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महात्मा फुले को लेकर संभाजी भिडे का ‘यू-टर्न’

यवतमाल में आलोचना, अकोला में किया अभिवादन

अकोला/दि.31 – श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान के संस्थापक संभाजी भिडे ने अमरावती व यवतमाल में आयोजित अपने कार्यकर्ताओं की बैठकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित सामाजिक क्रांति के प्रणेता महात्मा ज्योतिबा फुले को लेकर विवादास्पद टिपणियां करने के साथ ही दोनों महापुरुषों की कडी आलोचना भी की थी. जिसे लेकर समूचे राज्य में अच्छा खासा हंगामा भी मचा था. वहीं अब संभाजी भिडे ने अपनी भूमिका में अकस्मात बदलाव लाते हुए अपने अकोला दौरे के तहत पातुर में महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ ही प्रतिमा के समक्ष साष्टांग दंडवत होकर अभिवादन भी किया. ऐसे में महात्मा फुले को लेकर संभाजी भिडे की भूमिका पर सवालिया निशान उठाए जा रहे है.
बता दें कि, श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान के अकोला विभाग द्बारा रविवार को अकोला में संभाजी भिडे का व्याख्यान आयोजित किया गया था. जिसके चलते संभाजी भिडे वाशिम से अकोला शहर के लिए रवाना हुए. इस दौरान पातुर स्थित मंदिर में उनकी भेंट नियोजित थी. जहां पर उनसे महात्मा फुले के पुतले को माल्यार्पण कर अभिवादन करने का निवेदन किया गया. जिसे तत्काल ही स्वीकार करते हुए संभाजी भिडे ने महात्मा फुले के पुतले पर माल्यार्पण करते हुए नतमस्तक होकर अभिवादन किया. जबकि इससे पहले संभाजी भिडे द्बारा महात्मा फुले को लेकर अमरावती व यवतमाल में बेहद आपत्तिजनक टिपणियां की गई थी. जिसके चलते संभाजी भिडे के अकोला जिला दौरे का वंचित बहुजन आघाडी, अखिल भारतीय मराठा महासंघ, समता परिषद व माली समाज द्बारा कडा विरोध किया जा रहा था. जिसे ध्यान में रखते हुए संभाजी भिडे के पातुर से अकोला आने के नियोजित रास्ते को ऐन समय पर बदल दिया गया. परंतु इसके बावजूद भी उनके काफिले को काले झंडे दिखाकर जोरदार नारेबाजी की गई. जिसके बाद पुलिस ने अनेकों लोगों को अपनी हिरासत में लिया.

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