अमरावती में ‘आरटीई’ प्रवेश प्रक्रिया को लगा ब्रेक
शासन स्तर पर शाला घटने की संभावना

* पालकों को करनी पड रही प्रतीक्षा
अमरावती/ दि. 11 – आर्थिक रूप से दुर्बल घटक के विद्यार्थियों के लिए निजी शालाओं में 25 प्रतिशत नि:शुल्क प्रवेश देने वाली ‘आरटीई’ योजना अंतर्गत इस बार प्रवेश प्रक्रिया को ब्रेक लगा है. शालाओं का पंजीयन होकर जगह भी निश्चित किए जाने पर भी शासन स्तर पर तीन वर्ष की अपेक्षा कम कालावधि शालाओं को अपात्र ठहराकर उनकी संख्या घटाने की प्रक्रिया शुरू रहने के चलते प्रवेश पर रोक लगी है. परिणामस्वरूप प्रवेश प्रक्रिया की प्रतीक्षा पालकों को करनी पड रही है.
इस वर्ष ‘आरटीई’ प्रवेश प्रक्रिया जनवरी माह से शुरू की गई थी. पहले चरण में जिले की शालाओं का पंजीयन पूर्ण होने के बाद अब प्रत्यक्ष रूप में प्रवेश प्रक्रिया की अपेक्षा पालकों द्बारा व्यक्त की जा रही है. कुछ शालाओं को अपात्र ठहराए जाने की कार्रवाई शुरू रहने की वजह से अगला चरण लंबित होने की संभावना निर्माण हुई है. जिले में कुल 7, 644 विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता हैं. उसमें से 2,545 जगह ‘आरटीई’ अंतर्गत आरक्षित रखी गई थी. फिलहाल 227 शालाओं में प्रवेश प्रक्रिया चलाई जा रही है.
तहसील निहाय देखा जाए तो मनपा में सर्वाधिक 683 जगह रिक्त हैं. वहीं वरूड तहसील में 251, अमरावती ग्रामीण में 242, दर्यापुर में 218, अचलपुर में 214, चांदुर बाजार में 192, मोर्शी में 172, धामणगांव रेलवे तहसील में 106 जगह उपलब्ध है. इसके अलावा चांदुर रेलवे में 63, नांदगांव खंडेश्वर में 70, तिवसा में 94, अंजनगांव सुर्जी में 129, भातकुली में 60 जगह रिक्त है तथा मेलघाट की धारणी तहसील में 74 एवं चिखलदरा तहसील में केवल 4 जगह उपलब्ध हैं. शासन के अंतिम निर्णय की ओर सभी की निगाह लगी हुई है. प्रवेश प्रक्रिया को लेकर पालकों में संभ्रम है.





