अमरावती मनपा चुनाव : नगरसेवकों के अधिकार व जिम्मेदारियां

जिन नगरसेवकों को आप चुनकर देते हैं, वे आपके कौन-कौनसे काम आते हैं?

अमरावती /दि.1 – इस समय अमरावती महानगर पालिका के चुनाव की जबरदस्त धामधूम चल रही है और चुनाव के जरिए महानगर पालिका में पार्षद यानि नगरसेवक चुनकर जाने के लिए अच्छी-खासी प्रतिस्पर्धा भी देखी जा रही है. जिसके चलते यह सवाल उठना बेहद लाजिमी है कि, आखिर नगरसेवक पद की इतनी अहमियत क्यों है और वे कौन-कौनसे काम होते है, जो नगरसेवकों को करने पडते है. साथ ही जनता के जरिए निर्वाचित होकर मनपा के सदन में पहुंचने वाले नगरसेवक अपने कार्यकाल दौरान जनता के किन-किन काम में आते है. इसके चलते दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा अमरावती महानगर पालिका में निर्वाचित पार्षदों के अधिकारियों व जिम्मेदारियों को लेकर यह विशेष आलेख प्रस्तुत किया जा रहा है. क्योंकि चुनावी सरगर्मी के बीच मतदाताओं के लिए यह जानना आवश्यक है कि नगरसेवक (पार्षद) का वास्तविक कार्यक्षेत्र क्या होता है और वे किस प्रकार सीधे तौर पर नागरिक सुविधाओं से जुड़े होते हैं.

* नगरसेवक कैसे चुने जाते हैं
प्रत्येक प्रभाग से निर्धारित संख्या में नगरसेवक चुने जाते हैं. चुने गए सभी नगरसेवक मिलकर महानगरपालिका का सामान्य सभा सदन बनाते हैं. बता दें कि, अमरावती महानगर पालिका के 22 प्रभागों से कुल 87 नगरसेवकों का चयन किया जाता है. इन्हीं नगरसेवकों में से महापौर और उपमहापौर का निर्वाचन किया जाता है.

* निर्वाचित नगरसेवकों में से ही होता है महापौर का चयन
87 सदस्यों वाली अमरावती महानगर पालिका में चुनाव के बाद निर्वाचित नगरसेवक अपने में से ही किसी सदस्य को महापौर यानि मेयर चुनते है. अमरावती मनपा का कार्यभार पूरी तरह से महापौर के अधिन ही होता है. महापौर के सहायता के लिए स्थायी समिति, शहर सुधार समिति, शिक्षा समिति, उद्यान समिति, महिला व बालकल्याण समिति जैसी विषय समितियां होती है. साथ ही साथ प्रभाग समिति बनाकर स्थानीय स्तर पर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने का काम भी किया जाता है. इन सब में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थायी समिति होती है, जहां पर सभी प्रस्ताव पारित होते है.

* महापौर को हासिल होता है शहर के प्रथम नागरिक का दर्जा
महापौर एकतरह से महानगरपालिका का संवैधानिक प्रमुख होता है, जिसके चलते महापौर को शहर का प्रथम नागरिक कहा जाता है. मनपा की सामान्य सभा की अध्यक्षता करना महापौर का प्रमुख दायित्व है. वहीं प्रशासनिक निर्णयों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी आयुक्त पर होती है.

* नगरसेवकों के प्रमुख अधिकार
सामान्य सभा और विषय समितियों में प्रश्न उठाने का अधिकार, विकास कार्यों के प्रस्ताव पेश करना, बजट पर चर्चा और अनुमोदन में भागीदारी, नागरिक समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना, विकास निधि का प्रावधान.

* हर नगरसेवक को प्रति वर्ष 20 से 50 लाख रुपयों की विकास निधि
मनपा के सदन में निर्वाचित प्रत्येक नगरसेवक को अपने-अपने वॉर्ड एवं प्रभाग में विविध तरह से विकास कामों के लिए मनपा की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 20 लाख से 50 लाख रुपए की विकास निधि प्राप्त होती है. जिसके जरिए नगरसेवक अपने-अपने प्रभाग में सडक की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधा, जलापूर्ति, शौचालय का निर्माण तथा गलियों व नालियों की सफाई जैसे अन्य कार्य करते है. इसके साथ ही नगरसेवकों को अन्य कई तरह की योजनाओं के अंतर्गत विविध मदो में भी प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपए के आसपास फंड आवंटित होता है. जिसके जरिए संबंधित योजना के तहत प्रस्तावित रहनेवाले कार्य कराने होते है. इसके अलावा कई नगरसेवक अपनी राजनीतिक पहुंच और सत्ता पक्ष के साथ रहनेवाली नजदिकी का फायदा उठाते हुए अपने-अपने प्रभाग में विविध विकास कार्य प्रस्तावित कर राज्य सरकार के जरिए भी अपने प्रभाग हेतु अतिरिक्त निधि को मान्यता दिलाते है. विशेष उल्लेखनीय है कि, पार्षदों को आवंटित निधि के जरिए किन-किन विकास कामों पर पैसा खर्च हुआ, इसका मनपा प्रशासन द्वारा लेखा परीक्षण किया जाता है.

