जाना था. इसलिए अपनी कार आगे बढा दी थी.
* कार्यकर्ताओं के साथ सेल्फी
अजीत दादा ने राष्ट्रवादी के उम्मीदवार और कुछ कार्यकर्ता उनसे मिलने आए तो आगे बढी अपनी कार को रुकवा दिया. कार्यकर्ताओं के अनुरोध को मान्य कर सभी के साथ हंसते हुए सेल्फी खिंचवाई. इनमें राजापेठ प्रभाग की उम्मीदवार प्रणाक्षी झांबानी-मालवीय, एड. शब्बीर हुसैन, कर्नल सिंह और उनके पुत्र अर्जुन सिंह आदि का समावेश रहा. विधायक संजय खोडके और यश खोडके से भी जाते-जाते अजीत दादा ने बातचीत की थी.
* सभा में उमडे हजारों
अजीत दादा की मनपा चुनाव में एकमात्र प्रचार सभा रहने से हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय उपमुख्यमंत्री को सुनने उमडे थे. विशेषकर दादा के संबोधन को हजारों लोगों ने दत्तचित्त होकर सुना था. महिला वर्ग भी अपनी आपसी बातचीत छोडकर दादा का एक-एक वाक्य गौर से सुन रहा था. फलस्वरुप अनेक मायनों में यह जनसभा यादगार बनी थी. किंतु उपस्थित हजारों में से किसी को भी अंदाज न था कि, दादा की यह सभा अमरावती में अंतिम सभा रहनेवाली है. अब उस सभा में मौजूद प्रत्येक दुख व्यक्त कर रहा है. रो रहा है. दादा अपने-आप में बेमिसाल व्यक्तित्व थे. जिसके कारण समस्त महाराष्ट्र में उनका चाहनेवाला वर्ग करोडों में रहा. अमरावती भी अजीत दादा को बेहद चाहती थी. उनकी बजट पूर्व संभागस्तरीय बैठक में भी अधिकारी और पदाधिकारी दादा की दो टूक सुनने आतुर रहते थे.
* संबोधन की सर्वत्र चर्चा और प्रशंसा
अजीत दादा के उस दिन के संबोधन पर न केवल राजनीति इतर क्षेत्रों में चर्चा हुई, बल्कि खास और आम दोनों ही प्रकार के लोगों ने दादा के भाषण की जी भरकर प्रशंसा की थी. दादा ने केवल और केवल विकास से संबंधित मुद्दों की चर्चा की. इतना ही नहीं तो उन्होंने विवादित बातों और बयानों से बचने की सलाह भी राष्ट्रवादी के प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता को दी थी. आज सबेरे उनके दुखदायी प्लेन क्रैश में निधन के समाचार ने समस्त अमरावती को नि:शब्द कर दिया. प्रत्येक ने मन ही मन अजीत दादा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए गाडगे बाबा मैदान पर हुई सभा को अवश्य याद किया. महिला वर्ग भी अपने प्रिय लीडर के दुखदायी अवसान पर गमगीन नजर आया. अनेक महिला नेत्रियों ने कहा कि, वे शब्दों में अजीत दादा के निधन से हुए शोक को व्यक्त कर सकती.
* मंच पर यह थे मौजूद
अजीत दादा की अंतिम सिद्ध हुई जनसभा में राकांपा के महासचिव विधायक संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके, राकांपा के प्रवक्ता सूरज चव्हाण, पूर्व विधायक देवेंद्र भुयार, राकांपा के युवा नेता यश खोडके, जिला निरीक्षक वसंतराव घुईखेडकर, सुरेखा ठाकरे, पूर्व महापौर एड. किशोर शेलके, शहर अध्यक्ष प्रशांत डवरे, ग्रामीण जिलाध्यक्ष संतोष महात्मे, मनपा स्थायी समिति के पूर्व सभापति अविनाश मार्डीकर, पूर्व उपमहापौर शेख जफर, तपोवन के अध्यक्ष प्रा. डॉ. सुभाष गवई, मधु करवा, दीपक लोखंडे, पूर्व पार्षद स्वाती जावरे, रमेशराव ढवले, अशोक अग्रवाल, जनाब अख्तर हुसेन, संत गाडगेबाबा ज्येष्ठ नागरिक मंडल के पदाधिकारी पी. टी. गावंडे, मराठा सेवा संघ के पदाधिकारी अरविंदराव गावंडे, अश्विन चौधरी, भ्रात्रुं मंडल के सुरेशराव भारंबे, जैन समाज पदाधिकारी अमृत मुथा, अमरावती जिला रक्तदान समिती के अध्यक्ष महेंद्र भूतडा, प्रतापराव देशमुख, अमरावती जिला वकील संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष एड. शोएबखान, सहकार नेता मनोजराव देशमुख, खालिदभाई, गजाननराव चर्हाटे, कबड्डी असोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव जीतेंद्रसिंह ठाकुर, प्रकाश वैद्य, योगिता गिरासे, एड. छाया मिश्रा आदि उपस्थित थे.