* मानधन और भत्ते मिलते है, वेतन व पेंशन नहीं
सांसदों व विकायकों की तरह नगरसेवकों को प्रति माह वेतन एवं कार्यकाल समाप्ति पश्चात पेंशन देने की कोई व्यवस्था नहीं है. हालांकि उन्हें मासिक मानधन व प्रति बैठक भत्ता जरुर दिया जाता है. जिसके तहत अमरावती महानगर पालिका में निर्वाचित पार्षदों को प्रति माह 10 हजार रुपए का मानधन एवं प्रति बैठक 100 रुपए का दैनिक भत्ता दिया जाता है. इसके अलावा पार्षदों को मनपा की ओर अन्य कोई विशेष सुविधा नहीं मिलती. अलबत्ता महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति सभापति व विषय समिति सभापति, सभागृह नेता, नेता प्रतिपक्ष व गुट नेता जैसे पदों पर निर्वाचित पार्षद पदाधिकारियों को विशेष कक्ष, कार्यालयीन टेलिफोन व सीम कार्ड की अतिरिक्त सुविधा मिलती है. साथ ही महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति सभापति, सभागृह नेता व नेता प्रतिपक्ष के लिए चालक सहित सरकारी वाहन की व्यवस्था भी मनपा प्रशासन द्वारा की जाती है.

* करीब 900 करोड रुपयों के बजट पर चलता है अमरावती मनपा का प्रशासनिक ढांचा
अमरावती महानगरपालिका का सालाना बजट लगभग 900 करोड़ रुपये है. जहां महापौर मनपा के संवैधानिक प्रमुख होते है, वहीं मनपा का प्रमुख कार्यकारी अधिकारी आयुक्त होता है. इसके अलावा मनपा में विभिन्न विभाग, जैसे जलपूर्ति, लोकनिर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता कार्यरत हैं. भले ही अमरावती शहर में जलापूर्ति का जिम्मा महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के पास है, परंतु अमरावती शहर में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट तथा सडकों व बाग-बगीचों के रखरखाव के साथ-साथ नागरिकों को नियमित व स्वच्छ जलापूर्ति कराना भी अमरावती मनपा की ही जिम्मेदारी में शामिल है.

* शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं प्रमुख जिम्मेदारी
स्थानीय निकाय होने के नाते अमरावती महानगर पालिका की प्रमुख जिम्मेदारियों में शहरवासियों के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सबसे प्रमुख है. अमरावती महानगर पालिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के अंतर्गत दशहरा मैदान स्थित आयसोलेशन हॉस्पिटल व बडनेरा स्थित मोदी अस्पताल सहित 13 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का समावेश होता है. जहां पर डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति करने के साथ ही विभिन्न बीमारियों के इलाज हेतु जरुरी दवाईयों का स्टाक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मनपा की होती है. इसके साथ ही समाज के सभी घटकों से वास्ता रखनेवाले बच्चों हेतु प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना भी मनपा की जिम्मेदारी में शामिल है. इसके तहत अमरावती मनपा द्वारा शहर के विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों में हिंदी, मराठी व उर्दू माध्यम वाली प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शालाओं का संचालन किया जाता है. जिनके साथ इन दिनों अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं को जोडते हुए सभी सरकारी शालाओं का अपग्रेडेशन किया जा रहा है.

* स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
बता दें कि, शहर से प्रतिदिन औसतन 110 से 120 ट्रक ठोस कचरा एकत्रित किया जाता है. कचरा संकलन, परिवहन और निपटान की जिम्मेदारी मनपा की है. वहीं सभी नगरसेवक अपने प्रभाग में स्वच्छता व्यवस्था पर निगरानी रखते हैं. खास बात यह भी है कि, शहर से निकलने वाले कचरे को संकलित कर उसे कचरा कंपोस्ट डिपो तक पहुंचाने के लिए मनपा द्वारा हाल ही में करीब 240 करोड रुपए की लागतवाला एकल व संयुक्त ठेका जारी किया गया है. वहीं मनपा की आस्थापना पर रहनेवाले सफाई कर्मियों द्वारा सडकों सहित सर्विस गलियों व नालियों की साफ-सफाई की जाती है.

* जनप्रतिनिधि के रूप में जवाबदेही
नगरसेवक जनता की समस्याएं सदन में उठाने के लिए उत्तरदायी होते हैं. नागरिकों और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं. कार्यकाल के दौरान विकास कार्यों की प्रगति के लिए जनता के प्रति जवाबदेह रहते हैं. साथ ही उन्हें शहरवासियों की सुविधा के लिहाज से स्थानीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त करने का काम करना होता है. जिसके तहत रिहायशी बस्तियों की अंदरूनी सड़कों का निर्माण और मरम्मत, नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक शौचालय और उद्यानों का रखरखाव आदि कामों का समावेश रहता है.

* संपत्ति कर है आय का मुख्य स्त्रोत
अमरावती महानगर पालिका के लिए संपत्ति कर ही आय का सबसे बडा व लगभग एकमात्र प्रमुख स्त्रोत है. जिसके चलते विगत कुछ वर्षों के दौरान अमरावती महानगर पालिका ने संपत्ति कर की शत-प्रतिशत वसूली पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देना शुरु किया है. साथ ही साथ मनपा क्षेत्र में स्थित संपत्तियों का नए सिरे से सर्वेक्षण करते हुए उन्हें कर निर्धारण के दायरे में भी लाया गया. जिसकी वजह से जहां पहले 100 करोड रुपए का टार्गेट रहने पर बमुश्किल 40-50 फीसद कर वसूल हो पाती है. वहीं अब अमरावती मनपा क्षेत्र में स्थित करीब एक से सवा लाख संपत्तियों से करीब 350 करोड रुपयों के संपत्ति कर की वसूली का लक्ष्य तय किया या है. जिसमें से अमरावती मनपा द्वारा अब तक करीब 200 करोड से अधिक का संपत्ति कर वसूल किया जा चुका है. साथ ही साथ बकाया रहनेवाले संपत्ति कर की वसूली के लिए भी मनपा द्वारा प्रभावी अभियान चलाते हुए शहरवासियों को संपत्ति कर की अदायगी हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है. ताकि, मनपा की आर्थिक स्थिति सुधरे और उन्हीं पैसों से शहर में विविध विकास कार्य किए जा सके.

* जन्म-मृत्यू पंजीयन के साथ ही स्मशान व कब्रस्तान का भी प्रबंधन
महानगर पालिका द्वारा शहर में पैदा होनेवाले प्रत्येक बच्चे के जन्म का रिकॉर्ड रखने के साथ ही शहर में होनेवाली प्रत्येक मृत्यू का भी रिकॉर्ड रखा जाता है. जिसके लिए मनपा अंतर्गत जन्म-मृत्यू पंजीयन विभाग कार्यरत है. इसके साथ ही मनपा द्वारा विविध जाति व धर्मों की आस्था के अनुरुप शहर में स्मशानभूमि व कब्रस्तान हेतु जमीन आवंटित करने के साथ ही वहां पर तमाम तरह की सुविधाओं का प्रबंध भी किया जाता है. साथ ही ऐसे स्मशान घाटों व कब्रस्तानों की देखरेख का जिम्मा अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं के सुपूर्द भी किया जाता है.

* नक्शों की मंजूरी व एनओसी की भी जिम्मेदारी
अमरावती शहर में छोटे-बडे आकार वाले रिहायशी व व्यवसायिक निर्माण कार्यो के लिए आम नागरिकों को निर्माण शुरु करने से पहले अमरावती मनपा से संबंधित निर्माण कार्य का नक्शा पास कराना होता है. जिसके लिए अमरावती मनपा अंतर्गत सहायक संचालक नगर रचना विभाग कार्यरत है. जो विकास योजना यानि डेवलपमेंट प्लान के अनुसार तमाम तरह के निर्माण कार्यो को मंजूरी देने के साथ ही कंप्लीशन सर्टीफिकेट (सीसी) व ऑक्युपेंसी सर्टीफिकेट भी जारी करती है. इसके अलावा अमरावती शहर में किसी भी तरह का व्यवसाय करने हेतु मनपा के बाजार परवाना विभाग से अनुज्ञप्ति प्राप्त करनी होती है. साथ ही साथ सभी अस्पतालों, होटलों व उंची रिहायशी अथवा व्यवसायिक इमारतों के लिए मनपा से फायर ऑडिट कराते हुए सुरक्षा संबंधी उपायों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र यानि एनओसी हासिल करनी होती है. इन तमाम कामों पर नजर रखने और इनके लिए आम नागरिकों को जरुरी सहायता उपलब्ध कराने का जिम्मा नगरसेवकों का होता है.

* सोच-समझकर चुने अपने जनप्रतिनिधि
महानगरपालिका का नगरसेवक शहर की दैनिक जीवन व्यवस्था से सीधे जुड़ा जनप्रतिनिधि होता है. इसलिए मतदाताओं के लिए आवश्यक है कि वे चुनाव में ऐसे प्रत्याशी का चयन करें, जो प्रशासनिक समझ, विकास दृष्टि और जनसंपर्क क्षमता रखता हो.

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